August 02, 2017

हम जब सिमट के आपकी बांहों में आ गए (वक़्त -1965) Hum jab simat ke aapki bahon men aa gaye (Waqt -1965)

हम जब सिमट के आपकी बांहों में आ गए  
लाखों हसीन ख़्वाब निगाहों में आ गए

ख़ुशबू चमन को छोड़ के सांसों में घुल गई
लहरा के अपने-आप जवां ज़ुल्फ़ खुल गई
हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए

कह दी है दिल की बात नज़ारों के सामने
इक़रार कर लिया है बहारों के सामने
दोनों ज़हान आज गवाहों में आ गए

मस्ती भरी घटाओं की परछाइयों तले
हाथों में हाथ थाम के जब साथ हम चले
शाख़ों से फूल टूट के राहों में आ गए

[Composer : Ravi; Singer : Asha Bhonsle, Mahendra Kapoor; Producer : B.R.Chopra; Director : Yash Chopra; Actor : Sunil Dutt, Sadhna] 

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