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October 25, 2020

बने ऐसा समाज, मिले सबको अनाज (बहू रानी - 1963) Bane aisa samaaj, mile sabko anaaj (Bahu Rani - 1963)

बने ऐसा समाज, मिले सबको अनाज

न हो लूट, न हो फूट, न हो झूठ

तो जी कैसा हो, कैसा हो कैसा हो ?

 

जागे सबका नसीब, न हो कोई गरीब

मिटे रोग, भूले सोग, सभी लोग

तो जी कैसा हो, कैसा हो कैसा हो ?

 

न हो मेहनत पे धन का इजारा

सब करें अपने बल पर गुजारा

भेद और भाव मिट जाए सारा

आदमी आदमी को हो प्यारा

कोई उंच और नीच    

न हो दुनिया के बीच

न हो जात, न तो पात, रहे साथ

तो जी कैसा हो, कैसा हो कैसा हो ?

 

दीन और धर्म मांगे न चंदे

एक हो जाएं धरती के बंदे

टूट जाएं रिवाजों के फंदे

बंद हो जाएं चोरी के धंधे

मिटे काला बाज़ार

पड़े झूठे को मार

खुले पोल, फटे ढ़ोल, घटे मोल

तो जी कैसा हो, कैसा हो कैसा हो ?

 

सारे जग में हो सुख का सवेरा

जाए जुग-जुग का बोझल अंधेरा

कोई झगड़ा न हो तेरा मेरा

न हो देशों में जंग

रहे सब एक संग

बुझे आग, मिटे लाग, छिड़े राग

तो जी कैसा हो, कैसा हो कैसा हो ?

[Composer ; C.Ramachandra; Singer : , Lata Mangeshkar, Asha Bhonsle, Manna Dey  Actor : Guru Dutt]

July 30, 2017

धरती माँ का मान हमारा प्यारा लाल निशान (समाज को बदल डालो - 1970) Dharti Maa ka maan hamara, pyara laal nishan ( Samaj Ko Badal Dalo - 1970)

धरती माँ का मान हमारा प्यारा लाल निशान
नवयुग की मुस्कान हमारा प्यारा लाल निशान

पूंजीवाद से दब न सकेगा ये मजदूर किसान का झण्डा
मेहनत का हक ले के रहेगा, मेहनत इंसान का झण्डा
योद्धा और बलवान हमारा, प्यारा लाल निशान

इस झंडे से सांस उखड़ती चोर मुनाफाखोरों की
जिन्होंने इन्सानों की हालत कर दी डंगर ढोरों की
उनके खिलाफ ऐलान हमारा, प्यारा लाल निशान

फ़ैक्टरियों के धूल धुयेँ में हमने खुद को पाला
खून पिलाकर लोहे को इस देश का भार संभाला
मेहनत के इस पूजा-घर पर पड़ न सकेगा ताला
देश के साधन देश का धन हैं, जान ले पूंजीवाला
जीतेगा मैदान हमारा, प्यारा लाल निशान

(Composer : Ravi, Singer : Md. Rafi, Manna Dey, Producer : Gemini Arts, Director : V.Madhusudan Rao, Actor : Parikshit Sahni, Mehmood, Pran, Prem Chopra)

November 22, 2016

ऐ मेरी ज़ोहरा-जबीं (वक्त -1965) Aye meri zohare-jabeen (Waqt-1965)

ऐ मेरी ज़ोहरा-जबीं, तुझे मालूम नहीं
तुझ पे क़ुरबान मेरी जान मेरी जान
तो अभी तक है हसीं और मैं जवां  

ये शोखियाँ ये बाँकपन जो तुझ में है, कहीं नहीं
दिलों को जीतने का फन जो तुझ में है, कहीं नहीं
मैं तेरी आंखों में पा गया दो जहां

तू मीठे बोल जानेमन जो मुस्कुरा के बोल दो
तो धडकनों में आज भी शराबी रंग घोल दे
ओ सनम! मैं तेरा आशिक-ए-जां-विदां

 [Composer : Ravi;  Singer : Manna Dey;  Producer : B.R.Chopra;  Director : Yash Chopra;  Actor : Balraj Sahni]

May 21, 2015

क्रोध कपट के अंधियारे में (अरमान -1953) Krodh kapat ke andhiyare men (Armaan -1953)

क्रोध कपट के अंधियारे में जीवन ज्योत जगाये जा
आते जाते सांस की धुन पे हरी नाम गुण गाये जा  

क्या ढूंढे बस्ती और बन में
प्रभु  तेरा  है  तेरे  मन में
दर-दर अलख जगाने  वाले
भीतर  खोज  लगाये  जा
क्रोध कपट के अंधियारे में जीवन ज्योत जगाये जा

ये जीवन करमों की खेती
जो बीजो तो ही फल देती
इस दुनिया में दान दिये जा
उस  दुनिया  में  पाये  जा
क्रोध कपट के अंधियारे में जीवन ज्योत जगाये जा

ये जग है दो दिन का ठिकाना
जोगी  रे  तोहे  दूर  है जाना
तोड़  के मायाजाल  के  बंधन
लौ  ईश्वर  से   लगाये   जा
क्रोध कपट के अंधियारे में जीवन ज्योत जगाये जा

 
 [Composer :  S D Burman, Singer : Manna Dey, Producer : F.Tech of India, Director : Fali Mistry]

November 30, 2014

उस जान-ए-दो-आलम का जलवा (नवाब साहब – 1978) Us jaan-e-do alam ka jalwa (Nawab Sahib -1978)

उस जान-ए-दो-आलम का जलवा 
पर्दे में भी है, बेपर्दा भी है 
गुस्ताख़ निगाहों का काबा  
पर्दे में भी है, बेपर्दा भी है | 
 
बैचेन रहे आशिक की नज़र 
थोड़ी सी मगर तस्कीन भी हो
उस पर्दानशीं का ये मंशा
अरे पर्दे में भी है, बेपर्दा भी है |
 
क्या हुस्न-ए-जमीं, क्या रंग-ए-फ़लक 
सब उसके करिश्मों की है झलकतारों में बसा है नूर उसका
फूलों में बसा है रंग उसका
हर रूप में शामिल रूप उसका
हर ढंग में शामिल ढंग उसका 
क्या हुस्न-ए-जमीं, क्या रंग-ए-फ़लक 
सब उसके करिश्मों की है झलक |
 
अव्वल भी वही, आखिर भी वही
ओझल भी वही, जाहिर भी वही
मंसूर वही, सरमद भी वही
लाहद भी वही, फरहद भी वही 
शोला भी वही, शबनम भी वही
सच ये है कि है खुद हम भी वही 
मख़लूक़ से ख़ालिक़ का रिश्ता
पर्दे में भी है, बेपर्दा भी है |
 
वो मालिक-ए-गुल महबूब मेरा
सुनता है हर इक धड़कन की सदा
जब उसका इशारा होता है 
तक़दीर संवरने लगती है 
मुद्दत के तरसते ख्वाबों की 
ताबीर उभरने लगती है 
वो मालिक-ए-गुल महबूब मेरा
सुनता है हर एक धड़कन की सदा |
सजदे में झुका कर सर अपना
मांगे जो कभी इंसान दुआ
हो जाती है हर मुश्किल आसां 
मिल जाती है दर्द-ए-दिल की दवा
वो मालिक-ए-गुल महबूब मेरा
सुनता है हर धड़कन की सदा
है उसकी ये खास-ओ-खास अदा
पर्दे में भी है, बेपर्दा भी है |
 

[Composer : C.Arjun, Singer :Md.Rafi, Manna Dey,  Producer : Satram Rohra, Director : Rajinder Singh Bedi, Actor : Parikshit Sahni, Rehana Sultan]
 

June 21, 2012

साथी रे, भाई रे (चार दिल चार राहें -1959) sathi re, bhai re (Char dil char rahen- 1959 )

साथी रे, भाई रे
क़दम क़दम से दिल से दिल मिला रहे हैं हम
वतन में एक नया चमन खिला रहे हैं हम |

साथी रे, भाई रे
हम आज नींव रख रहे हैं उस निजाम की
बिके न ज़िन्दगी जहाँ किसी ग़ुलाम की
लुटे न मेहनते पिसे हुए आवाम की
भर सके तिजोरियाँ कोई हराम की
साथी रे भाई रे
हर एक ऊँच-नीच को मिटा रहे हैं हम
क़दम क़दम से.. ...


साथी रे भाई रे
हमारे बाजुओं में आँधियों का ज़ोर है
हमारी धड़कनों में बादलों का शोर है
हमारे हाथ में वतन की बागडोर है
बच के जा सकेंगे जिनके दिल में चोर है
साथी रे भाई रे
सुनो कि अपना फ़ैसला सुना रहे हैं हम
क़दम क़दम से ..

साथी रे भाई रे
उठा लिया है अब समाजवाद का निशान
अलग थलग न होंगे हमारी खेतियाँ
चलेंगीं सबके वास्ते मिलों की चरखियां
जमीन से आसमान तलक उठेगीं चिमनियाँ
साथीरे भाई रे
कहा था जो वो कर के अब दिखा रहें हैं हम
क़दम क़दम से ..

साथी रे भाई रे
उठे वो नौजवान जिनको प्यार चाहिए
बढे वो दुल्हने जिन्हे श्रृंगार चाहिए
चले वो गुलसितां जिन्हे निखार चाहिए
सुने वो बस्तियां जिन्हें बहार चाहिए
साथी रे भाई रे
कि जिंदगी को उसका हक़ दिला रहें हैं हम
क़दम क़दम से ...

साथी रे भाई रे
ये रास्ता सुनहरी मंजिलों को जायेगा
ये रास्ता ख़ुशी की बस्तियां बसाएगा
बिछुड़ गए थे जो उन्हे करीब लाएगा
ये रास्ता वो हैं जो दिल से दिल मिलाएगा
साथी रे भाई रे
कि अब तमाम फासले मिटा रहे हैं हम |
क़दम क़दम से ...

साथी रे भाई रे
विदेशी लूट की जगह हो देसी लूट क्यों
सफ़ेद झूठ की जगह सियाह झूठ क्यों
वतन सभी का है तो फिर वतन में फूट क्यों
समाज के दुश्मनों को मिल रही है छूट क्यों
साथी रे भाई रे
खुली सभा में ये सवाल उठा रहे हैं हम
क़दम क़दम से दिल से दिल मिला रहे हैं हम
वतन में एक नया चमन खिला रहे हैं हम



[Singer : Manna Dey, Meena Kapoor, Lata Mangeshkar, Mukesh & Mahender Kapoor, Composer : Anil Biswas,   Producer/Director : Khwaja Ahmad Abbas,   Actor : Raj Kapoor, Meena Kumari, Shammi Kapoor, Kumkum, Nimmi]