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July 10, 2017

गापुची-गापुची गम-गम (त्रिशूल - 1978) Gapuchi-gapuchi gam-gam (Trishul -1978)

गापुची-गापुची गम-गम
किशिकी-किशिकी कम-कम
ओ सनम! हम दोनों साथ रहे जनम-जनम

फूलों जैसा चेहरा, डाली जैसा तन है
तेरी ही अमानत, हर धड़कन है
आ भी जा! बाहों में, प्यार का हो संगम

जादू भरी आंखें, ख्वाबों के खजाने
महकी-महकी साँसे, बातें हैं तराने
आ भी जा! बाहों में, प्यार का हो संगम

जागे-जागे अरमान, भीगा-भीगा मौसम
दिलों की ये हलचल, बूंदों की ये छम-छम
आ भी जा! बाहों में, प्यार का हो संगम 

[Composer : Khayyam, Singer : Lata Mangeshkar, Nitin Mukesh, Producer : Gulshan Rai, Director : Yash Chopra, Actor : Poonam Dhillon, Sachin] 

मुहब्बत बड़े काम की चीज़ है (त्रिशूल - 1978) Muhabbat bade kaam ki cheez hai (Trishul -1978)

हर तरफ़ हुस्न है जवानी है, आज की रात क्या सुहानी है
रेशमी जिस्म थरथराते हैं,  मरमरी ख़्वाब गुनगुनाते हैं
धड़कनों में सुरूर फैला है,  रंग नजदीक--दूर फैला है
दावत--इश्क़ दे रही है फ़ज़ा,  आज हो जा किसी हसीं पे फ़िदा
मुहब्बत बड़े काम की चीज़ है, काम की चीज़ है

मुहब्बत के दम से है दुनिया की रौनक
मुहब्बत ना होती तो कुछ भी ना होता
नजर और दिल की पनाहों की खातिर
ये जन्नत ना होती तो कुछ भी ना होता
यही एक आराम की चीज़ है,  काम की चीज़ है

     किताबों में छपते हैं चाहत के किस्से
     हक़ीकत की दुनिया में चाहत नहीं
     ज़माने के बाज़ार में ये वो शह है
     कि जिसकी किसी को  ज़रूरत नहीं है
     ये बेकार, बेदाम की चीज़ है
ये कुदरत के इनाम की चीज़ है
            ये बस नाम ही नाम की चीज़ है

मुहब्बत से इतना खफ़ा होने वाले
चल आ! आज तुझको मुहब्बत सिखा दे
तेरा दिल जो बरसों से वीरां पड़ा है
किसी नाज़नीनां को इसमें बसा दें
मेरा मशवरा काम की चीज़ है, काम की चीज़ है 

[Composer : Khayyam, Singer : Lata Mangeshkar, Kishore Kumar, Yesudas, Producer : Gulshan Rai, Director : Yash Chopra, Actor : Amitabh Bachchan, Hema Malini, Shashi Kapoor, Rakhi] 

September 02, 2014

आप की महकी हुई ज़ुल्फ़ (त्रिशूल - 1978) Aapki mahki hui zulf (Trishul -1978)

आप की महकी हुई ज़ुल्फ़ को कहते हैं घटा
आप की मदभरी आँखों को कंवल  कहते हैं |


मैं तो कुछ भी नहीं तुम को हसीं लगती हूँ
इसको चाहत भरी नज़रों का अमल कहते हैं |

एक हम ही नहीं सब देखने वाले तुम को
संग-ए-मरमर  पे लिखी शोख़ ग़ज़ल कहते हैं |

ऐसी बातें न करो जिनका यक़ीं मुश्किल हो
ऐसी तारीफ़ को नीयत का खलल  कहते हैं |

मेरी तक़दीर कि तुम ने मुझे अपना समझा
इसको सदियों की तमन्नाओं का फल कहते हैं |

[Composer : Khayyam, Singer : Lata Mangeshkar, Yashudas, Producer : Gulshan Rai, Director : Yash Chopra, Actor : Sanjeev Kumar, Wahida Rehman]