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July 22, 2011

जाने वो कैसे लोग थे (प्यासा- 1957) Jane wo kaise log the (Pyaasa- 1957)

जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला
हमने तो जब कलियाँ मांगी काँटों का हार मिला । 
 
खुशियों की मंजिल ढूँढी तो गम की गर्द मिली
चाहत के नगमे चाहे तो आंहें सर्द मिली
दिल के बोझ को दूना कर गया जो गमख्वार मिला
हमने तो जब कलियाँ मांगी काँटों का हार मिला । 
 
बिछड़ गया हर साथी दे कर पल दो पल का साथ
किसको फुर्सत है जो थामे दीवानों का हाथ
हमको अपना साया तक अक्सर बेजार मिला
हमने तो जब कलियाँ मांगी काँटों का हार मिला । 
 
इसको ही जीना कहते है तो यूँ ही जी लेंगे
उफ़ न करेंगे, लब सी लेंगे, आँसू पी लेंगे
गम से अब घबराना कैसा, गम सौ बार मिला
हमने तो जब कलियाँ मांगी काँटों का हार मिला । 
 
[Composer : S.D.Burman;  Singer : Hement Kumar;  Producer/Director : Guru Dutt;   Actor : Guru Dutt,  Rahman, Mala Sinha]



May 15, 2011

ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है (प्यासा-1957) Yeh Duniya Agar Mil Bhi Jaaye To Kya Hai (Pyaasa-1957)

ये  महलों, ये तख्तों, ये ताजों की दुनिया,
ये इंसान के दुश्मन समाजों की दुनिया,
ये दौलत के भूखे रवाजों की दुनिया,
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है .

हर इक जिस्म घायल, हर इक रूह प्यासी
निगाहों में उलझन, दिलों में उदासी
ये दुनिया है या आलम-ए-बदहवासी
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है .

यहाँ इक खिलौना है इसां की हस्ती
ये बस्ती हैं मुर्दा परस्तों  की बस्ती
यहाँ पर तो जीवन से है मौत सस्ती
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है .

जवानी भटकती हैं बदकार बन कर
जवान जिस्म सजते है बाज़ार बन कर
यहाँ प्यार होता है व्योपार  बन कर
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है .

ये दुनिया जहाँ आदमी कुछ नहीं है
वफ़ा कुछ नहीं, दोस्ती कुछ नहीं है 
जहाँ प्यार की कद्र कुछ नहीं है  
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है .

जला दो इसे फूक डालो ये दुनिया
जला दो, जला दो, जला दो
जला दो इसे फूक डालो ये दुनिया
मेरे सामने से हटा लो ये दुनिया
तुम्हारी है तुम ही संभालो ये दुनिया
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है .

[Music : S.D.Burman;  Singer : Md. Rafi;  Producer/Director : Guru Dutt;   Actor : Guru Dutt, Wahida Rehman, Mala Sinha, Rahman]


April 22, 2011

आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम (फिर सुबह होगी -1958) Aasmaan pe hai khuda aur zami pe hum (Phir subah hogi-1958)

आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम
आज कल इस तरफ देखता है  कम ..
आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम

आजकल किसी को वो टोकता नहीं
चाहे कुछ भी कीजिये रोकता नहीं
हो रही है लूटमार फट रहें हैं बम
आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम
आज कल इस तरफ देखता है  कम ..


किसको भेजे वो यहाँ खाक छानने
इस तमाम भीड़ का हाल जानने
आदमी हैं अनगिनत देवता हैं कम
आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम
आज कल इस तरफ देखता है  कम ..


जो भी है वो ठीक है फिर्क क्यों करे
हम ही सब जहान की फ़िक्र क्यों करें
जब उसे ही गम नहीं तो क्यों हमें हो  गम
आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम
आज कल इस तरफ देखता है  कम ..

[Singer : Mukesh;  Composer : Khayyam;   Producer : Parijat Pictures;  Director: Ramesh Saigal; Artist : Raj Kapoor, Rahman ]