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January 05, 2014

अब कोई गुलशन ना उजड़े (मुझे जीने दो-1963) Ab koi gulshan na ujdey (Mujhe jeene do-1963)

अब कोई गुलशन ना उजड़े अब वतन आज़ाद है
रूह गंगा की हिमालय का बदन आज़ाद है |

खेतियाँ सोना उगाएं, वादियाँ मोती लुटाएं
आज गौतम की ज़मीं, तुलसी का बन आज़ाद है |

दस्तकारों से कहो, अपनी हुनर मंदी दिखाएं 
उंगलियां कटती थीं जिसकी, अब वो फ़न आज़ाद है । 

मंदिरों में शंख बाजे, मस्जिदों में हो अज़ान
शेख का धर्म और दीन--बरहमन आज़ाद है |

लूट कैसी भी हो अब इस देश में रहने पाए
आज सबके वास्ते धरती का धन आज़ाद है |


[Composer : Jaidev; Singer : Md.Rafi, Producer ; Sunil Dutt;  Director ; Moni Bhattacharjee]

 [Note on Sahir : The third para was not used in movie.  It is taken from 'Gata Jaya Banjara', the collection of songs of Sahir.
 

July 22, 2011

रात भी है कुछ भीगी भीगी (मुझे जीने दो -1963) Raat bhi hai kuch bheegi bheegi (Mujhe jine do -1963)

रात भी है कुछ भीगी भीगी,
चाँद भी है कुछ मद्धम मद्धम
तुम आओ तो आँखें खोलें
सोई हुई पायल की छम-छम 
छम-छम, छम-छम, छम-छम, छम-छम .

किसको बताएँ कैसे बताएँ
आज अजब है दिल का आलम
चैन भी है कुछ हल्का-हल्का
दर्द भी है कुछ मद्धम-मद्धम
छम-छम, छम-छम, छम-छम, छम-छम .

तपते दिल पर यूं गिरती है
तेरी नज़र से प्यार की शबनम
जलते हुए जंगल पर जैसे
बरखा बरसे रुक-रुक थम-थम
छम-छम, छम-छम, छम-छम, छम-छम .

होश में थोड़ी बेहोशी है
बेहोशी में होश है कम-कम
तुझको पाने की कोशिश में
दोनों जहां से खोये गए हम
छम-छम, छम-छम, छम-छम, छम-छम .  

[Music : Jaidev; Singer : Lata Mangeshkar; Producer ; Sunil Dutt;  Director ; Moni Bhattacharjee; Actor ; Sunil Dutt, Wahida Rehman]



तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूँ (मुझे जीने दो-1963) Tere bachpan ko jawani ki dua deti hoon (Mujhe jine do-1963)

तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूँ
और दुआ देके परेशान सी  हो जाती हूँ |

मेरे  मुन्ने मेरे गुलज़ार के नन्हे पौधे
तुझको हालत की आंधी से बचाने के लिए
आज मैं प्यार के आँचल में छुपा लेती हूँ
कल ये कमजोर सहारा भी न हासिल होगा
कल तुझे काँटों भरी राहों पे चलाना होगा
जिंदगानी की कड़ी धूप में जलना होगा
तेरे बचपन  को  जवानी की दुआ देती हूँ |

तेरे माथे पे शराफत की कोई मोहर नहीं
चंद बोसें हैं मुहब्बत के, सो भी क्या हैं
मुझ सी माओं  की  मुहब्बत  का  कोई  मोल  नहीं
मेरे  मासूम  फ़रिश्ते  तू   अभी क्या जाने
तुझको किस किसके गुनाहों की सजा मिलनी 
है
दीन और धर्म के मारे हुए इंसानों की
जो नज़र मिलनी है तुझको वो खफा मिलनी है
तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूँ
और दुआ देके परेशान सी  हो जाती हूँ |
बेड़ियाँ लेके लपकता हुआ कानून का हाथ
तेरे माँ-बाप से जब तुझको मिली ये सौगात
कौन लाएगा तेरे वास्ते खुशियों  की बारात
मेरे बच्चे तेरे अंजाम से जी डरता है
तेरी दुश्मन ही न साबित हो जवानी तेरी
काँप जाती  है जिसे सोच के ममता मेरी
उसी अंजाम को पहुंचे न कहानी तेरी
तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूँ
और दुआ देके परेशान सी हो जाती हूँ |

[Music : Jaidev; Singer : Lata Mangeshkar; Producer ; Sunil Dutt;  Director ; Moni Bhattacharjee; Actor ; Sunil Dutt, Wahida Rehman]