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November 22, 2014

हर वक्त तेरे हुस्न का (चिंगारी -1971) Har waqt tere husn (Chngari -1971)

हर वक्त तेरे हुस्न का होता है समां और
हर वक्त मुझे चाहिए अंदाजे बयां और |

फूलों सा कभी नर्म है, शोलों सा कभी गर्म
मस्ताना अदा में कभी शोख़ी है, कभी शर्म
हर सुबह गुमां और है, हर रात गुमां और
हर वक्त तेरे हुस्न का होता है समां और |

भरने नहीं पाती तेरे जलवों से निगाहें
थकने नहीं पातीं तुझे लिपटा के ये बाहें
छू लेने से होता है तेरा जिस्म जवां और
हर वक्त तेरे हुस्न का होता है समां और |

[Composer : Ravi, Singer : Mahender kapoor Producer : Pannalal Maheswary, Director : Ram Maheswary, Actor : Sanjay Khan, Leena Chandavarkar]
 

May 21, 2014

ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा (काजल -1965) Ye zulf agar khul ke bikhar jaye to achchha (Kaajal -1965)

ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा
इस रात की तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा |

जिस तरह से थोड़ी सी तेरे साथ कटी है
बाक़ी भी उसी तरह गुज़र जाए तो अच्छा |

दुनिया की निगाहों में भला क्या है बुरा क्या
ये बोझ अगर दिल से उतर जाए तो अच्छा |

वैसे तो तुम्हीं ने मुझे बर्बाद किया है
इल्ज़ाम किसी और के सर जाए तो अच्छा |

[Composer : Ravi, Singer : Md. Rafi, Production : Kalpanalok; Direction :Ram Maheshwary, Actor : Raj Kumar, Helen]

 

मुद्दत की तमन्नाओं का सिला जज्बात को अब मिल जाने दो (काजल -1965) Muddat ki tammanaon ka sila jajbaat ko ab mil jane do (Kaajal -1965)

मुद्दत की तमन्नाओं का सिला जज्बात को अब मिल जाने दो
जिस तरह मिली है दो रूहें , उस तरह से लब मिल जाने दो |

सीने से हटा दो आँचल को, साने से झटक दो जुल्फों को
जाती हुई रंगीन घड़ियों को रुकने का सबब मिल जाने दो |

इन पाक गुनाहों की घड़ियाँ आती है मगर हर रात नहीं
इस रात में सब खो जाने दो, इस रात में सब मिल जाने दो |

[Singer : Mahender Kapoor,Composer : Ravi, Production : Kalpanalok; Direction :Ram Maheshwary, Actor : Dharmender, Padmini]
 

December 31, 2013

शरमा के यूँ न देख अदा के मक़ाम से (नीलकमल -1968) Sharma ke yun na dekh ada ke makam se (Neelkamal -1968)

शरमा के यूँ न देख अदा के मक़ाम से
अब बात बढ़ चुकी है हया के मक़ाम से |

तस्वीर खींच ली है तेरे शोख़ हुस्न की
मेरी नज़र ने आज ख़ता के मक़ाम से |

दुनिया को भूल कर मेरी बाँहों में झूल जा
आवाज़ दे रहा हूँ वफ़ा के मक़ाम से |

दिल के मुआमले में नतीज़े की फ़िक़्र क्या
आगे है इश्क़ ज़ुर्म-ओ-सज़ा के मक़ाम से |

[Music : Ravi,  Singer : Md. Rafi,  Producer : Pannalal Maheshwary,  Director : Ram Maheshwary, Actor :Rajkumar, Wahida Rehman]
 

December 30, 2013

वो ज़िन्दगी जो थी अब तेरी पनाहों में (नीलकमल -1968) Woh Zindagi Jo Thi Ab Tak Teri Panahon Mein (Neelkamal -1968)

वो ज़िन्दगी जो थी अब तेरी पनाहों में
चली है आज भटकने उदास राहों में |

तमाम उम्र के रिश्ते घड़ी में ख़ाक़ हुए
न हम हैं दिल में किसी के न हैं निगाहों में |

ये आज जान लिया अपनी कमनसीबी ने
कि बेग़ुनाही भी शामिल हुई ग़ुनाहों में |

किसी को अपनी ज़रूरत न हो तो क्या कीजे
निकल पड़े हैं सिमटने क़ज़ा की बाँहों में |

[Music : Ravi,  Singer : Asha Bhonsle, Producer : Pannalal Maheshwary,  Director : Ram Maheshwary, Actor : Wahida Rehman, Manoj Kumar]

November 16, 2013

मरता है कोई तो मर जाये (चंबल की कसम - 1979) Marta hai koi to mar jaye (Chambal ki Kasam -1979)

मरता है कोई तो मर जाये, हम अपना निशाना क्यों छोड़े 
दिलवाले बचाएँ दिल अपना, हम तीर चलाना क्यों छोड़े |

मजबूर ना हो तो इश्क ही क्या, मगरूर ना हो तो हुस्न ही क्या
तुम हमको मनाना क्यों छोडो, हम तुमको सताना क्यूँ छोड़े |

जो हमको नसीहत करते है, वो अपना जमाना देख चुके
हम पर भी जवानी आई है, हम अपना जमाना क्यूँ छोड़े । 

दुनिया तो हमारे सामने हैं, जन्नत का पता क्या हो कि ना हो 
जन्नत में छुपी दौलत के लिए, दुनिया का खज़ाना क्यूँ छोड़े । 


[Composer : Khayyam, Singer : Lata Mangeshkar,  Director : Ram Maheshwari, Actor : Rajkumar, Satrughan Sinha, Mausami Chaterjee]

कुछ और बहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना (चंबल की कसम -1979) Kuch der bahak jaun, tab mere kareeb aana (Chambal ki kasam -1979)

कुछ और बहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना
खिल जाऊँ, महक जाऊँ, तब मेरे करीब आना |

कम-कम है अभी नशा, कम-कम है अभी मस्ती 
थोड़ी सी अभी पी है, थोड़ी सी अभी ली है 
हसरत अभी बाकी है, तू आज का साकी है 
पीने दे पिलाने दे, कुछ रंग पे आने दे 
कम-कम है अभी नशा, कम-कम है अभी मस्ती
कुछ और बहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना | 
 
मचले हुए इस दिल को, कुछ और मचलने दे 
ऐसी जल्दी भी है क्या, गर्म होने दे फज़ा  
रात ढलने दे जरा, शौक पलने दे जरा
डगमगाने दे बदन, तेज होने दे लगन 
मचले हुए इस दिल को, कुछ और मचलने दे 
लहराऊँ लहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना 
कुछ और बहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना । 
 
रग-रग में उतरने दे, जज्बात की गर्मी को 
दिल और धड़कने दे, आग और भड़कने दे 
तब हुस्न जवां होगा आलम ही जुदा होगा 
रग रग में उतरने दे जज्बात की गर्मी को 
शोला सी दहक जाऊँ , तब मेरे करीब आना 
कुछ और बहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना । 
 

[Composer : Khayyam, Singer : Lata Mangeshkar, Director : Ram Maheshwari, Actor : Mausami Chaterjee, Ranjit, Rajkumar]

 

शेर का हुस्न हो, नगमे की जवानी हो तुम (चम्बल की कसम -1979) Sher ka husn ho, nagme ki jawani ho tum (Chambal ki Kasam -1979)

शेर का हुस्न हो, नगमे की जवानी हो तुम 
एक धड़कती हुई शादाब कहानी हो तुम । 



आंख ऐसी कि कंवल तुमसे निशानी मांगे
जुल्फ ऐसी कि घटा शर्म से पानी मांगे 
जिस तरफ से भी नजर डालो सुहानी हो तुम 
शेर का हुस्न हो, नगमे की जवानी हो तुम । 


जिस्म ऐसा कि अजन्ता का अमल याद आये 
संग-ए-मरमर में ढला ताजमहल याद आये 
पिघले-पिघले हुए रंगों की रवानी हो तुम 
शेर का हुस्न हो, नगमे की जवानी हो तुम । 

धडकने बुनती है जिसको वो तराना हो तुम 
सच कहो किसके मुकद्दर  का खज़ाना हो तुम 
मुझपे माईल हो कि दुश्मन की दीवानी हो तुम 
शेर का हुस्न हो नगमे की जवानी हो तुम | 


[Composer : Khayyam, Singer : Md. Rafi, Director : Ram Maheshwari, Actor : Satrughan Sinha, Mausami Chaterjee]
 
 

सिमटी हुई ये घड़ियाँ (चम्बल की कसम -1979) Simti hui ye ghadiyan (Chambal ki Kasam -1979)

 सिमटी हुई ये घड़ियाँ, फिर से न बिखर जायेँ
इस रात में जी लें हम, इस रात में मर जायेँ । 

अब सुबह न आ पाये, आओ ये दुआ माँगें
इस रात के हर पल से, रातें ही उभर जायेँ ।

दुनिया की निगाहें अब हम तक न पहुँच पायेँ
तारों में बसें चलकर धरती पे उतर जायेँ । 


हालात के तीरों से छलनी हैं बदन अपने
पास आओ के सीनों के कुछ ज़ख़्म तो भर जायेँ । 



आगे भी अन्धेरा है, पीछे भी अन्धेरा है
अपनी हैं वो ही साँसें, जो साथ गुज़र जायेँ । 


बिछड़ी हुई रूहों का ये मेल सुहाना है
इस मेल का कुछ अहसास जिस्मों पे भी कर जायेँ । 
 
तरसे हुये जज्बों अब और न तरसाओ
तुम शाने पे सर रख दो, हम बाँहों में भर जायेँ
। 


[Composer : Khayyam, Singer : Lata Mangeshkar, Md. Rafi, Director : Ram Maheshwari, Actor : Rajkumar, Mausami Chaterjee]

May 16, 2013

छू लेने दो नाज़ुक होठों को (काजल -1965) Choo lene do nazuk hontho ko (Kaajal -1965)

छू लेने दो नाज़ुक होठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये
क़ुदरत ने जो हमको बख़्शा है, वो सबसे हसीं ईनाम हैं ये |

शरमा के न यूँ ही खो देना, रंगीन जवानी की घड़ियाँ
बेताब धड़कते सीनों का, अरमान भरा पैगाम है ये  |

अच्छों को बुरा साबित करना, दुनिया की पुरानी आदत है
इस मै को मुबारक चीज़ समझ, माना कि बहुत बदनाम है ये  | 

[Composer : Ravi, Singer : Md.Rafi, Production : Kalpanalok; Direction :Ram MaheshwaryActor : Raj Kumar, Meena Kumari]



March 19, 2012

खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार (नील कमल-1968) Khali dibba khali bottel le le mere yaar (Neel Kamal - 1968)

खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार
खाली से मत नफरत करना खाली सब संसार

बड़ा-बड़ा सा सर खाली डब्बा, बड़ा-बड़ा सा तन खाली बोतल
वो भी आधे खाली निकले जिन पे लगा था भरे का लेबल
हमने इस दुनिया के दिल में झाँका है सौ बार |
खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार ....

भरे थे तब बंगलों में ठहरे, खाली हुए तो हम तक पहुंचे
महलों की खुशियों के पाले, फुटपाथों के गम तक पहुंचे
इन शरणार्थियों के सर पे दे दे थोड़ा प्यार |
खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार....

खाली की गारंटी दूंगा, भरे हुए की क्या गारंटी
शहद में गुड के मेल का डर है,
घी के अन्दर तेल का डर है
तम्बाखू में घास का ख़तरा,
सेंट में झूटी बास का ख़तरा
मक्खन में चर्बी की मिलावट,
केसर में कागज की खिलावट
मिर्ची में ईंटों के घिसाई,
आटे में पत्थर की पिसाई
व्हिस्की अन्दर टिंचर घुलता,
रबड़ी  बीच बलोटिन तुलता
क्या जाने किस चीज़ में क्या हो,
गरम मसाला लीद भरा हो

खाली की गारंटी दूंगा, भरे हुए की क्या गारंटी
क्यों दुविधा में पड़ा है प्यारे,  झाड़ दे पाकिट खोल दे अंटी
छान पीस कर खुद भर लेना, जो कुछ हो दरकार
खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार....

[Music : Ravi,  Singer : Manna Dey,  Producer : Pannalal Maheshwary,  Director : Ram Maheshwary,  Actor : Mahmood]