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May 26, 2018

सर जो तेरा चकराए या दिल डूबा जाए (प्यासा- 1957) Sar jo tera chakraye, ya dil dooba jaye (Pyaasa- 1957)


सर जो तेरा चकराए या दिल डूबा जाए
आजा प्यारे! पास हमारे
काहे घबराए ! काहे घबराए !

तेल मेरा है मुश्की
गन्ज रहे न खुश्की
जिस के सर पर हाथ फिरा दूं, चमके किस्मत उसकी
सुन सुन सुन ! अरे बेटा सुन !
इस चम्पी में बड़े बड़े गुन
लाख दुखों की एक दवा है, क्यूं ना आज़माए !
काहे घबराए ! काहे घबराए !

प्यार का होवे झगड़ा
या बिज़िनेस का हो रगड़ा
सब लफ़ड़ों का बोझ हटे, जब पड़े हाथ इक तगड़ा
सुन सुन सुन ! अरे बाबू सुन !
इस चम्पी में बड़े बड़े गुन
लाख दुखों की एक दवा है, क्यूं ना आज़माए !
काहे घबराए ! काहे घबराए !

नौकर हो या मालिक
लीडर हो या पब्लिक
अपने आगे सभी झुके हैं, क्या राजा क्या सैनिक
सुन सुन सुन ! अरे राजा सुन !
इस चम्पी में बड़े बड़े गुन
लाख दुखों की एक दवा है, क्यूं ना आज़माए !
काहे घबराए ! काहे घबराए !


[Composer : S.D.Burman;  Singer :  Md.Rafi;  Producer/Director : Guru Dutt;   Actor : Johny Walker]

जाने क्या तूने कही, जाने क्या मैंने सुनी (प्यासा- 1957) Jane kya tune kahi, jane kya maine suni (Pyaasa- 1957)


जाने क्या तूने कही
जाने क्या मैंने सुनी
बात कुछ बन ही गई

सनसनाहट सी हुई
थरथराहट सी हुई
जाग उठे ख्वाब कई
बात कुछ बन ही गई

नैन झुक-झुक के उठे
पांव रुक-रुक के उठे
आ गई चाल नई
बात कुछ बन ही गई

ज़ुल्फ़ शाने पे मुड़ी
एक खुशबू सी उडी
खुल गए राज़ कई
बात कुछ बन ही गई

[Composer : S.D.Burman;  Singer :  Geeta Dutt;  Producer/Director : Guru Dutt;   Actor : Guru Dutt,  Wahida Rehman]

आज सजन मोहे अंग लगा लो, जनम सफ़ल हो जाये (प्यासा- 1957) Aaj sajan mohe ang laga lo, janam safal ho jaye (Pyaasa- 1957)


सखी री बिरह के दुखड़े सह-सह कर जब राधे बेसुध हो ली
तो इक दिन अपने मनमोहन से जा कर यूँ बोली

आज सजन मोहे अंग लगा लो, जनम सफ़ल हो जाये
हृदय की पीड़ा देह की अगनी, सब शीतल हो जाये

कई जुग से हैं जागे, मोरे नैन अभागे, कहीं जिया नहीं लागे बिन तोरे
सुख दिखे नहीं आगे, दुःख पीछे पीछे भागे, जग सूना सूना लागे बिन तोरे
प्रेम सुधा मोरे साँवरिया इतनी बरसा दो जग जलथल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो, जनम सफ़ल हो जाये

मोहे अपना बना लो मोरी बाँह पकड़, मैं हूँ जनम जनम की दासी
मोरी प्यास बुझा दो मनहर गिरिधर, मैं हूँ अन्तरघट तक प्यासी
प्रेम सुधा मोरे साँवरिया इतनी बरसा दो जग जलथल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो, जनम सफ़ल हो जाये

किए लाख जतन, मोरे मन की तपन, मोरे तन की जलन नहीं जाये
कैसी लागी ये लगन, कैसी जागी ये अगन, जिया धीर धरन नहीं पाये
प्रेम सुधा मोरे साँवरिया इतनी बरसा दो जग जलथल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो, जनम सफ़ल हो जाये

[Composer : S.D.Burman;  Singer :  Geeta Dutt  Producer/Director : Guru Dutt;   Actor : Guru Dutt,  Wahida Rehman}


December 31, 2013

तंग आ चुके हैं कशमकश-ए-ज़िन्दगी से हम (प्यासा- 1957) Tang aa chuke hain kashmash-e-jindagi se hum (Pyaasa- 1957)

तंग आ चुके हैं कशमकश--ज़िन्दगी से हम
ठुकरा ना दें जहां को कहीं बेदिली से हम |

हम ग़म-ज़दा हैं लायें कहाँ से ख़ुशी के गीत
देंगे वही जो पायेंगे इस ज़िन्दगी से हम |

उभरेंगे एक बार अभी दिल के वलवले 
माना के दब गये हैं ग़म--ज़िन्दगी से हम  |

 लो आज हमने तोड़ दिया रिश्ता--उम्मीद 
   लो अब कभी गिला न करेंगे किसी से हम  |

[Composer : S.D.Burman;  Singer : Md. Rafi Producer/Director : Guru Dutt;   Actor : Guru Dutt]

December 29, 2013

हम आप की आँखों में, इस दिल को बसा दें तो (प्यासा- 1957) Hum aapki aankon men is dil ko bada de to (Pyaasa- 1957)

हम आप की आँखों में इस दिल को बसा दें तो
हम मूँद के पलकों को इस दिल को सज़ा दें तो |

इन ज़ुल्फ़ों में गूँथेंगे हम फूल मुहब्बत के
ज़ुल्फ़ों को झटक कर हम ये फूल गिरा दें तो |

हम आपको ख्वाबों में ला ला के सतायेंगे
हम आप की आँखों से नींदें ही उड़ा दें तो |

हम आपके कदमों पर गिर जायेंगे ग़श खा कर
इस पर भी न हम अपने आंचल की हवा दें तो |



[Composer : S.D.Burman;  Singer : Md. Rafi, Geeta Dutt  Producer/Director : Guru Dutt;   Actor : Guru Dutt,  Mala Sinha]

ग़म इस क़दर बढ़े (प्यासा- 1957) Gam is kadar bade (Pyaasa- 1957)

ग़म इस क़दर बढ़े, के मैं घबरा के पी गया
इस दिल की बेबसी पे, तरस खा के पी गया |

ठुकरा रहा था मुझको, बड़ी देर से  जहां 
 
मैं आज सब जहां को, ठुकरा के पी गया | 

[Composer : S.D.Burman;  Singer : Md. Rafi,   Producer/Director : Guru Dutt;   Actor : Guru Dutt]