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March 11, 2015

भारत मां की आंख की तारों (बहू बेटी -1965) Bharat maan kii ankh ke taron (Bahu Beti-1965)

भारत मां की आंख की तारों, नन्हे मुन्ने राजदुलारों
जैसे मैंने तुमको संवारा,  वैसे ही तुम भी देश संवारो

ये जो है इक छोटा सा बस्ता, इल्म के फूलों का गुलदस्ता
कृष्ण है इसमें, राम है इसमें, बुद्ध मत और इस्लाम है इसमें
ये बस्ता ईसा की कहानी, ये बस्ता नानक की वाणी
इसमें छुपी है हर सच्चाई, अपना सुख औरों की भलाई
इस बस्ते को सीस नवाओ, इस बस्ते पर तन मन वारो
भारत मां की आंख की तारों

छोड़ के झूठी जातें-पातें, सबसे सीखो अच्छी बातें
अपना किसी से बैर न समझो, जग में किसी को गैर न समझो
आप पढ़ो, औरों को पढ़ाओ, घर-घर ज्ञान की ज्योति जगाओ
नवजीवन की आस तुम्हीं हो, बनता हुआ इतिहास तुम्हीं हो
जितना गहरा अंधियारा हो, उतने ऊंचे दीप उभारो
भारत मां की आंख की तारों

ये संसार जो हमने सजाया, ये संसार जो तुमने पाया
इस संसार में झूठ बहुत है, जुल्म बहुत है, लूट बहुत है
जुल्म के आगे सर ना झुकाना, हर इक झूठ से टकरा जाना
इस संसार का रंग बदलना, उंच और नीच का ढंग बदलना
सारा जग है देश तुम्हारा, सारे जग का रूप निखारो
भारत मां की आंख की तारों

[Composer : Ravi, Singer : Asha Bhonsle,  Director : T.Prakash Rao, Actor : Mala Sinha, Ashok Kumar]
 

May 21, 2014

इंसानों ने पैसे के लिए आपस का प्यार मिटा डाला (पैसा और प्यार -1969) Insano ne paise ke liye aapas ka pyar mita dala (Paisa aur Pyar -1969)

इंसानों ने पैसे के लिए आपस का प्यार मिटा डाला
हँसते बसते घर फूँक दिए, धरती को नर्क बना डाला |

मिट्टी से निकाला सोने को, सोने से बनाए महल मगर
जज़्बात के नाज़ुक रिश्तों को मिट्टी के तले दफ़ना डाला |

दीन और धरम को हार दिया, नेकी को बदी पर वार दिया
मंदिर, मस्जिद और गिरजों को बैंकों की भेंट चढ़ा डाला |

दौलत की हवस में लोगों ने क्या क्या न किया इस दुनिया में 
चाहत, इज़्ज़त, मेहनत, गैरत सबका नीलाम उठा डाला ।  

प्यार अपनी जगह ख़ुद दौलत है, ये बात ना समझी इंसां ने
कुदरत की बनाई दौलत का, सिक्कों में मोल लगा डाला |

[Composer : Ravi, Singer : Hement Kumar, Producer : Rajshri Movies, Director : Jawar Seetarama, Actor : Ashok Kumar, Mala Sinha, Biswajeet]

 

May 15, 2011

चलो इक बार फिर से (गुमराह - 1963) Chalo Ek Baar Phir Se (Gumrah- 1963)

चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों
न मैं तुमसे कोई उम्मीद रखूँ दिल नवाजी की
न तुम मेरी तरफत देखो गलत अंदाज़ नज़रों से
न मेरे दिल के धड़कन लडखडाये मेरी बातों में
न ज़ाहिर हो तुम्हारी कशमकश का राज़ नज़रों से
चलो इक बार फिर से..

तुम्हें  भी कोई  उलझन  रोकती  है  पेशकदमी  से
मुझे  भी  लोग  कहते  हैं  कि  यह  जलवे  पराये  हैं
मेरे  हमराह  भी  रुस्वाइयां  हैं  मेरे  माझी  की
तुम्हारे  साथ  भी  गुजरी  हुई  रातों  के  साए  हैं
चलो  इक बार  फिर  से ..

तारुफ़  रोग  हो  जाए  तो  उसको  भूलना  बेहतर
ताल्लुक  बोझ  बन  जाए  तो  उसको  तोड़ना  अच्छा
वोह  अफसाना  जिसे  अंजाम  तक  लाना  न  हो  मुमकिन
उसे  इक  खूबसूरत  मोड़  देकर  छोड़ना  अच्छा
चलो  इक  बार  फिर  से ..


[Music : Ravi;  Singer : Mahender Kapoor,   Producer/Director : B.R.Chopra;  Actor : Sunil Dutt, Ashok Kumar, Mala Sinha;  Attribute : Love, Philosophy]