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August 05, 2017

ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे ! (आदमी और इंसान - 1969) Zindagi ke kai rang re, saathi re! (Aadmi aur Insaan - 1969)

ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे !
ज़िन्दगी के रंग कई रे!

ज़िन्दगी दिलों को कभी जोड़ती भी है
ज़िन्दगी दिलों को कभी तोड़ती भी है
ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे !


ज़िन्दगी की राह में ख़ुशी के फूल भी
ज़िन्दगी की राह में ग़मों की धूल भी

ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे !

ज़िन्दगी कभी यक़ीं कभी ग़ुमान है
हर क़दम पे तेरा-मेरा इम्तहान है
ज़िन्दगी के रंग कई रे साथी रे !


(Composer: Ravi;  Singer : Asha Bhonsle;  Producer: B.R.Chopra,  Director : Yash Chopra, Actor : Saira Bano, Dharmendra)

नीले पर्बतों की धारा (आदमी और इंसान - 1969) Neele parbaton ki dhara (Aadmi aur Insaan -1969)

नीले पर्बतों की धारा,
आयी ढूँढने किनारा बड़ी दूर से
      
सब को सहारा चाहिये
      
कोई हमारा चाहिये

फूल में जैसे फूल की खुशबू
दिल में है यूँ तेरा बसेरा
       
धरती से अम्बर तक फैला
      
चाहत की बाहों का घेरा

सूरज पीछे घूमे धरती
साँझ के पीछे घूमे सवेरा
      
जिस नाते ने इनको बाँधे
     
वो नाता है तेरा मेरा    

(Composer: Ravi;  Singer : Asha Bhonsle, Mahendra Kapoor;  Producer: B.R.Chopra,  Director : Yash Chopra, Actor : Saira Bano, Dharmendra)

इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा (आदमी और इंसान - 1969) Itni jaldi na karo raat ka dil tutega (Aadmi aur Insaan -1969)

इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा 
आप जायेंगे तो जज्बात का दिल टूटेगा 

सारी रात  जागे तो जवानी क्या 
सुबह तक चले तो कहानी क्या 
जुल्फ जो हमने बनाई थी, वो बिखरी भी नहीं  
रंग पे आ के ये महफिल अभी निखरी भी नहीं  
शम्मा का, साज का, नगमात का दिल टूटेगा 
इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा |

गर्म सांसों से जरा जिस्म पिघलने दीजिए
चाहने वालों के अरमान निकलने दीजिए 
कम से कम प्यार का इल्जाम तो लेते जाएं 
आज की रात का इनाम तो लेते जाएं
चल दिए आप तो हर बात का दिल टूटेगा 
इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा |

(Composer: Ravi;  Singer : Asha Bhonsle;  Producer: B.R.Chopra,  Director : Yash Chopra, Actor : Mumtaaz, Dharmendra)

August 02, 2017

मैंने एक ख़्वाब सा देखा है (वक़्त -1965) Maine ik khwab sa dekha hai (Waqt -1965)

मैंने एक ख़्वाब सा देखा है
सुन के शरमा तो  जाओगी?

मैंने देखा है कि फूलों से लदी शाखों में    
तुम लचकती हुई यूं मेरी क़रीब आई हो
जैसे मुद्दत से यूं ही साथ रहा हो अपना
जैसे अब की नहीं सदियों की शनासाई हो

      मैंने भी ख़्वाब सा देखा है
      खुद से इतरा तो  जाओगे?

      मैंने देखा कि गाते हुए झरनों के क़रीब
      अपनी बेताबी--जज़्बात कही है तुमने
      कांपते होंठों सेरुकती हुई आवाज़ के साथ
      जो मेरे दिल में थीवो बात कही है तुमने

आंच देने लगा क़दमों के तले बर्फ़ का फ़र्श
आज जाना कि मुहब्बत में है गर्मी कितनी
संगमरमर की तरह सख़्त बदन में तेरे
 गयी है मेरे छू लेने से नर्मी कितनी      

       हम चले जाते हैं और दूर तलक कोई नहीं
       सिर्फ़ पत्तों के चटखने की सदा आती है     
       दिल में कुछ ऐसे ख़यालात ने करवट ली है
       मुझको तुमसे नहीं अपने से हया आती है

मैंने देखा
 है कि कोहरे से भरी वादी में
मैं ये कहता हूं चलो आज कहीं खो जाएं 
      मैं ये कहती हूं कि खोने की ज़रूरत क्या है
      ओढ़कर धुंध की चादर को यहीं सो जाएं

[Composer : Ravi; Singer : Asha Bhonsle, Mahendra Kapoor; Producer : B.R.Chopra; Director : Yash Chopra; Actor : Sunil Dutt, Sadhna] 

कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी (वक़्त -1965) Kaun aaya ki nigahon mein chamak jag uthi (Waqt -1965)

कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी

किसके आने की ख़बर ले के हवाएं आईं
जिस्म से फूल चटकने की सदाएं आईं
रूह खिलने लगी,  सांसों में महक जाग उठी

किसने ये मेरी नज़र देख के बांहें खोलीं
शोख़ जज़्बात ने सीने में निगाहें खोलीं
होंठ तपने लगे, ज़ुल्फ़ों में लचक जाग उठी

किसके हाथों ने मेरे हाथों से कुछ मांगा है
किसके ख़्वाबों ने मेरी रातों से कुछ मांगा है
साज़ बजने लगे,  आंचल में धनक जाग उठी

[Composer : Ravi; Singer : Asha Bhonsle; Producer : B.R.Chopra; Director : Yash Chopra; Actor : Rajkumar, Sadhna] 


हम जब सिमट के आपकी बांहों में आ गए (वक़्त -1965) Hum jab simat ke aapki bahon men aa gaye (Waqt -1965)

हम जब सिमट के आपकी बांहों में गए  
लाखों हसीन ख़्वाब निगाहों में गए

ख़ुशबू चमन को छोड़ के सांसों में घुल गई
लहरा के अपने-आप जवां ज़ुल्फ़ खुल गई
हम अपनी दिलपसंद पनाहों में गए

कह दी है दिल की बात नज़ारों के सामने
इक़रार कर लिया है बहारों के सामने
दोनों ज़हान आज गवाहों में गए

मस्ती भरी घटाओं की परछाइयों तले
हाथों में हाथ थाम के जब साथ हम चले
शाख़ों से फूल टूट के राहों में गए

[Composer : Ravi; Singer : Asha Bhonsle, Mahendra Kapoor; Producer : B.R.Chopra; Director : Yash Chopra; Actor : Sunil Dutt, Sadhna]