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July 30, 2017

धरती माँ का मान हमारा प्यारा लाल निशान (समाज को बदल डालो - 1970) Dharti Maa ka maan hamara, pyara laal nishan ( Samaj Ko Badal Dalo - 1970)

धरती माँ का मान हमारा प्यारा लाल निशान
नवयुग की मुस्कान हमारा प्यारा लाल निशान

पूंजीवाद से दब न सकेगा ये मजदूर किसान का झण्डा
मेहनत का हक ले के रहेगा, मेहनत इंसान का झण्डा
योद्धा और बलवान हमारा, प्यारा लाल निशान

इस झंडे से सांस उखड़ती चोर मुनाफाखोरों की
जिन्होंने इन्सानों की हालत कर दी डंगर ढोरों की
उनके खिलाफ ऐलान हमारा, प्यारा लाल निशान

फ़ैक्टरियों के धूल धुयेँ में हमने खुद को पाला
खून पिलाकर लोहे को इस देश का भार संभाला
मेहनत के इस पूजा-घर पर पड़ न सकेगा ताला
देश के साधन देश का धन हैं, जान ले पूंजीवाला
जीतेगा मैदान हमारा, प्यारा लाल निशान

(Composer : Ravi, Singer : Md. Rafi, Manna Dey, Producer : Gemini Arts, Director : V.Madhusudan Rao, Actor : Parikshit Sahni, Mehmood, Pran, Prem Chopra)

October 13, 2012

समाज को बदल डालो (समाज को बदल डालो-1970) samaj ko badal dalo (Samaj ko badal dalo-1970)

समाज को बदल डालो
जुल्म और लूट के रिवाज़ को बदल डालो 
समाज को बदल डालो  ।

कितने घर हैं जिनमे आज रोशनी नहीं 
कितने तन बदन हैं जिनमे जिंदगी नहीं 
मुल्क और कौम के मिजाज़ को बदल डालो 
समाज को बदल डालो  ।

सैकड़ो की मेहनतों  पर एक क्यों पले 
ऊंच नीच से भरा निजाम क्यों चले 
आज हैं यही तो ऐसे आज को बदल डालो 
समाज को बदल डालो । 

[Composer : Ravi, Singer : Md. Rafi, Producer : Gemini Arts, Director : V.Madhusudan Rao]

अम्मा इक रोटी दे, बाबा इक रोटी दे (समाज को बदल डालो-1970) Amma ik roti de, baba ik roti de (Samaj ko badal dalo-1970)

अम्मा इक रोटी दे, बाबा इक रोटी दे
भूखे बच्चे मांग रहें हैं कब से हाथ पसार के
अम्मा इक रोटी दे, बाबा इक रोटी दे ।

एक नहीं तो आधी दे दे, आधा पेट ही भर लेंगे
रूखी सूखी जो भी मिलेगी, खा के  गुजरा कर लेंगे
सब खातें हैं और हम कब से खड़े हैं मन को मार के
अम्मा इक रोटी दे, बाबा इक रोटी दे  ।

दूध मलाई न मांगे हम, लड्डू  पेड़ा  न मांगे
रोटी का टुकड़ा दिलवा दो, रुपया पैसा न मांगे
छोटा सा ये पेट हमारा कब से कहे पुकार के
अम्मा इक रोटी दे, बाबा इक रोटी दे  ।

तुने या तेरे बच्चो ने जो भी जूठा छोड़ा हो
पास बुला कर दे दे हम को, बहुत हो चाहे थोडा हो
कुछ तो दे दो यूँ ही न लौटा देना दुत्कार के
अम्मा इक रोटी दे, बाबा इक रोटी दे  ।


[Composer : Ravi, Singer : Lata Mangeshkar, Usha Mangeshkar, Producer : Gemini Arts, Director : V.Madhusudan Rao]



August 31, 2012

मैने पी शराब तुमने क्या पिया (नया रास्ता -1970) Maine pee sharab, tumne kya piya (Naya Raasta -1970)

मैने पी शराब  तुमने क्या पिया
आदमी का ख़ून
मैं ज़लील हूँ, तुमको क्या कहूँ
मैने पी शराब ...

तुम पिओ तो ठीक, हम पियें तो पाप
तुम जियो तो पुण्य, हम जियें तो पाप
तुम शरीफ लोग, तुम अमीर लोग
हम तबाह-हाल, हम फ़क़ीर लोग
ज़िन्दगी भी रोग, मौत भी अज़ाब
मैने पी शराब ...

तुम कहो तो सच, हम कहें तो झूठ
तुमको सब मुआफ़, ज़ुल्म हो के लूट
तुमने कितने दिल चाक़ कर दिए
कितने बसते घर खाक कर दिए
मैने तो किया खुद को ही ख़राब
मैने पी शराब ...

रीत और रिवाज़ सब तुम्हारे साथ
धर्म और समाज सब तुम्हारे साथ
अपने साथ क्या, धूल और धुआं
आज चाहे तुम नोच लो जुबां
आने वाला दौर लेगा सब हिसाब
मैने पी शराब ...



[Singer : Md. Rafi,  Composer : N.Dutta, Producer : I.A.Nadiadwala, Director : Khalid Akhtar, Actor : Balraj Sahni]

 

March 27, 2012

ईश्वर अल्लाह तेरे नाम सबको सन्मति दे भगवान (नया रास्ता -1970) Ishwar allah tere naam sabko sanmati de bhagwarn (Naya raasta -1970)


ईश्वर अल्लाह तेरे नाम सबको सन्मति दे भगवान
सबको सन्मति दे भगवान सारा जग तेरी सन्तान  |

इस धरती पर बसने वाले, सब हैं तेरी गोद के पाले
कोई नीच ना कोई महान, सबको सन्मति दे भगवान |

जातों नस्लों के बटवारे, झूठ कहाँ ये तेरे द्वारे
तेरे लिए सब एक समान, सबको सन्मति दे भगवान |

जनम का कोई मोल नहीं है, जनम मनुष्य का तोल नहीं है
करम से है सबकी पहचान, सबको सन्मति दे भगवान |

[Singer : Rafi, Composer : N.Dutta;  Producer : I.A.Nadiadwala;  Director : Khalid Akhtar]




May 03, 2011

पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से - (नया रास्ता - 1970) Ponchh Kar Ashq Apni Aankhon Se - (Naya Raasta-1970)

पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कराओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा सर उठाओ तो कोई बात बने .

ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती ज़िन्दगी बढ़ के छीनी जाती है
अपना हक संगदिल ज़माने से छीन पाओ तो कोई बात बने .

रंग और नस्ल, जात और मज़हब जो भी हो आदमी से कमतर है
इस हकीकत को तुम भी मेरी तरह मान जाओ तो कोई बात बने .

नफरतों के जहान में हमको प्यार की बस्तियां बसानी हैं
दूर रहना कोई कमाल नहीं पास आओ तो कोई बात बने .


[ Singer : Rafi; Music : N.Dutta; Producer : I.A.Nadiadwala; Director : Khalid Akhtar;  Artist : Jitender, Asha Parekh ]




April 23, 2011

अपने अन्दर जरा झांक मेरे वतन (नया रास्ता - 1970) apne andar jara jhank mere watan (Naya Raasta -1970)

अपने अंदर जरा झांक मेरे वतन
अपने ऐबों को मत ढांक मेरे वतन

तेरा इतिहास है खूं में लिथड़ा हुआ,
तू
अभी तक है दुनिया में पिछड़ा हुआ
तूने
अपनों को अपना माना कभी
तूने
इन्सां को इन्सां जाना कभी
तेरे
धर्मों ने जातों की तकसीम की
तेरी
रस्मों ने नफरत की तालीम दी
वहसतों
का चलन तुझमें जारी रहा
नफरतों
का जुंनू तुझपे तारी रहा

 
रंग और नस्ल के दायरों से निकल
गिर चुका है बहुत देर अब तो संभल

तू द्राविड़ है या आर्य नस्ल है
जो भी है अब इसी ख़ाक.की फ़स्ल है
तेरे दिल से जो नफरत न मिट पाएगी

तेरे घर में गुलामी पलट आएगी
तेरी बरबादियों का तुझे वास्ता
ढूंढ़ अपने लिए अब नया रास्ता  |



[ Singer : Rafi; Composer  : N.Dutta; Producer : I.A.Nadiadwala; Director : Khalid Akhtar]