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May 19, 2015

इश्क़ और मुश्क़ कदे न छुप दे (काला पत्थर -1979) Isq aur musq kade na chhup de (Kala Pathar-1979)

इश्क़ और मुश्क़ कदे न छुप देते चाहे लख छुपाइये
अखां लख झुका के चलियेते पल्ला लख बचाइये
इश्क़ है सच्चे रब दी रहमतइश्क़ तों क्यूँ शर्माइये
चढ़ दे चंद ने चढ़ के रहनाकान्नू पर्दे पाइये

जग्गेया जग्गेया जग्गेया,
कदे इश्क़ छुपण नयो लगेया

दुनिया दी इस भीड़ दे अंदरजे कोई अपणा पाइये
अपणे नूँ खुशकिस्मत कहियेते रब दा शुकर मनाइये
दिल बदले दिल मिलें ते यारासौदा झट चुकाइये
अम्बर ते जो स्वर्ग बसेओ धरती ते लै आइये
जग्गेया जग्गेया जग्गेया,
कदे इश्क़ छुपण नयो लगेया

दुनिया चार दिनां दा मेलामत्थे बल न पाइये
कौण भले कौण मन्दे जग विच्चसबणा नाल निभाइये
जग्गेया जग्गेया जग्गेया
सान्नू कौल ऐ सच्चा लगेया

पापां दी इस नगरी अंदर किस दे ऐब गिणाइये
अपणे अंदर जद-जद तकियेअपणे तों शर्माइये
जग्गेया जग्गेया जग्गेया
सान्नू कौल ऐ सच्चा लगेया  

[Music : Rajesh Roshan;  Singer : Mahendra Kapoor, Pamela Chopra, S.K.Mahaan;  Producer/Director : Yash Chopra;   Artist : Parikshit Sahni, Amitabh Bachchan, Rakhi]


November 16, 2013

मरता है कोई तो मर जाये (चंबल की कसम - 1979) Marta hai koi to mar jaye (Chambal ki Kasam -1979)

मरता है कोई तो मर जाये, हम अपना निशाना क्यों छोड़े 
दिलवाले बचाएँ दिल अपना, हम तीर चलाना क्यों छोड़े |

मजबूर ना हो तो इश्क ही क्या, मगरूर ना हो तो हुस्न ही क्या
तुम हमको मनाना क्यों छोडो, हम तुमको सताना क्यूँ छोड़े |

जो हमको नसीहत करते है, वो अपना जमाना देख चुके
हम पर भी जवानी आई है, हम अपना जमाना क्यूँ छोड़े । 

दुनिया तो हमारे सामने हैं, जन्नत का पता क्या हो कि ना हो 
जन्नत में छुपी दौलत के लिए, दुनिया का खज़ाना क्यूँ छोड़े । 


[Composer : Khayyam, Singer : Lata Mangeshkar,  Director : Ram Maheshwari, Actor : Rajkumar, Satrughan Sinha, Mausami Chaterjee]

कुछ और बहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना (चंबल की कसम -1979) Kuch der bahak jaun, tab mere kareeb aana (Chambal ki kasam -1979)

कुछ और बहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना
खिल जाऊँ, महक जाऊँ, तब मेरे करीब आना |

कम-कम है अभी नशा, कम-कम है अभी मस्ती 
थोड़ी सी अभी पी है, थोड़ी सी अभी ली है 
हसरत अभी बाकी है, तू आज का साकी है 
पीने दे पिलाने दे, कुछ रंग पे आने दे 
कम-कम है अभी नशा, कम-कम है अभी मस्ती
कुछ और बहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना | 
 
मचले हुए इस दिल को, कुछ और मचलने दे 
ऐसी जल्दी भी है क्या, गर्म होने दे फज़ा  
रात ढलने दे जरा, शौक पलने दे जरा
डगमगाने दे बदन, तेज होने दे लगन 
मचले हुए इस दिल को, कुछ और मचलने दे 
लहराऊँ लहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना 
कुछ और बहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना । 
 
रग-रग में उतरने दे, जज्बात की गर्मी को 
दिल और धड़कने दे, आग और भड़कने दे 
तब हुस्न जवां होगा आलम ही जुदा होगा 
रग रग में उतरने दे जज्बात की गर्मी को 
शोला सी दहक जाऊँ , तब मेरे करीब आना 
कुछ और बहक जाऊँ, तब मेरे करीब आना । 
 

[Composer : Khayyam, Singer : Lata Mangeshkar, Director : Ram Maheshwari, Actor : Mausami Chaterjee, Ranjit, Rajkumar]

 

शेर का हुस्न हो, नगमे की जवानी हो तुम (चम्बल की कसम -1979) Sher ka husn ho, nagme ki jawani ho tum (Chambal ki Kasam -1979)

शेर का हुस्न हो, नगमे की जवानी हो तुम 
एक धड़कती हुई शादाब कहानी हो तुम । 



आंख ऐसी कि कंवल तुमसे निशानी मांगे
जुल्फ ऐसी कि घटा शर्म से पानी मांगे 
जिस तरफ से भी नजर डालो सुहानी हो तुम 
शेर का हुस्न हो, नगमे की जवानी हो तुम । 


जिस्म ऐसा कि अजन्ता का अमल याद आये 
संग-ए-मरमर में ढला ताजमहल याद आये 
पिघले-पिघले हुए रंगों की रवानी हो तुम 
शेर का हुस्न हो, नगमे की जवानी हो तुम । 

धडकने बुनती है जिसको वो तराना हो तुम 
सच कहो किसके मुकद्दर  का खज़ाना हो तुम 
मुझपे माईल हो कि दुश्मन की दीवानी हो तुम 
शेर का हुस्न हो नगमे की जवानी हो तुम | 


[Composer : Khayyam, Singer : Md. Rafi, Director : Ram Maheshwari, Actor : Satrughan Sinha, Mausami Chaterjee]
 
 

सिमटी हुई ये घड़ियाँ (चम्बल की कसम -1979) Simti hui ye ghadiyan (Chambal ki Kasam -1979)

 सिमटी हुई ये घड़ियाँ, फिर से न बिखर जायेँ
इस रात में जी लें हम, इस रात में मर जायेँ । 

अब सुबह न आ पाये, आओ ये दुआ माँगें
इस रात के हर पल से, रातें ही उभर जायेँ ।

दुनिया की निगाहें अब हम तक न पहुँच पायेँ
तारों में बसें चलकर धरती पे उतर जायेँ । 


हालात के तीरों से छलनी हैं बदन अपने
पास आओ के सीनों के कुछ ज़ख़्म तो भर जायेँ । 



आगे भी अन्धेरा है, पीछे भी अन्धेरा है
अपनी हैं वो ही साँसें, जो साथ गुज़र जायेँ । 


बिछड़ी हुई रूहों का ये मेल सुहाना है
इस मेल का कुछ अहसास जिस्मों पे भी कर जायेँ । 
 
तरसे हुये जज्बों अब और न तरसाओ
तुम शाने पे सर रख दो, हम बाँहों में भर जायेँ
। 


[Composer : Khayyam, Singer : Lata Mangeshkar, Md. Rafi, Director : Ram Maheshwari, Actor : Rajkumar, Mausami Chaterjee]

May 15, 2011

इक रास्ता है जिंदगी जो थम गए तो कुछ नहीं (काला पत्थर -1979) Ik rashta hai zindagi jo tham jaye to kuch nahin (Kala Pathar-1979)

इक रास्ता है जिंदगी जो थम गए तो कुछ नहीं  
ये कदम किसी मुकाम पे  जो जम गए तो कुछ नहीं

जाते राही ! बाँके राही!
मेरी बाँहों को, इन राहों को
तू छोड़ के ना जा, तू वापस जा

वो हुस्न के जलवे हों, या इश्क की आवाजें
आज़ाद परिंदों की रूकती नहीं परवाज़ें
आते हुए क़दमों से, जाते हुए क़दमों से
भरी रहेगी रहगुज़र, जो हम गए तो कुछ नहीं 

ऐसा गज़ब नहीं ढाना,
पिया मत जाना बिदेसवा रे
हमका भी संग लिए जाना
पिया जब जाना बिदेसवा रे

जाते हुए राही के साये में सिमटना क्या
इक पल  के मुसाफिर के दमन से लिपटना क्या
आते हुए क़दमों से, जाते हुए क़दमों से
भरी रहेगी रहगुज़र,  जो हम गए तो कुछ नहीं 

ये कदम किसी मुकाम पे  जो जम गए तो कुछ नहीं
इक रास्ता है जिंदगी जो थम गए तो कुछ नहीं   । 


[Music : Rajesh Roshan;  Singer : Kishore Kumar, Lata Mangeshkar;  Producer/Director : Yash Chopra;   Artist : Sashi Kapoor;]