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December 17, 2017

चांद मद्दम है आसमां चुप है (रेलवे प्लैटफ़ार्म -1955) Chand Maddham hai, aasmaan chup hai (Railway Platform -1955)

चांद मद्दम है आसमां चुप है
नींद की गोद में जहां चुप है

दूर वादी में दूधिया बादल, झुक के परबत को प्यार करते है
दिल में नाकाम हसरतें लेकर, हम तेरा इंतज़ार करते हैं

इन बहारों के साये में आजा, फिर मुहब्बत जवां रहे न रहे
ज़िंदगी  तेरे  नामुरादों  पर कल तलक मेहरबां रहे न रहे

रोज़ की तरह आज भी तारे, सुबह की गर्द में न खो जाएं
आ तेरे गम में जागती आंखें, कम-से-कम एक रात सो जाएं 

चांद मद्दम है आसमां चुप है
नींद की गोद में जहां चुप है


[Music : Madan Mohan, Singer ; Lata Mangeshkar;  Producer : Saigal Production, Direction : Ramesh Saigal, Actor : Sunil Dutt, Nalini Jaywant]

March 19, 2012

देख तेरे भगवान की हालत क्या हो गयी इंसान ( रेलवे प्लेटफार्म -1955) Dekh tere bhagwan ki haalat kya ho gayi insaan (Railway Platform -1955)


देख तेरे भगवान की हालत क्या हो गयी इंसान
कितना बदल गया भगवान |
भूखों के घर में डेरा न डाले,
सेठों का हो मेहमान
कितना बदल गया भगवान |
उन्ही की पूजा प्रभु को प्यारी,
जिनके घर लक्ष्मी की सवारी
जिनका धंधा चोर बजारी,
हमको दे भूख और बेकारी,
इनको दे वरदान
देख तेरे भगवान की हालत क्या हो गयी इंसान |

सेठ -
       सुनकर इस पापी को तानो
       बदल न लीजो अपनों  ठिकानो
       हे भगवान हे भगवान
      मेरो थारो प्रेम पुरानो
      हम हैं थैले तुम हो खजानों
     भरते रहियो दास की झोली देते रहियो दान
     तुम्हारी जय जय हो भगवान
    तुम्हारी जय जय हो भगवान
    कितना बदल गया भगवान ..

धन वाले हैं बड़े मछंदर
सोने के बनवाएं मंदर
भगवन रहते इनके अन्दर
खरी-खरी कहता है कलंदर
बन बैठा है इस दुनिया में धर्म से धन बलवान
कितना बदल गया भगवान |
[Music : Madan Mohan, Producer : Saigal Production, Direction : Ramesh Saigal, Actor : Sunil Dutt, Manmohan Krishan]

June 08, 2011

बस्ती -बस्ती पर्वत-पर्वत गाता जाए बंजारा (रेलवे प्लेटफार्म -1955) Basti-basti parbat-parbat gaata jaaye banjaara (Railway Platform-1955)

बस्ती-बस्ती पर्वत-पर्वत गाता जाए बंजारा
लेके  दिल का  इकतारा
बस्ती-बस्ती पर्वत-पर्वत गाता जाए बंजारा

पल दो पल का साथ हमारा पल दो पल के यारी
आज रुके तो कल करनी है चलने की तैयारी
बस्ती-बस्ती  पर्वत-पर्वत गाता जाए बंजारा

क़दम-क़दम  पर  होनी  बैठी  अपना  जाल बिछाए
इस  जीवन  की  राह  में  जाने   कौन  कहाँ  रह  जाए  
बस्ती-बस्ती  पर्वत-पर्वत गाता जाए बंजारा

धन -दौलत  के  पीछे  क्यों  है  ये  दुनिया  दीवानी
यहाँ  की  दौलत  यहाँ  रहेगी  साथ  नहीं  ये  जानी 
बस्ती-बस्ती  पर्वत-पर्वत गाता जाए बंजारा

             * * * * * * *

सोने चांदी में तुलता हो जहां दिलों का प्यार
आँसूं भी बेकार  वहां पर आहें भी बेकार

दुनिया के बाज़ार में आखिर चाहत भी व्योपार  बनी
तेरे दिल से उनके दिल तक चांदी की दीवार बनी

हम जैसों के भाग में लिखा  चाहत का वरदान नहीं
जिसने हमको जनम दिया वो पत्थर है  भगवान नहीं  .



[ Music : Madan Mohan;  Proudction House : Sehgal Production;  Director : Ramesh Saigal ]