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July 10, 2017

तुम भी चलो, हम भी चलें, चलती रहे ज़िन्दगी ( जमीर-1975) Tum bhi chalo, ham bhi chalen, Chalti rahe zindagi (Zameer- 1975)

तुम भी चलो, हम भी चलें, चलती रहे ज़िन्दगी
ना ज़मीं मंज़िल, ना आसमां, ज़िन्दगी है ज़िन्दगी |

पीछे देखें ना कभी मुड़ के राहों में
झूमे मेरा दिल तुम्हें ले के बाहों में
धड़कनों की ज़ुबां, नित काहे दास्तां
प्यार की झिलमिल छांव में पलती रहे ज़िन्दगी |

बहते चले हम मस्ती के धारों में
गूंजे यही धुन सदा दिल के तारों में
अब रुके ना कहीं, प्यार का कारवां
नित नई रुत के रंग में, ढलती रहे ज़िन्दगी |


 [Music : Sapan Chakravarty ;   Singer : Asha Bhonsle, Kishore Kumar, Producer : B.R.Chopra;  Director: Ravi Chopra; Artist : Amitabh Bachchan, Saira Bano]

फूलों के डेरे हैं, साये घनेरे हैं ( जमीर-1975) Phoolon ke dere hain, saaye ghanere hain (Zameer- 1975)

फूलों के डेरे हैं, साये घनेरे हैं
झूम रही हैं हवायेँ
ऐसे नज़ारों में, खिलती बहारों में
प्यार मिले तो रुक जायेँ |

कहीं भी आसमान के नीचे
गाती निगाहों का
लहराती बाहों का
हार मिले तो रुक जायें  |

चले हैं दूर हम दीवाने
कोई रसीला सा
बांका सजीला सा
यार मिले तो रुक जाएं |

[Music : Sapan Chakravarty ;   Singer : Kishore Kumar Producer : B.R.Chopra;  Director: Ravi Chopra; Artist : Amitabh Bachchan]

मुहब्बत बड़े काम की चीज़ है (त्रिशूल - 1978) Muhabbat bade kaam ki cheez hai (Trishul -1978)

हर तरफ़ हुस्न है जवानी है, आज की रात क्या सुहानी है
रेशमी जिस्म थरथराते हैं,  मरमरी ख़्वाब गुनगुनाते हैं
धड़कनों में सुरूर फैला है,  रंग नजदीक--दूर फैला है
दावत--इश्क़ दे रही है फ़ज़ा,  आज हो जा किसी हसीं पे फ़िदा
मुहब्बत बड़े काम की चीज़ है, काम की चीज़ है

मुहब्बत के दम से है दुनिया की रौनक
मुहब्बत ना होती तो कुछ भी ना होता
नजर और दिल की पनाहों की खातिर
ये जन्नत ना होती तो कुछ भी ना होता
यही एक आराम की चीज़ है,  काम की चीज़ है

     किताबों में छपते हैं चाहत के किस्से
     हक़ीकत की दुनिया में चाहत नहीं
     ज़माने के बाज़ार में ये वो शह है
     कि जिसकी किसी को  ज़रूरत नहीं है
     ये बेकार, बेदाम की चीज़ है
ये कुदरत के इनाम की चीज़ है
            ये बस नाम ही नाम की चीज़ है

मुहब्बत से इतना खफ़ा होने वाले
चल आ! आज तुझको मुहब्बत सिखा दे
तेरा दिल जो बरसों से वीरां पड़ा है
किसी नाज़नीनां को इसमें बसा दें
मेरा मशवरा काम की चीज़ है, काम की चीज़ है 

[Composer : Khayyam, Singer : Lata Mangeshkar, Kishore Kumar, Yesudas, Producer : Gulshan Rai, Director : Yash Chopra, Actor : Amitabh Bachchan, Hema Malini, Shashi Kapoor, Rakhi] 

मेरे घर आई एक नन्हीं परी (कभी कभी -1976) Mere ghar aai ek nanhin pari (Kabhi kabhi -1976)

मेरे घर आई एक नन्हीं परी
चांदनी के हसीन रथ पे सवार
मेरे घर आई एक नन्ही परी |

उसकी बातों में शहद जैसी मिठास
उसकी सासों में इतर की महकास
होंठ जैसे के भीगे-भीगे गुलाब
गाल जैसे के दहके-दहके अनार
मेरे घर आई एक नन्ही परी |

उसके आने से मेरे आंगन में
खिल उठे फूल, गुनगुनायी बहार
देख कर उसको जी नहीं भरता
चाहे देखूँ उसे हज़ारों बार
मेरे घर आई एक नन्ही परी |

मैंने पूछा उसे के कौन है तू
हंस के बोली के मैं हूँ तेरा प्यार
मैं तेरे दिल में थी हमेशा से
घर में आई हूँ आज पहली बार
मेरे घर आई एक नन्ही परी


[Composer : Khayyam;  Singer: Lata Mangeshkar;   Producer/Director : Yash Chopra;   Actor : Amitabh Bhachchan, Wahida Rehmaan, Neetu Singh]  

कल नई कोंपलें फूटेंगी (कभी कभी -1976) Kal nai konplen phhotengi (Kabhi Kabhi – 1976)

कल नई कोंपलें फूटेंगीकल नए फूल मुस्काएंगे
और नई घास के नए फर्श पर नए पांव  इठलाएंगे

वो मेरे बीच नहीं आएमैं उनके बीच में क्यों आऊं
उनकी सुबह और शामों का मैं एक भी लम्हा क्यों पाऊँ



(Note on Sahir :  इन दोनों शेरों को फिल्म के पहले सीन में अमिताभ बच्चन की आवाज़ में फिल्माया गया था | यह उनकी लंबी नज़्म मैं पल दो पल का शायर हूँका एक हिस्सा हैं )

तेरा हाथ हाथ में हो अगर (कभी कभी -1976) Tera Haath haath men ho agar (Kabhi Kabhi-1976)

तेरा हाथ हाथ में हो अगर तो सफर ही असले-हयात है
मेरे हर कदम पे हैं मंज़िलेंतेरा प्यार गर मेरे साथ है

मेरी बात का मेरी हमनफस तू जवाब दे कि न दे मुझे
तेरी एक चुप में जो है छुपीवो हज़ार बातों की बात है

मेरी ज़िंदगी का हर एक पल तेरे हुस्न से है जुड़ा हुआ
तेरे होंठ थिरके तो सुबह है तेरी जुल्फ बिखरे तो रात है

(Note on Sahir :  इस ग़ज़ल को फिल्म के पहले सीन में अमिताभ बच्चन की आवाज़ में फिल्माया गया था |)


May 19, 2015

इश्क़ और मुश्क़ कदे न छुप दे (काला पत्थर -1979) Isq aur musq kade na chhup de (Kala Pathar-1979)

इश्क़ और मुश्क़ कदे न छुप देते चाहे लख छुपाइये
अखां लख झुका के चलियेते पल्ला लख बचाइये
इश्क़ है सच्चे रब दी रहमतइश्क़ तों क्यूँ शर्माइये
चढ़ दे चंद ने चढ़ के रहनाकान्नू पर्दे पाइये

जग्गेया जग्गेया जग्गेया,
कदे इश्क़ छुपण नयो लगेया

दुनिया दी इस भीड़ दे अंदरजे कोई अपणा पाइये
अपणे नूँ खुशकिस्मत कहियेते रब दा शुकर मनाइये
दिल बदले दिल मिलें ते यारासौदा झट चुकाइये
अम्बर ते जो स्वर्ग बसेओ धरती ते लै आइये
जग्गेया जग्गेया जग्गेया,
कदे इश्क़ छुपण नयो लगेया

दुनिया चार दिनां दा मेलामत्थे बल न पाइये
कौण भले कौण मन्दे जग विच्चसबणा नाल निभाइये
जग्गेया जग्गेया जग्गेया
सान्नू कौल ऐ सच्चा लगेया

पापां दी इस नगरी अंदर किस दे ऐब गिणाइये
अपणे अंदर जद-जद तकियेअपणे तों शर्माइये
जग्गेया जग्गेया जग्गेया
सान्नू कौल ऐ सच्चा लगेया  

[Music : Rajesh Roshan;  Singer : Mahendra Kapoor, Pamela Chopra, S.K.Mahaan;  Producer/Director : Yash Chopra;   Artist : Parikshit Sahni, Amitabh Bachchan, Rakhi]


December 31, 2013

ख़ामोश क्यों हो तारो, उम्मीद के सहारो (अलिफ़ लैला-1953) Khamosh kyon ho taron, Ummed ke saharon le (Alif Laila-1953)

ख़ामोश क्यों हो तारो, उम्मीद के सहारो
तुम ही उन्हें बुलाओ, तुम ही उन्हें पुकारो |

      वीरान दिल की धड़कन आवाज़ दे रही है
      तुम सामने तो आओ, पर्दानशीं बहारो |

सचमुच मेरी दुआयें, क्या तुमको खींच लाईं
मेरे क़रीब आकर इक बार फिर पुकारो |

       बेचैन आरज़ूएं कब से तरस रही हैं
       तुम दूर दूर क्यूँ हो, उल्फ़त की यादगारो |

December 28, 2013

मैं पल दो पल का शायर हूँ (कभी-कभी - 1976) Main Pal Do Pal Ka Shayar Hoon (Kabhi Kabhi - 1976)

कल नई कोंपलें फूटेंगी, कल नए फूल मुस्काएंगे
और नई घास के नए फर्श पर नए पांव  इठलाएंगे
वो मेरे बीच नहीं आए, मैं उनके बीच में क्यों आऊं
उनकी सुबह और शामों का मैं एक भी लम्हा क्यों पाऊँ

मै पल दो पल का शायर हूँपल दो पल मेरी कहानी है 
पल दो पल मेरी हस्ती है पल दो पल मेरी जवानी है

मुझसे पहले कितने शायर आये और आकर चले गये
कुछ आहें भरकर लौट गयेकुछ नगमें गाकर चले गये
वो भी इक पल का किस्सा थेमै भी इक पल का किस्सा हूँ
कल तुमसे जुदा हो जाऊंगागो आज तुम्हारा हिस्सा हूँ

कल और आयेंगे नगमों की खिलती कलियाँ चुनने वाले
मुझसे बेहतर कहने वाले, तुमसे बेहतर सुनने वाले
कल कोई मुझको याद करेक्यों कोई मुझको याद करे
मशरूफ जमाना मेरे लिए क्यों वक़्त अपना बर्बाद करे |  


[Composer : Khayyam;  Singer: Mukesh;   Producer/Director : Yash Chopra;   Actor: Amitabh Bachchan, Rakhi]



May 14, 2011

मैं हर इक पल का शायर हूँ (कभी-कभी - 1976) Main har ik pal ka shayar hoon (Kabhi Kabhi - 1976)

मैं  हर  इक  पल  का  शायर  हूँ
हर इक पल  मेरी कहानी है
हर इक पल मेरी हस्ती है
हर इक पल मेरी जवानी है .

रिश्तों का रूप बदलता है,  बुनियादें ख़तम नहीं होती
ख्वाबों  और उमंगों की मियादें ख़तम नहीं होती
इक फूल मैं तेरा रूप बसा,  इक फूल में तेरी जवानी है
इक चेहरा तेरी निशानी है,  इक चेहरा मेरी निशानी है .

तुझको मुझको जीवन अमृत अब इन हाथों से पीना है
इनकी धड़कन में बसना है,  इनकी धड़कन में जीना है
तू अपनी अदाएं बख्श इन्हें,  मैं अपनी वफायें देता हूँ
जो अपने लिए सोची थी कभी,  वो सारी दुवायें देता हूँ .

मैं  हर  इक  पल  का  शायर  हूँ
हर इक पल  मेरी कहानी है
हर इक पल मेरी हस्ती है
हर इक पल मेरी जवानी है .

[Music : Khayyam;  Singer: Mukesh;  Producer/Director : Yash Chopra]


कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है (कभी-कभी-1976) Kabhi Kabhi mere dil mein khayal aata hai (Kabhi Kabhi-1976)

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है
कि जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए
तू अबसे पहले सितारों में बस रही थी कहीं
तुझे ज़मीं पे बुलाया गया है मेरे लिए |

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
कि ये बदन, ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाँव है मेरी खातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं |

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
कि जैसे बजती है शहनाइयाँ सी राहों में
सुहागरात है घूंघट उठा रहा हूँ मैं
सिमट रही है तू शरमा अपनी बाहों में |

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है 
कि जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूँ ही
उठेगी मेरी तरफ प्यार की नज़र यूँ ही
मैं जानता हूँ कि तू गैर है मगर यूँ ही
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है |

[आखिरी लाइन में  "यूँ ही" का अर्थ शुरू की दो लाइनों से अलग है.  पहले तो साहिर इसका इस्तेमाल  अपने ख़ूबसूरत हालात(ख़यालात) की निरंतरता के लिए करते हैं, परन्तु फिर उनकी हकीकत उन पर तारी हो जाती है .  वो ख्यालों की दुनिया से वापस आ जाते है और इन ख्यालों  की निरर्थकता के लिए वो एक बार फिर "यूँ ही" शब्द का इस्तेमाल करते  हैं .   "यूँ ही" शब्द का ये अद्भुत इस्तेमाल  पढने, सुनने वाले पर एक जादू सा असर  छोड़ता है,  जो साहिर जैसों के बस का ही कमाल है] 


[Composer : Khayyam;  Singer : Mukesh, Lata;   Producer/Director : Yash Chopra;  Actor : Amitabh Bachchan, Sashi Kapoor, Rakhi]



April 23, 2011

जिंदगी हंसने गाने के लिए है पल दो पल ( जमीर-1975) zindagi hasne gane ke liye hai pal do pal (Zameer- 1975)

जिंदगी हंसने  गाने के लिए है पल दो पल
इसे खोना नहीं,  खो के रोना नहीं...

तेरे गिरने में भी तेरी हार नहीं
कि तू आदमी है, अवतार नहीं
जो देश वो भेष बना प्यारे
चले जैसे भी काम चला प्यारे
प्यारे तू गम न कर ..

जहाँ सच न चले वहाँ झूठ  सही
जहाँ हक़ न मिले वहाँ लूट सही
यहाँ चोर हैं सब कोई साध  नहीं
दुःख ढूँढ ले सुख अपराध नहीं
प्यारे तू गम न कर..

जिंदगी हंसने  गाने के लिए है पल दो पल
इसे खोना नहीं, खो के रोना नहीं...

[Singer : Kishore Kumar;  Music : Sapan Chakravarty ;   Producer : B.R.Chopra;  Director: Ravi Chopra; Artist : Amitabh]