Showing posts with label Kabhi Kabhi. Show all posts
Showing posts with label Kabhi Kabhi. Show all posts

July 10, 2017

मेरे घर आई एक नन्हीं परी (कभी कभी -1976) Mere ghar aai ek nanhin pari (Kabhi kabhi -1976)

मेरे घर आई एक नन्हीं परी
चांदनी के हसीन रथ पे सवार
मेरे घर आई एक नन्ही परी |

उसकी बातों में शहद जैसी मिठास
उसकी सासों में इतर की महकास
होंठ जैसे के भीगे-भीगे गुलाब
गाल जैसे के दहके-दहके अनार
मेरे घर आई एक नन्ही परी |

उसके आने से मेरे आंगन में
खिल उठे फूल, गुनगुनायी बहार
देख कर उसको जी नहीं भरता
चाहे देखूँ उसे हज़ारों बार
मेरे घर आई एक नन्ही परी |

मैंने पूछा उसे के कौन है तू
हंस के बोली के मैं हूँ तेरा प्यार
मैं तेरे दिल में थी हमेशा से
घर में आई हूँ आज पहली बार
मेरे घर आई एक नन्ही परी


[Composer : Khayyam;  Singer: Lata Mangeshkar;   Producer/Director : Yash Chopra;   Actor : Amitabh Bhachchan, Wahida Rehmaan, Neetu Singh]  

कल नई कोंपलें फूटेंगी (कभी कभी -1976) Kal nai konplen phhotengi (Kabhi Kabhi – 1976)

कल नई कोंपलें फूटेंगी, कल नए फूल मुस्काएंगे
और नई घास के नए फर्श पर नए पांव  इठलाएंगे

वो मेरे बीच नहीं आए, मैं उनके बीच में क्यों आऊं
उनकी सुबह और शामों का मैं एक भी लम्हा क्यों पाऊँ



(Note on Sahir :  इन दोनों शेरों को फिल्म के पहले सीन में अमिताभ बच्चन की आवाज़ में फिल्माया गया था | यह उनकी लंबी नज़्म “मैं पल दो पल का शायर हूँ” का एक हिस्सा हैं )

तेरा हाथ हाथ में हो अगर (कभी कभी -1976) Tera Haath haath men ho agar (Kabhi Kabhi-1976)

तेरा हाथ हाथ में हो अगर तो सफर ही असले-हयात है
मेरे हर कदम पे हैं मंज़िलें, तेरा प्यार गर मेरे साथ है

मेरी बात का मेरी हमनफस तू जवाब दे कि न दे मुझे
तेरी एक चुप में जो है छुपी, वो हज़ार बातों की बात है

मेरी ज़िंदगी का हर एक पल तेरे हुस्न से है जुड़ा हुआ
तेरे होंठ थिरके तो सुबह है तेरी जुल्फ बिखरे तो रात है

(Note on Sahir :  इस ग़ज़ल को फिल्म के पहले सीन में अमिताभ बच्चन की आवाज़ में फिल्माया गया था |)


November 13, 2014

प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं (कभी कभी -1976) Pyar kar liya to kya, pyar hai khata nahin (Kabhi kabhi -1976)

प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं
तेरी मेरी उम्र में किसने ये किया नहीं
प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं |

तेरे होंठ मेरे होंठ सिल गये तो क्या हुआ
दिल की तरह जिस्म भी मिल गये तो क्या हुआ
इससे पहले क्या कभी ये सितम हुआ नहीं
प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं |

मैं भी होशमंद हूँ, तू भी होशमंद है
उस तरह जियेंगे हम जिस तरह पसंद है
उनकी बात क्यूँ सुनें जिनसे वास्ता नहीं
प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं | 

रस्म क्या रिवाज़ क्या, धर्म क्या समाज क्या
दुश्मनों का खौफ़ क्यूँ ,दोस्तों की लाज क्या
ये वो शौक है कि जिससे कोई भी बचा नहीं
प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं |

[Composer : Khayyam;  Singer: Kishore Kumar;   Producer/Director : Yash Chopra;   Actor : Rishi Kapoor, Neetu Singh]  

December 28, 2013

मैं पल दो पल का शायर हूँ (कभी-कभी - 1976) Main Pal Do Pal Ka Shayar Hoon (Kabhi Kabhi - 1976)

कल नई कोंपलें फूटेंगी, कल नए फूल मुस्काएंगे
और नई घास के नए फर्श पर नए पांव  इठलाएंगे
वो मेरे बीच नहीं आए, मैं उनके बीच में क्यों आऊं
उनकी सुबह और शामों का मैं एक भी लम्हा क्यों पाऊँ

मै पल दो पल का शायर हूँ, पल दो पल मेरी कहानी है 
पल दो पल मेरी हस्ती है पल दो पल मेरी जवानी है

मुझसे पहले कितने शायर आये और आकर चले गये
कुछ आहें भरकर लौट गये, कुछ नगमें गाकर चले गये
वो भी इक पल का किस्सा थे, मै भी इक पल का किस्सा हूँ
कल तुमसे जुदा हो जाऊंगा, गो आज तुम्हारा हिस्सा हूँ

कल और आयेंगे नगमों की खिलती कलियाँ चुनने वाले
मुझसे बेहतर कहने वाले, तुमसे बेहतर सुनने वाले
कल कोई मुझको याद करे, क्यों कोई मुझको याद करे
मशरूफ जमाना मेरे लिए क्यों वक़्त अपना बर्बाद करे |  


[Composer : Khayyam;  Singer: Mukesh;   Producer/Director : Yash Chopra;   Actor: Amitabh Bachchan, Rakhi]



May 14, 2011

मैं हर इक पल का शायर हूँ (कभी-कभी - 1976) Main har ik pal ka shayar hoon (Kabhi Kabhi - 1976)

मैं  हर  इक  पल  का  शायर  हूँ
हर इक पल  मेरी कहानी है
हर इक पल मेरी हस्ती है
हर इक पल मेरी जवानी है .

रिश्तों का रूप बदलता है,  बुनियादें ख़तम नहीं होती
ख्वाबों  और उमंगों की मियादें ख़तम नहीं होती
इक फूल मैं तेरा रूप बसा,  इक फूल में तेरी जवानी है
इक चेहरा तेरी निशानी है,  इक चेहरा मेरी निशानी है .

तुझको मुझको जीवन अमृत अब इन हाथों से पीना है
इनकी धड़कन में बसना है,  इनकी धड़कन में जीना है
तू अपनी अदाएं बख्श इन्हें,  मैं अपनी वफायें देता हूँ
जो अपने लिए सोची थी कभी,  वो सारी दुवायें देता हूँ .

मैं  हर  इक  पल  का  शायर  हूँ
हर इक पल  मेरी कहानी है
हर इक पल मेरी हस्ती है
हर इक पल मेरी जवानी है .

[Music : Khayyam;  Singer: Mukesh;  Producer/Director : Yash Chopra]


कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है (कभी-कभी-1976) Kabhi Kabhi mere dil mein khayal aata hai (Kabhi Kabhi-1976)

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है
कि जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए
तू अबसे पहले सितारों में बस रही थी कहीं
तुझे ज़मीं पे बुलाया गया है मेरे लिए |

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
कि ये बदन, ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाँव है मेरी खातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं |

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
कि जैसे बजती है शहनाइयाँ सी राहों में
सुहागरात है घूंघट उठा रहा हूँ मैं
सिमट रही है तू शरमा अपनी बाहों में |

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है 
कि जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूँ ही
उठेगी मेरी तरफ प्यार की नज़र यूँ ही
मैं जानता हूँ कि तू गैर है मगर यूँ ही
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है |

[आखिरी लाइन में  "यूँ ही" का अर्थ शुरू की दो लाइनों से अलग है.  पहले तो साहिर इसका इस्तेमाल  अपने ख़ूबसूरत हालात(ख़यालात) की निरंतरता के लिए करते हैं, परन्तु फिर उनकी हकीकत उन पर तारी हो जाती है .  वो ख्यालों की दुनिया से वापस आ जाते है और इन ख्यालों  की निरर्थकता के लिए वो एक बार फिर "यूँ ही" शब्द का इस्तेमाल करते  हैं .   "यूँ ही" शब्द का ये अद्भुत इस्तेमाल  पढने, सुनने वाले पर एक जादू सा असर  छोड़ता है,  जो साहिर जैसों के बस का ही कमाल है] 


[Composer : Khayyam;  Singer : Mukesh, Lata;   Producer/Director : Yash Chopra;  Actor : Amitabh Bachchan, Sashi Kapoor, Rakhi]