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November 30, 2016

मैं बम्बई का बाबू, नाम मेरा अंजाना (नया दौर -1957) Main Bombay ka babu, naam mere Anjana (Naya Daur-1957)

मैं बम्बई का बाबू, नाम मेरा अंजाना
इंग्लिश धुन में गाऊं,  मैं हिंदुस्तानी गाना

यह दुनिया है उस की जो दुनिया से खेले
सख़्ती हो या नर्मी हँसते-हँसते झेले
सुन लो अजी सुन लो ! ये जादू का तराना

कुछ हैं दौलत वाले, कुछ हैं ताक़त वाले
असली वाले वो हैं,  जो  हैं हिम्मत वाले
सुन लो, अजी सुन लो ! ये जादू का तराना

आया हूं मैं बंधु रूस और चीन में जा के
काम की बात बता दी, मैंने कॉमेडी गाना गा के
सुन लो, अजी सुन लो ! ये जादू का तराना

[Composer : O.P.Nayar, Singer : Md. Rafi , Producer & Director : B.R.Chopra, Actor : Johny Walker, Dilip Kumar, Vaijyanthi Mala]

माँग के साथ तुम्हारा (नया दौर -1957) Maang ke saath tumhara (Naya Daur-1957)

माँग के साथ तुम्हारा मैंने मांग लिया संसार

दिल कहे दिलदार मिला, हम कहें हमें प्यार मिला

प्यार मिला हमें यार मिला, इक नया संसार मिला
आस मिली अरमान मिला
जीने का सामान मिला
मिल गया एक सहारा
माँग के साथ तुम्हारा

दिल जवां और रुत हसीं, चल यूँ ही चल दें कहीं
तू चाहे ले चल कहीं, तुझ पे है मुझको यकीं
जान भी तू है, दिल भी तू ही
राह भी तू, मंज़िल भी तू ही
और तू ही आस का तारा
माँग के साथ तुम्हारा


[Composer : O.P.Nayar, Singer : Md. Rafi, Asha Bhonsle, Producer & Director : B.R.Chopra, Actor : Dilip Kumar, Vaijyanthi Mala]


साथी हाथ बढ़ाना (नया दौर -1957) Sathi haath badhana (Naya Daur-1957)

साथी हाथ बढ़ाना !
एक अकेला थक जायेगा मिलकर बोझ उठाना
साथी हाथ बढ़ाना !

हम मेहनतवालों ने जब भी मिलकर कदम बढ़ाया
सागर ने रस्ता छोड़ा, परबत ने शीश झुकाया
फ़ौलादी हैं सीने अपने, फ़ौलादी हैं बाहें
हम चाहें तो पैदा कर दें, चट्टानों में राहें,
साथी हाथ बढ़ाना !

मेहनत अपनी लेख की रेखा, मेहनत से क्या डरना
कल गैरों की खातिर की, अब अपनी खातिर करना
अपना दुख भी एक है साथी, अपना सुख भी एक
अपनी मंजिल सच की मंजिल, अपना रस्ता नेक
साथी हाथ बढ़ाना !

एक से एक मिले तो कतरा बन जाता है दरिया
एक से एक मिले तो ज़र्रा बन जाता है सहरा
एक से एक मिले तो राई बन सकती है परबत
एक से एक मिले तो इंसां बस में कर ले किस्मत
साथी हाथ बढ़ाना !

माटी से हम लाल निकालें, मोती लाएं जल से
जो कुछ इस दुनिया में बना है ,बना हमारे बल से
कब तक मेहनत के पैरों में दौलत की ज़ंज़ीरें?
हाथ बढ़ाकर छीन लो अपने सपनों की ताबीरें
साथी हाथ बढ़ाना !

[Composer : O.P.Nayar, Singer : Md. Rafi, Asha Bhonsle, Producer & Director : B.R.Chopra, Actor : Dilip Kumar, Vaijyanthi Mala]

April 17, 2015

उड़ें जब जब ज़ुल्फ़ें तेरी (नया दौर-1957) Ude jab jab zulfen teri (Naya Daur -1957)

उड़ें जब जब ज़ुल्फ़ें तेरी, कंवारियों का दिल मचले
जिन्द मेरिये
जब ऐसे चिकने चेहरे, तो कैसे न नज़र फिसले
जिन्द मेरिये

रुत प्यार करन की आयी, के बेरियों के बेर पक गये
जिंद मेरिये
कभी डाल इधर भी फेरा, के तक तक नैन थक गये
जिन्द मेरिये

उस गाँव पे सँवर कभी सदके, के जहाँ मेरा यार बसता
जिंद मेरिये
पानी लेने के बहाने आजा, के तेरा मेरा इक रस्ता
जिन्द मेरिये

तुझे चाँद के बहाने देखूँ, तू छत पर आजा गोरिये
जिंद मेरिये

अभी छेड़ेंगे गली के सब लड़के, के चाँद बैरी छिप जाने दे
जिन्द मेरिये

तेरी चाल है नागन जैसी, री जोगी तुझे ले जायेंगे
जिंद मेरिये
जायेँ कहीं भी मगर हम सजना, ये दिल तुझे दे जायेंगे
जिन्द मेरिये


[Composer : O.P.Nayyar, Singer: Asha Bhonsle, Md.Rafi, Producer & Director: B.R.Chopra, Actor : Dilip Kumar, Vaijyanthi Mala]

March 11, 2015

आना है तो आ, राह में कुछ फेर नहीं है (नया दौर -1957) Aana hai to aa, raah men kuch pher nahi hai (Naya Daur-1957)

आना है तो आ, राह में कुछ फेर नहीं है
भगवान के घर देर है, अन्धेर नहीं है

जब तुझसे न सुलझे तेरे उलझे हुये धंधे
भगवान के इंसाफ पे सब छोड़ दे बंदे
खुद ही तेरी मुश्किल को वो आसान करेगा
जो तू नहीं कर पाया तो भगवान करेगा

कहने की ज़रूरत नहीं आना ही बहुत है
इस दर पे तेरा शीश झुकाना ही बहुत है
जो कुछ है तेरे दिल में वो सब उसको खबर है
बन्दे तेरे हर हाल पे मालिक की नज़र है

बिन मांगे भी मिलती हैं यहाँ मन की मुरादें
दिल साफ हो जिनका वो यहाँ आ के सदा दें
मिलता है जहाँ न्याय वो दरबार यही है
संसार की सबसे बड़ी सरकार यही है

[Composer : O P Nayyar, Singer : Md. Rafi, Producer & Director : B.R.Chopra, Actor : Dilip Kumar, Vaijyanthi Mala, Ajit]
 

August 16, 2014

औरत ने जनम दिया मर्दों को (साधना -1958) Aurat ne janam diya mardon ko (Sadhna - 1958)

औरत ने जनम दिया मर्दों को,  मर्दों ने उसे बाज़ार दिया
जब जी चाहा मसला कुचला, जब जी चाहा धुत्कार दिया |.

तुलती है कहीं दीनारों में, बिकती है कहीं बाज़ारों में
नंगी नचवाई जाती है, ऐय्याशों के दरबारों में
ये वो बेइज्ज़त चीज़ है जो, बंट जाती है इज्ज़तदारों में ।

मर्दों के लिए हर ज़ुल्म रवां, औरत के लिए रोना भी खता
मर्दों के लिए लाखों सेजें, औरत के लिए बस एक चिता
मर्दों के लिए हर ऐश का हक, औरत के लिए जीना  भी सज़ा ।

जिन होठों ने इनको प्यार किया, उन होठों का व्योपार किया
जिस कोख में इनका जिस्म ढला, उस कोख का कारोबार किया
जिस तन से उगे कोपल बन कर, उस तन को ज़लील-ओ-खार किया ।

मर्दों ने बनायीं जो रस्में, उनको हक का फरमान कहा
औरत के ज़िंदा जलने 
को, कुर्बानी और बलिदान कहा
किस्मत के बदले रोटी 
दी, और उसको भी एहसान कहा ।

संसार की हर इक बेशर्मी, ग़ुरबत की गोद में पलती है
चकलों ही में आ के रूकती है, फाकों से जो राह निकलती है
मर्दों की हवस है जो अक्सर, औरत के पाप में ढलती  है ।

औरत संसार की इस्मत है, फिर भी तकदीर की हेटी है
अवतार पयम्बर जनती है, फिर भी शैतान की बेटी है
ये वो बदकिस्मत माँ है  जो, बेटों की सेज पे लेटी है  | 


[Composer : N.Dutta; Singer : Lata Mangeshkar;  Producer & Director : B.R. Chopra;  Actor : Vaijyanthi Mala]