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May 21, 2015

क्रोध कपट के अंधियारे में (अरमान -1953) Krodh kapat ke andhiyare men (Armaan -1953)

क्रोध कपट के अंधियारे में जीवन ज्योत जगाये जा
आते जाते सांस की धुन पे हरी नाम गुण गाये जा  

क्या ढूंढे बस्ती और बन में
प्रभु  तेरा  है  तेरे  मन में
दर-दर अलख जगाने  वाले
भीतर  खोज  लगाये  जा
क्रोध कपट के अंधियारे में जीवन ज्योत जगाये जा

ये जीवन करमों की खेती
जो बीजो तो ही फल देती
इस दुनिया में दान दिये जा
उस  दुनिया  में  पाये  जा
क्रोध कपट के अंधियारे में जीवन ज्योत जगाये जा

ये जग है दो दिन का ठिकाना
जोगी  रे  तोहे  दूर  है जाना
तोड़  के मायाजाल  के  बंधन
लौ  ईश्वर  से   लगाये   जा
क्रोध कपट के अंधियारे में जीवन ज्योत जगाये जा

 
 [Composer :  S D Burman, Singer : Manna Dey, Producer : F.Tech of India, Director : Fali Mistry]

December 31, 2013

बोल न बोल ऐ जानेवाले (अरमान -1953) Bol na bol ai janewale (Armaan -1953)

बोल न बोल ऐ जानेवाले, सुन तो ले दीवानों की
अब नहीं देखी जाती हमसे ये हालत अरमानों की |

हुस्न के खिलते फूल हमेशा बेदर्दों के हाथ बिके
और चाहत के मतवालों को धूल मिली वीरानों की |

दिल के नाज़ुक जज़्बों पर भी राज है सोने चाँदी का
ये दुनिया क्या क़ीमत देगी सादादिल इन्सानों की |
[Composer :  S.D.Burman,  Singer : Talat Mahmood, Asha Bhonsle  Producer : F.Tech of India, Director : Fali Mistry]

April 14, 2013

भरम तेरी वफ़ाओं का मिटा देते तो क्या होता (अरमान -1953) Bharam teri wafaon ka mita dete to kya hota (Armaan -1953)

भरम तेरी वफ़ाओं का मिटा देते तो क्या होता
तेरे चेहरे से हम पर्दा उठा देते तो क्या होता |

मुहब्बत भी तिजारत हो गयी है इस ज़माने में
अगर ये राज़ दुनिया को बता देते तो क्या होता |

तेरी उम्मीद पर जीने से हासिल कुछ नहीं लेकिन
अगर यूँ ही दिल को आसरा देते तो क्या होता |

[Composer :  S.D.Burman,  Singer : Talat Mahmood,  Producer : F.Tech of India, Director : Fali Mistry]


July 22, 2011

जब दुनिया बदली है फिर क्यों न बदलें हम- (अरमान-1953) Jab duniya badli hai fir kyon na badlen hum - (Armaan-1953)

जब दुनिया बदली है, फिर क्यों का बदले हम
खिलते हुए मौसम में, क्यों बीती ऋत का गम |

जो बीती बीत गयी, अब उसको याद न कर
रंगीन बहारो को, यूँ ही बर्बाद न कर
इन नाज़ुक घडियो की, उम्रे होती है कम
खिलते हुए मौसम में, क्यों बीती ऋत का गम |

चाहत के गुलशन से, खुशियों की कलियाँ चुन
कुछ अपने दिल की कह, कुछ मेरे दिल की सुन
ये दूरी कैसी है, मैं फूल हूँ तू शबनम
खिलते हुए मौसम में, क्यों बीती ऋत का गम |

[Music : S.D.Burman; Singer : Asha Bhonsle;  Producer : F.Tech of India; Director : Fali Mistry]