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May 21, 2014

ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा (काजल -1965) Ye zulf agar khul ke bikhar jaye to achchha (Kaajal -1965)

ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा
इस रात की तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा |

जिस तरह से थोड़ी सी तेरे साथ कटी है
बाक़ी भी उसी तरह गुज़र जाए तो अच्छा |

दुनिया की निगाहों में भला क्या है बुरा क्या
ये बोझ अगर दिल से उतर जाए तो अच्छा |

वैसे तो तुम्हीं ने मुझे बर्बाद किया है
इल्ज़ाम किसी और के सर जाए तो अच्छा |

[Composer : Ravi, Singer : Md. Rafi, Production : Kalpanalok; Direction :Ram Maheshwary, Actor : Raj Kumar, Helen]

 

मुद्दत की तमन्नाओं का सिला जज्बात को अब मिल जाने दो (काजल -1965) Muddat ki tammanaon ka sila jajbaat ko ab mil jane do (Kaajal -1965)

मुद्दत की तमन्नाओं का सिला जज्बात को अब मिल जाने दो
जिस तरह मिली है दो रूहें , उस तरह से लब मिल जाने दो |

सीने से हटा दो आँचल को, साने से झटक दो जुल्फों को
जाती हुई रंगीन घड़ियों को रुकने का सबब मिल जाने दो |

इन पाक गुनाहों की घड़ियाँ आती है मगर हर रात नहीं
इस रात में सब खो जाने दो, इस रात में सब मिल जाने दो |

[Singer : Mahender Kapoor,Composer : Ravi, Production : Kalpanalok; Direction :Ram Maheshwary, Actor : Dharmender, Padmini]
 

May 16, 2013

छू लेने दो नाज़ुक होठों को (काजल -1965) Choo lene do nazuk hontho ko (Kaajal -1965)

छू लेने दो नाज़ुक होठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये
क़ुदरत ने जो हमको बख़्शा है, वो सबसे हसीं ईनाम हैं ये |

शरमा के न यूँ ही खो देना, रंगीन जवानी की घड़ियाँ
बेताब धड़कते सीनों का, अरमान भरा पैगाम है ये  |

अच्छों को बुरा साबित करना, दुनिया की पुरानी आदत है
इस मै को मुबारक चीज़ समझ, माना कि बहुत बदनाम है ये  | 

[Composer : Ravi, Singer : Md.Rafi, Production : Kalpanalok; Direction :Ram MaheshwaryActor : Raj Kumar, Meena Kumari]



January 03, 2012

तोरा मन दर्पण कहलाये (काजल-1965) Tora Mann Darpan Kehlaye (Kaajal-1965)

प्राणी अपने प्रभु से पूछे किस विधि पाऊँ तोहे
प्रभु कहे तु मन को पा ले, पा जयेगा मोहे

तोरा मन दर्पण कहलाये
भले बुरे सारे कर्मों को, देखे और दिखाये
तोरा मन दर्पण कहलाये

मन ही देवता, मन ही ईश्वर, मन से बड़ा न कोय
मन उजियारा जब जब फैले, जग उजियारा होय
इस उजले दर्पण पे प्राणी, धूल न जमने पाये

सुख की कलियाँ, दुख के कांटे, मन सबका आधार
मन से कोई बात छुपे ना, मन के नैन हज़ार
जग से चाहे भाग लो कोई, मन से भाग न पाये

तन की दौलत ढलती छाया मन का धन अनमोल
तन के कारण मन के धन को मत माटी में रौंद
मन की क़दर भुलानेवाला हीरा जनम गवाये

[Singer : Lata Mangeshkar; Composer : Ravi, Production : Kalpanalok;  Direction :Ram  Maheshwary, Actor : Meena Kumari]