This is a humble collection of songs of Sahir Ludhianvi, the greatest lyricist, Bollywood has ever seen. Sahir used his songs for spreading message of love for humankind through philosophical notes or social commentary. He also used some of his ghazals & nazms in his movies also by simplifying them. For selecting a song of their choice, readers may type the name of song, movie, singer, composer etc in the SEARCH column on right side, or use the Labels on left side of page.
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July 30, 2017
July 21, 2017
प्रभु तेरो नाम, जो ध्याये फल पाये (हम दोनों-1961) Prabhu tero naam, jo dhyaye fal paye (Hum Dono-1961)
प्रभु तेरो नाम, जो ध्याये फल पाये
सुख लाये तेरो नाम
तेरी दया हो जाये तो दाता
जीवन धन मिल जाये
सुख लाये तेरो नाम
तू दानी, तू अंतर्यामी
तेरी कृपा हो जाये तो स्वामी
हर बिगड़ी बन जाये
जीवन धन मिल जाये
सुख लाये तेरो नाम
बस जाये मोरा सूना अंगना
खिल जाये मुरझाया कंगना
जीवन में रस आये
जीवन धन मिल जाये
सुख लाये तेरो नाम
[Composer : Jaidev; Singer : Asha Bhonsle; Production House : Navketan Films; Director : Amarjeet; Actor : Nanda, Lalita Panwar]
सुख लाये तेरो नाम
तेरी दया हो जाये तो दाता
जीवन धन मिल जाये
सुख लाये तेरो नाम
तू दानी, तू अंतर्यामी
तेरी कृपा हो जाये तो स्वामी
हर बिगड़ी बन जाये
जीवन धन मिल जाये
सुख लाये तेरो नाम
बस जाये मोरा सूना अंगना
खिल जाये मुरझाया कंगना
जीवन में रस आये
जीवन धन मिल जाये
सुख लाये तेरो नाम
[Composer : Jaidev; Singer : Asha Bhonsle; Production House : Navketan Films; Director : Amarjeet; Actor : Nanda, Lalita Panwar]
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दुख और सुख के रास्ते, बने हैं सबके वास्ते (हम दोनों-1961) Dukh aur sukh ke raaste, bane hain sabke vaste (Hum Dono-1961)
दुख और सुख के रास्ते, बने हैं सब के वास्ते
जो ग़म से हार जाओगे, तो किस तरह निभाओगे
खुशी मिले हमें के ग़म, जो होगा बाँट लेंगे हम
मुझे तुम आज़माओ तो, ज़रा नज़र मिलाओ तो
ये जिस्म दो सही, दिलों में फ़ासला नहीं
जहां में ऐसा कौन है, कि जिसको ग़म मिला नहीं
तुम्हारे प्यार की क़सम, तुम्हारा ग़म है मेरा ग़म
न यूँ बुझे-बुझे रहो, जो दिल की बात है कहो
जो मुझ से भी छुपाओगे, तो फिर किसे बताओगे
मैं कोई गैर तो नहीं, दिलाऊँ किस तरह यक़ीं
कि तुमसे मैं जुदा नहीं, मुझसे तुम जुदा नहीं
[Composer : Jaidev; Singer : Asha Bhonsle; Production House : Navketan Films; Director : Amarjeet; Actor : Dev Anand, Sadhna]
जो ग़म से हार जाओगे, तो किस तरह निभाओगे
खुशी मिले हमें के ग़म, जो होगा बाँट लेंगे हम
मुझे तुम आज़माओ तो, ज़रा नज़र मिलाओ तो
ये जिस्म दो सही, दिलों में फ़ासला नहीं
जहां में ऐसा कौन है, कि जिसको ग़म मिला नहीं
तुम्हारे प्यार की क़सम, तुम्हारा ग़म है मेरा ग़म
न यूँ बुझे-बुझे रहो, जो दिल की बात है कहो
जो मुझ से भी छुपाओगे, तो फिर किसे बताओगे
मैं कोई गैर तो नहीं, दिलाऊँ किस तरह यक़ीं
कि तुमसे मैं जुदा नहीं, मुझसे तुम जुदा नहीं
[Composer : Jaidev; Singer : Asha Bhonsle; Production House : Navketan Films; Director : Amarjeet; Actor : Dev Anand, Sadhna]
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अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम (हम दोनों-1961) Allah tero naam, Ishwar tero naam (Hum Dono-1961)
अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम
सबको सन्मति दे भगवान
इस धरती का रूप ना उजड़े
प्यार की ठंडी धूप ना उजड़े
सबको मिले सुख का वरदान
मांगों का सिन्दूर ना छूटे
माँ बहनों की आस ना टूटे
देह बिना दाता,भटके ना प्राण
ओ सारे जग के रखवाले
निर्बल को बल देने वाले
बलवानों को दे दे ज्ञान
[Composer : Jaidev; Singer : Lata Mangeshkar; Production House : Navketan Films; Director : Amarjeet; Actor : Dev Anand, Nanda, Sadhna, Lalita Panwar]
सबको सन्मति दे भगवान
इस धरती का रूप ना उजड़े
प्यार की ठंडी धूप ना उजड़े
सबको मिले सुख का वरदान
मांगों का सिन्दूर ना छूटे
माँ बहनों की आस ना टूटे
देह बिना दाता,भटके ना प्राण
ओ सारे जग के रखवाले
निर्बल को बल देने वाले
बलवानों को दे दे ज्ञान
[Composer : Jaidev; Singer : Lata Mangeshkar; Production House : Navketan Films; Director : Amarjeet; Actor : Dev Anand, Nanda, Sadhna, Lalita Panwar]
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December 14, 2016
अभी न जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं (हम दोनों-1961) Abhi na jao chhod kar ki dil abhi bhara nahin (Hum Dono-1961)
अभी न जाओ छोड़कर, कि दिल अभी भरा
नहीं
अभी अभी तो आई हो, बहार बन के छाई हो
हवा ज़रा महक तो ले, नज़र ज़रा बहक तो ले
ये शाम ढल तो ले ज़रा, ये दिल सम्भल तो ले ज़रा
मैं थोड़ी देर जी तो लूँ, नशे के घूँट पी तो लूँ
अभी तो कुछ कहा नहीं, अभी तो कुछ सुना नहीं
अभी अभी तो आई हो, बहार बन के छाई हो
हवा ज़रा महक तो ले, नज़र ज़रा बहक तो ले
ये शाम ढल तो ले ज़रा, ये दिल सम्भल तो ले ज़रा
मैं थोड़ी देर जी तो लूँ, नशे के घूँट पी तो लूँ
अभी तो कुछ कहा नहीं, अभी तो कुछ सुना नहीं
सितारे झिलमिला उठे, चराग़ जगमगा उठे
बस अब न मुझ को टोकना, न बढ़ के राह रोकना
अगर मैं रुक गई अभी तो जा न पाऊँगी कभी
यही कहोगे तुम सदा कि दिल अभी नहीं भरा
जो खत्म हो किसी जगह ये ऐसा सिलसिला नहीं
बस अब न मुझ को टोकना, न बढ़ के राह रोकना
अगर मैं रुक गई अभी तो जा न पाऊँगी कभी
यही कहोगे तुम सदा कि दिल अभी नहीं भरा
जो खत्म हो किसी जगह ये ऐसा सिलसिला नहीं
अधूरी आस छोड़ के, अधूरी प्यास छोड़ के
जो रोज़ यूँ ही जाओगी तो किस तरह निभाओगी
कि ज़िंदगी की राह में, जवाँ दिलों की चाह में
कई मक़ाम आयेँगे, जो हमको आज़माएंगे
बुरा न मानो बात का,ये प्यार है गिला नहीं
अभी न जाओ छोड़कर, कि दिल अभी भरा नहीं
जो रोज़ यूँ ही जाओगी तो किस तरह निभाओगी
कि ज़िंदगी की राह में, जवाँ दिलों की चाह में
कई मक़ाम आयेँगे, जो हमको आज़माएंगे
बुरा न मानो बात का,ये प्यार है गिला नहीं
अभी न जाओ छोड़कर, कि दिल अभी भरा नहीं
[Composer
: Jaidev; Singer : Md. Rafi, Asha Bhonsle; Production House : Navketan
Films; Director : Amarjeet; Actor : Dev Anand, Sadhna]
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December 06, 2014
भूल सकता है भला कौन ये प्यारी आँखें (धर्मपुत्र -1961) Bhool sakta hai bhala kaun ye pyari aankhen – (Dharmputra- 1961)
भूल सकता है भला कौन ये
प्यारी आँखें
रंग में डूबी हुई नींद से भारी आँखें |
रंग में डूबी हुई नींद से भारी आँखें |
मेरी हर सांस ने हर सोच ने चाहा है तुम्हें
जब से देखा है तुम्हें तब से सराहा है तुम्हें
बस गई हैं मेरी आँखों में तुम्हारी आँखें
जब से देखा है तुम्हें तब से सराहा है तुम्हें
बस गई हैं मेरी आँखों में तुम्हारी आँखें
रंग में डूबी हुई नींद से भारी आँखें |
तुम जो नज़रों को उठाओ तो सितारे झुक जायें
तुम जो पलकों को झुकाओ तो ज़माने रुक जायें
क्यूँ न बन जायें इन आँखों पुजारी आँखें
तुम जो पलकों को झुकाओ तो ज़माने रुक जायें
क्यूँ न बन जायें इन आँखों पुजारी आँखें
रंग में डूबी हुई नींद से भारी आँखें |
जागती रातों को सपनों का खज़ाना मिल जाये
तुम जो मिल जाओ तो जीने का बहाना मिल जाये
अपनी क़िस्मत पे करे नाज़ हमारी आँखें
तुम जो मिल जाओ तो जीने का बहाना मिल जाये
अपनी क़िस्मत पे करे नाज़ हमारी आँखें
रंग में डूबी हुई नींद से भारी आँखें |
[Composer : N.Dutta; Singer
: Mahender Kapoor; Producer : B.R.Chopra; Director :
Yash Chopra; Actor : Sashi Kapoor]
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May 15, 2011
चाहे ये मानो चाहे वो मानो (धर्मपुत्र -1961) Chahe Yeh Mano Chahe Woh Mano - (Dharamputra 1961)
काबे में रहो या काशी में, निस्बत तो उसी की ज़ात से है
तुम राम कहो के रहीम कहो, मतलब तो उसी की बात से है
तुम राम कहो के रहीम कहो, मतलब तो उसी की बात से है
ये मस्जिद है वो बुतखाना, चाहे ये मानो चाहे वो मानो
मकसद तो है दिल को समझाना, मानो ये मानो चाहे वो मानो
ये शेख़-ओ-बरहमन के झगड़े, सब नासमझी की बाते हैं
हमने तो है बस इतना जाना, चाहे ये मानो चाहे वो मानो
गर जज़्ब-ए-मुहब्बत सादिक हो, हर दर से मुरादें मिलती हैं
मंदिर से मुरादें मिलती हैं, मस्जिद से मुरादें मिलती हैं
काबे से मुरादें मिलती हैं, काशी से मुरादें मिलती हैं
हर घर है उसी का काशाना, चाहे ये मानो चाहे वो मानो
मकसद तो है दिल को समझाना, मानो ये मानो चाहे वो मानो
ये शेख़-ओ-बरहमन के झगड़े, सब नासमझी की बाते हैं
हमने तो है बस इतना जाना, चाहे ये मानो चाहे वो मानो
गर जज़्ब-ए-मुहब्बत सादिक हो, हर दर से मुरादें मिलती हैं
मंदिर से मुरादें मिलती हैं, मस्जिद से मुरादें मिलती हैं
काबे से मुरादें मिलती हैं, काशी से मुरादें मिलती हैं
हर घर है उसी का काशाना, चाहे ये मानो चाहे वो मानो
[Music : N.Dutta; Singer : Mahender Kapoor; Producer : B.R.Chopra; Director : Yash Chopra ]
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Mahender Kapoor,
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April 22, 2011
मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया (हम दोनों-1961) Main zindagi ka saath nibhata chala gaya (Hum Dono-1961)
मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया
हर फ़िक्र को धुएं में उडाता चला गया ।
बरबादियों का सोग मानना फ़िज़ूल था,
ग़म और ख़ुशी में फर्क न महसूस हो जहाँ
हर फ़िक्र को धुएं में उडाता चला गया ।
बरबादियों का सोग मानना फ़िज़ूल था,
बरबादियों का जश्न मनाता चला गया ।
जो मिल गया उसी को मुक़द्दर समझ लिया
जो मिल गया उसी को मुक़द्दर समझ लिया
जो खो गया मैं उसको भुलाता चला गया ।
ग़म और ख़ुशी में फर्क न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मुकाम पे लाता चला गया ।
हर फ़िक्र को धुएं में उडाता चला गया ।
[Music : Jaidev; Singer : Md. Rafi; Production House : Navketan Films; Director : Amarjeet; Actor : Dev Anand]
कभी खुद पे कभी हालात पे रोना आया (हम दोनों-1961) Kabhi khud pe kabhi halaat pe rona aaya (Hum Dono-1961)
कभी खुद पे कभी हालात पे रोना आया
बात निकली तो हरेक बात पे रोना आया ।हम तो समझे थे के हम भूल गये हैं उनको
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया ।
किस लिये जीते हैं हम किसके लिये जीते हैं
बारहा ऐसे सवालात पे रोना आया ।
कौन रोता है किसी और के खातिर ऐ दोस्त
सबको अपनी ही किसी बात पे रोना आया ।
[Music : Jaidev; Singer : Md. Rafi; Production House : Navketan; Director : Amarjeet; Actor : Dev Anand]
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