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July 30, 2017

क्या मिलिये ऐसे लोगों से (इज्ज़त -1968) Kya Miliye Aise Logon Se (Izzat - 1968)

क्या मिलिये ऐसे लोगों से, जिनकी फ़ितरत छुपी रहे
नकली चेहरा सामने आए, असली सूरत छुपी रहे |


खुद से भी जो खुद को छुपाएं,  क्या उनसे पहचान करें
क्या उनके दामन से लिपटें, क्या उनका अरमान करें
जिनकी आधी नीयत उभरे, आधी नीयत छुपी रहे

दिलदारी का ढोंग रचाकर, जाल बिछाएं बातों का
जीते-जी का रिश्ता कहकर, सुख ढूंढे कुछ रातों का
रूह की हसरत लब पे आए, जिस्म की हसरत छुपी रहे


जिनके ज़ुल्म से दुखी है जनता, हर बस्ती हर गांव में
दया-धरम की बात करें वो बैठ के सजी सभाओं में
दान का चर्चा घर घर पहुंचे, लूट की दौलत छुपी रहे

देखें इन नकली चेहरों की कब तक जय-जयकार चले
उजले कपड़ों की तह में कब तक काला संसार चले
कब तक लोगों की नज़रों से छुपी हकीकत छुपी रहे

[Composer : Lakshmikant Pyarelal, Singer : Md. Rafi, Producer/ Director : T.Prakash Rao; Actor : Dharmendra, Balraj Sahni]

April 23, 2014

आज इस दर्जा पिला दो, के न कुछ याद रहे (वासना -1968) Aaj is darja pila do, ke an kuchh yaad rahe (Vaasna-1968)

आज इस दर्जा पिला दो, के कुछ याद रहे
बेख़ुदी इतनी बढ़ा दो, के न कुछ याद रहे |

दोस्ती क्या है, वफ़ा क्या है, मुहब्बत क्या है
दिल का क्या मोल है, एहसास की कीमत क्या है
हमने सब जान लिया है, के हक़ीक़त क्या है
आज बस इतनी दुआ दो के न कुछ याद रहे |

मुफ़लिसी देखी, अमीरी की अदा देख चुके
ग़म का माहौल, मुसर्रत की फ़िज़ा देख चुके
कैसे फिरती है ज़माने की हवा देख चुके
शम्मा यादों की बुझा दो, के न कुछ याद रहे |

इश्क़ बेचैन ख़्यालों के सिवा के कुछ भी नहीं
हुस्न बेरूह उजालों के सिवा कुछ भी नहीं
ज़िंदगी चंद सवालों के सिवा कुछ भी नहीं
हर सवाल ऐसे मिटा दो के न कुछ याद रहे |

मिट न पाएगा जहां से कभी नफ़रत का रिवाज
हो न पाएगा कभी रूह के ज़ख़्मों का इलाज
सल्तनत ज़ुल्म, ख़ुदा वहम, मुसीबत है समाज
ज़ेहन 
को ऐसे सुला दो के कुछ याद रहे |
 
[Singer: Md. Rafi, Composer : Chitragupta, Producer : Kuljit Pal; Director : T.Prakash Rao, Actor : Rajkumar]

January 05, 2014

हर तरह के जज़्बात का ऐलान हैं आँखें (आँखें -1968) Har tarah ke jazbaat ka ailan kain aanken (Aankhen -1968)

हर तरह के जज़्बात का ऐलान हैं आँखें
शबनम कभी शोला कभी तूफ़ान हैं आँखें |


आँखों से बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती
तुलता है बशर जिसमें वो मीजान हैं आँखें | 

आँखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को
अनजान हैं हम-तुम अगर अनजान हैं आँखें | 

लब कुछ भी कहें उससे हक़ीक़त नहीं खुलती
इनसान के सच झूठ की पहचान हैं आँखें |
आँखें न झुकें तेरी किसी ग़ैर के आगे
दुनिया में बड़ी चीज़ मेरी जान हैं आँखें |


उस मुल्क़ की सरहद को कोई छू नहीं सकता
जिस मुल्क़ की सरहद की निगेहबान हैं आँखें |

 
[Music : Ravi,  Singer : Md. Rafi, Producer/ Director : Ramanand Sagar]

December 31, 2013

शरमा के यूँ न देख अदा के मक़ाम से (नीलकमल -1968) Sharma ke yun na dekh ada ke makam se (Neelkamal -1968)

शरमा के यूँ देख अदा के मक़ाम से
अब बात बढ़ चुकी है या के मक़ाम से |

तस्वीर खींच ली है तेरे शोख़ हुस्न की
मेरी नज़र ने आज ख़ता के मक़ाम से |

दुनिया को भूल कर मेरी बाँहों में झूल जा
आवाज़ दे रहा हूँ वफ़ा के मक़ाम से |

दिल के मुआमले में नतीज़े की फ़िक़्र क्या
आगे है इश्क़ ज़ुर्म--सज़ा के मक़ाम से |

[Music : Ravi,  Singer : Md. Rafi,  Producer : Pannalal Maheshwary,  Director : Ram Maheshwary, Actor :Rajkumar, Wahida Rehman]
 

December 30, 2013

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी(आँखें -1968) Milti hai zindagi men muhabbat kabhi kabhi (Aankhen -1968)

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी
होती है दिलबरों की इनायत कभी कभी |

शरमा के मुँह न फेर नज़र के सवाल पर
लाती है ऐसे मोड़ पे क़िस्मत कभी कभी |

खुलते नहीं हैं रोज़ दरीचे बहार के
आती है जानेमन ये क़यामत कभी कभी |

तनहा न कट सकेंगे जवानी के रास्ते
पेश आएगी किसी की ज़रूरत कभी कभी |

फिर खो न जाएं हम कहीं दुनिया की भीड़ में
मिलती है पास आने की मोहलत कभी-कभी |

[Music : Ravi,  Singer : Lata Mangeshkar,  Producer/ Director : Ramanand Sagar, Actor : Mala Sinha, Dharmendra ]

वो ज़िन्दगी जो थी अब तेरी पनाहों में (नीलकमल -1968) Woh Zindagi Jo Thi Ab Tak Teri Panahon Mein (Neelkamal -1968)

वो ज़िन्दगी जो थी अब तेरी पनाहों में
चली है आज भटकने उदास राहों में |

तमाम उम्र के रिश्ते घड़ी में ख़ाक़ हुए
हम हैं दिल में किसी के  हैं निगाहों में |

ये आज जान लिया अपनी कमनसीबी ने
कि बेग़ुनाही भी शामिल हुई ग़ुनाहों में |

किसी को अपनी ज़रूरत हो तो क्या कीजे
निकल पड़े हैं सिमटने क़ज़ा की बाँहों में |

[Music : Ravi,  Singer : Asha Bhonsle, Producer : Pannalal Maheshwary,  Director : Ram Maheshwary, Actor : Wahida Rehman, Manoj Kumar]

July 09, 2013

ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं (इज्ज़त -1968) Yeh dil tum bin kahin lagta nahin (Izzat-1968)

ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं, हम क्या करें
तसव्वुर में कोई बसता नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो अब जाने वफ़ा, हम क्या करें । 

     लुटे दिल में दिया जलता नहीं, हम क्या करें
     तुम्ही कह दो, अब जाने-अदा, हम क्या करें । 

किसी के दिल में बस के दिल को तड़पाना नहीं अच्छा 
निगाहों को छलकते देख के छुप जाना नहीं अच्छा
उम्मीदों के खिले गुलशन को झुलसाना नहीं अच्छा
हमें तुम बिन कोई जंचता नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो अब जानेवफ़ा, हम क्या करें । 

     मुहब्बत कर तो लें लेकिन, मुहब्बत रास आये भी 
     दिलों को बोझ लगते हैं, कभी ज़ुल्फ़ों के साये भी
     हज़ारों ग़म हैं इस दुनिया में, अपने भी पराये भी
     मुहब्बत ही का ग़म तन्हा नहीं, हम क्या करें
     तुम्ही कह दो, अब जाने-अदा, हम क्या करें । 

बुझा दो आग दिल की या इसे खुल कर हवा दे दो 
      जो इसका मोल दे पाये, उसे अपनी वफ़ा दे दो
तुम्हारे दिल में क्या है बस, हमें इतना पता दे दो
के अब तन्हा सफ़र कटता नहीं, हम क्या करें | 


[Composer : Lakshmikant Pyarelal, Singer : Lata Mangeshkar, Md. Rafi, Producer/ Director : T.Prakash Rao; Actor : Dharmendra, Tanuja]

March 19, 2012

खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार (नील कमल-1968) Khali dibba khali bottel le le mere yaar (Neel Kamal - 1968)

खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार
खाली से मत नफरत करना खाली सब संसार

बड़ा-बड़ा सा सर खाली डब्बा, बड़ा-बड़ा सा तन खाली बोतल
वो भी आधे खाली निकले जिन पे लगा था भरे का लेबल
हमने इस दुनिया के दिल में झाँका है सौ बार |
खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार ....

भरे थे तब बंगलों में ठहरे, खाली हुए तो हम तक पहुंचे
महलों की खुशियों के पाले, फुटपाथों के गम तक पहुंचे
इन शरणार्थियों के सर पे दे दे थोड़ा प्यार |
खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार....

खाली की गारंटी दूंगा, भरे हुए की क्या गारंटी
शहद में गुड के मेल का डर है,
घी के अन्दर तेल का डर है
तम्बाखू में घास का ख़तरा,
सेंट में झूटी बास का ख़तरा
मक्खन में चर्बी की मिलावट,
केसर में कागज की खिलावट
मिर्ची में ईंटों के घिसाई,
आटे में पत्थर की पिसाई
व्हिस्की अन्दर टिंचर घुलता,
रबड़ी  बीच बलोटिन तुलता
क्या जाने किस चीज़ में क्या हो,
गरम मसाला लीद भरा हो

खाली की गारंटी दूंगा, भरे हुए की क्या गारंटी
क्यों दुविधा में पड़ा है प्यारे,  झाड़ दे पाकिट खोल दे अंटी
छान पीस कर खुद भर लेना, जो कुछ हो दरकार
खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार....

[Music : Ravi,  Singer : Manna Dey,  Producer : Pannalal Maheshwary,  Director : Ram Maheshwary,  Actor : Mahmood]






October 10, 2011

इतनी नाज़ुक न बनो (वासना -1968) Itni Nazuk na bano (Vaasna -1968)

इतनी नाज़ुक न बनो, इतनी नाज़ुक न बनो,
हद के अन्दर हो नजाकत तो अदा होती है
हद से बढ जाये तो आप ही अपनी सज़ा होती है |

जिस्म का बोझ उठाये नहीं उठता तुम से
जिंदगानी का कडा बोझ सहोगी कैसे
तुम जो हलकी सी हवाओं में लचक जाती हो
तेज झोंकों के थपेड़ों में रहोगी कैसे |

ये न समझो के हर एक राह में कलियाँ होंगी
राह चलनी है तो काँटों में भी चलना होगा
ये नया दौर है इस दौर में जीने के लिए
हुस्न को हुस्न का अंदाज़ बदलना होगा |

कोई रुकता नहीं ठहरे हुए राही के लिए
जो भी देखेगा वो कतरा के गुज़र जाएगा
हम अगर वक़्त के हमराह न चलने पाए
वक़्त हम दोनों को ठुकरा के गुजर जाएगा |


इतनी नाज़ुक न बनो, इतनी नाज़ुक न बनो |


[Singer: Md. Rafi, Composer : Chitragupta, Producer : Kuljit Pal;  Director : T.Prakash Rao,  Actor : Vishwajeet]