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December 14, 2016

किसी पत्थर की मूरत से (हमराज़ -1967) Kisi Patthar ki moorat se (Hamraaz-1967)

किसी पत्थर की मूरत से मुहब्बत का इरादा है
परस्तिश की तमन्ना है, इबादत का इरादा है

जो दिल की धड़कनें समझे न आंखों की ज़ुबां समझे
नज़र की गुफ़्तगू समझे न जज़्बों का बयां समझे
उसी के सामने उसकी शिक़ायत का इरादा है

सुना है हर जवां पत्थर के दिल में आग होती है
मगर जब तक न छेड़ो, शर्मगी पर्दे में सोती है
ये सोचा है कि दिल की बात उसके रूबरू कह दें
नतीजा कुछ भी निकले आज अपनी आरज़ू कह दें
हर इक बेजा तक़ल्लुफ़ से बग़ावत का इरादा है     

मुहब्बत बेरुख़ी से और भड़केगी वो क्या जाने
तबीयत इस अदा पे और फड़केगी वो क्या जाने
वो क्या जाने कि अपना किस क़यामत का इरादा है

[Composer : Ravi;  Singer : Mahender Kapoor;  Producer & Director : B.R.Chopra;  Actor : Sunil Dutt, Vimi]

नीले गगन के तले (हमराज़ -1967) Neele Gagan ke tale (Hamraaz-1967)

नीले गगन के तले
धरती का प्यार पले
ऐसे ही जग में आती हैं सुबहें
ऐसे ही शाम ढले
नीले गगन के तले

शबनम के मोती
फूलों पे बिखरें
दोनों की आस फले
नीले गगन के तले

बलखाती बेलें
मस्ती में खेलें
पेड़ों से मिल के गले
नीले गगन के तले

नदिया का पानी
दरिया से मिल के
सागर की ओर चले
नीले गगन के तले

[Composer : Ravi;  Singer : Mahender Kapoor;  Producer & Director : B.R.Chopra;  Actor : Raj Kumar, Vimi]

May 19, 2015

तुम अगर साथ देने का वादा करो (हमराज़ 1967) Tum agar saath dene ka wada karo (Hamraaz-1967)

तुम अगर साथ देने का वादा करो
मैं यूं ही मस्त नग़में लुटाता रहूं
तुम मुझे देखकर मुस्कुराती रहो
मैं तुम्हें देखकर गीत गाता रहूँ

कितने जलवे फ़िज़ाओं में बिखरे मगर
मैंने अब तक किसी को पुकारा नहीं
तुमको देखा तो नज़रें ये कहने लगीं
हमको चेहरे से हटना गवारा नहीं
तुम अगर मेरी नज़रों के आगे रहो
मै हर एक शै से नज़रें चुराता रहूँ

मैने ख़्वाबों में बरसों तराशा जिसे
तुम वही संग-ए-मरमर की तस्वीर हो
तुम न समझो तुम्हारा मुक़द्दर हूँ मैं
मैं समझता हूं तुम मेरी तक़दीर हो
तुम अगर मुझको अपना समझने लगो
मैं बहारों की महफ़िल सजाता रहूं

मैं अकेला बहुत देर चलता रहा
अब सफ़र ज़िन्दगानी का कटता नहीं
जब तलक कोई रंगीं सहारा ना हो
वक़्त क़ाफ़िर जवानी का कटता नहीं
तुम अगर हमक़दम बन के चलती रहो
मैं ज़मीं पर सितारे बिछाता रहूं |


[Composer : Ravi;  Singer : Mahender Kapoor;  Producer & Director : B.R.Chopra;  Actor : Sunil Dutt, Vimi]

January 11, 2014

लोग कहते हैं कि तुझसे किनारा कर लें (बहू बेगम -1967) Log kahte hain ki tujse kinara kar le (Bahu Begum -1967)

लोग कहते हैं कि हम तुम से किनारा कर लें
तुम जो कह दो तो सितम ये भी गवारा कर लें |


तुमने जिस हाल-ए-परेशाँ से निकाला था हमें
आसरा दे के मोहब्बत का सम्भाला था हमें
सोचते हैं के वही हाल दोबारा कर लें |

 
यूँ भी अब तुमसे मुलाक़ात नहीं होने की
मिल भी जाओ तो कोई बात नहीं होने की
आख़िरी बार बस अब ज़िक्र तुम्हारा कर लें |


आख़िरी बार ख़्यालों में बुला लें तुमको
आख़िरी बार कलेजे से लगा लें तुमको
और फिर अपने तड़पने का नज़ारा कर लें |


[Composer: Roshan,  Singer : Md. Rafi, Producer : Jan Nisar Akhtar,  Director : M.Sadiq ]
 

January 05, 2014

दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें तक (बहू बेगम -1967) Duniya kare sawal to ham kya jawab den (Bahu Begum -1967)

दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें |

पूछे कोई कि दिल को कहाँ छोड़ आये हैं
किस किस से अपना रिश्ता-ए-जां तोड़ आये हैं
मुश्किल हो अर्ज़-ए-हाल तो हम क्या जवाब दें

तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें |

पूछे कोई कि दर्द-ए-वफ़ा कौन दे गया
रातों को जागने की सज़ा कौन दे गया
कहने से हो मलाल तो हम क्या जवाब दें

तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें |

[Composer: Roshan,  Singer : Lata Mangeshkar, Actor : Meena Kumari, Producer : Jan Nisar Akhtar,  Director : M.Sadiq ]

 

December 19, 2013

हम इंतज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक (बहू बेगम -1967) Hum Intezar karenge tera qayamat tak (Bahu Begum -1967)

हम इंतज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए  |

ये इंतज़ार भी एक इम्तिहां होता है
इसी से इश्क़ का शोला जवां होता है
ये इंतज़ार सलामत हो और तू आए
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए । 

बिछाए शौक़ से, ख़ुद बेवफ़ा की राहों में
खड़े हैं दीप की हसरत लिए निगाहों में
क़बूल-ए-दिल की इबादत हो और तू आए
ख़ुदा करे कि क़यामत हो, और तू आए ।

वो ख़ुशनसीब है जिसको तू इंतख़ाब करे
ख़ुदा हमारी मोहब्बत को क़ामयाब करे
जवां सितारा-ए-क़िस्मत हो और तू आए ।



[Composer: Roshan,  Singer : Asha Bhonsle, Md. Rafi, Actor : Meena Kumari, Pradeep Kumar  Producer : Jan Nisar Akhtar,  Director : M.Sadiq ]

April 14, 2013

निकले थे कहाँ जाने के लिये (बहू बेगम – 1967) Nikle the kahan jane ke liye (Bahu Begum – 1967)

निकले थे कहाँ जाने के लिये, पहुंचे है कहाँ मालूम नहीं
अब अपने भटकते क़दमों को, मंजिल का निशान मालूम नहीं |

हमने भी कभी इस गुलशन में, एक ख्वाब-ए-बहारां देखा था
कब फूल झडे,  कब गर्द उड़ी, कब आई खिज़ां मालूम नहीं |

दिल शोला-ए-ग़म से खाक हुआ, या आग लगी अरमानों में
क्या चीज़ जली क्यूं सीने से  उठता है धुआं मालूम नहीं |

बरबाद वफ़ा का अफ़साना हम किससे कहें और कैसे कहें
खामोश हैं लब और दुनिया को अश्कों की ज़ुबां मालूम नहीं |
[Composer: Roshan,  Singer : Asha Bhonsle, Actor : Meena Kumari, Helen,  Producer : Jan Nisar Akhtar,  Director : M.Sadiq ]

July 22, 2011

न मुँह छुपा के जियो (हमराज़ 1967) Na muhn chupa ke jiyo (Hamraaz-1967)

न मुँह छुपा के जियो और न सर झुका के जियो
ग़मों का दौर भी आये तो मुस्कुरा के जियो ।

घटा में छुप के सितारे फना नहीं होते 
अँधेरी रात के दिल में दिये जला के जियो  ।

न जाने कौन सा पल मौत की अमानत  हो
हरेक पल की ख़ुशी को गले लगा के जियो ।

ये  ज़िन्दगी किसी मंजिल पे रुक नहीं सकती 
हर  इक मक़ाम से आगे क़दम बढ़ा  के जियो ।


[Music : Ravi;  Singer : Mahender Kapoor;  Producer & Director : B.R.Chopra;  Actor : Sunil Dutt]