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August 05, 2017

उलझन सुलझे ना, रस्ता सूझे ना (धुंध - 1973) Uljhan suljhe na, rasta soojhe na (Dhundh - 1973)

उलझन सुलझे नारस्ता सूझे ना
जाऊं कहां मैं जाऊं कहां 

मेरे दिल का अंधेराहुआ और घनेरा
कुछ समझ  पाऊं क्या होना है मेरा
खड़ी दोराहे परये पूछूं घबराकर
जाऊं कहां मैं जाऊं कहां 

जो सांस भी आयेतन चीर के जाए
इस हाल से कोई किस तरह निभाए
 मरना रास आया,   जीना मन भाया
जाऊं कहां मैं जाऊं कहां 

रुत गम की टले नाकोई आस फले ना
तक़दीर के आगे मेरी पेश चले ना
बहुत की तदबीरेंना टूटी जंजीरें
जाऊं कहां मैं जाऊं कहां  

[Composer : Ravi, Singer : Asha Bhonsle,  Producer/Director : B.R.Chopra, Actor : Zeenat Aman, Sanjay Khan, Danny ]

September 17, 2015

किसका रस्ता देखे, ऐ दिल! ऐ सौदाई! (जोशीला -1973) Kiska rasta dekhe, ai dil! Ai saudai ! (Joshila – 1973)

किसका रस्ता देखे, दिल! सौदाई!
मीलों है खामोशी, बरसों है तन्हाई 
भूली दुनिया कभी की, तुझे भी मुझे भी
फिर क्यों आँख भर आई
किसका रस्ता देखे ...

कोई भी साया नहीं राहों में
कोई भी आएगा बाहों में
तेरे लिए, मेरे लिए कोई नहीं रोने वाला,
झूठा भी नाता नहीं चाहों में
तू ही क्यों डूबा रहे आहों में
कोई किसी संग मरे, ऐसा नहीं होने वाला
कोई नहीं जो यूँ ही जहाँ में बाँटे पीर पराई
किसका रस्ता देखे ...

तुझे क्या बीती हुई रातों से
मुझे क्या खोई हुई बातों से
सेज नहीं, चिता सही जो भी मिले सोना होगा,
गई जो डोरी छूट हाथों से
लेना क्या छूटे हुए साथों से
खुशी जहाँ माँगी तूने, वहीं मुझे रोना होगा
कोई तेरा, कोई मेरा, फिर किसकी याद आई
किसका रस्ता देखे ...

[Composer :   R.D.Burman, Singer : Kishore Kumar, Producer : Gulshan Rai, Director : Yash Chopra, Actor : Dev Anand, Hema Malini, Rakhi]

जो बात इशारों में कही, तुम नहीं समझे (जोशीला -1973) Jo baat isharon men kahi, tum nahi samjhe (Joshila – 1973)

जो बात इशारों में कही, तुम नहीं समझे
हमने तो हजारों में कही, तुम नहीं समझे

हमने ये चाहा था कदमों में बस रहते
लेकिन हम ये हसरत अपने मुंह से कैसे कहते
साँसों की पुकारों में कहीं तुम नहीं समझे

हमने नींदें हारीं तुमने चाहत जीती
भीगी रुत में तपते दिल पर तुम बिन जो-जो बीती
अश्कों की फुहारों में कहीं तुम नहीं समझे

[Composer :   R.D.Burman, Singer : Lata Mangeshkar, Producer : Gulshan Rai, Director : Yash Chopra]

[Note on Sahir : This song was recorded for the movie Joshila, but perhaps not used later]


महफिल में छुपाने पड़े जज़्बात किसी से (जोशीला -1973) Mehfil men chhupane pade jajbaat kisi se (Joshila – 1973)

महफिल में छुपाने पड़े जज़्बात किसी से
होकर भी न हो पाई, मुलाक़ात किसी से

दिन-रात कसक रहती है कुछ रोज से दिल में
ले बैठे हैं हम दर्द की सौगात किसी से

कुछ उनको तकल्लुफ सा है कुछ हमको हया सी  
ऐसे में जो होगी, तो हो क्या बात किसी से

वो रात जो भर देती है दामन में सितारे
मांगी हैं मेरे दिल ने वही रात किसी से     

[Composer :   R.D.Burman, Singer : Lata Mangeshkar, Producer : Gulshan Rai, Director : Yash Chopra]
 

February 27, 2013

मै तो कुछ भी नही (दाग-1973) Main to kuch bhi nahin (Daag -1973)

आप,
आप  क्या जाने मुझको समझते है क्या 
मै तो कुछ भी नही |

इस कदर प्यार इतनी बड़ी भीड़ का मै रखूँगा कहाँ 
इस कदर प्यार रखने के काबिल  नही 
मेरा दिल, मेरी जान
मुझको इतनी मुहब्बत ना दो दोस्तों, 
मुझको इतनी मुहब्बत ना दो दोस्तों 
सोच लो दोस्तों 
इस कदर प्यार कैसे संभालूँगा मैं 
मै तो कुछ भी नही  |

प्यार,
प्यार एक शख्श  का भी अगर मिल सके 
 तो बड़ी चीज़ है जिन्दगी  के लिए 
आदमी को मगर ये भी मिलता नही 
ये भी मिलता नही, 
मुझको इतनी मुहब्बत मिली आपसे 
ये मेरा हक नही मेरी तकदीर है 
मैं ज़माने की नज़रो में कुछ भी ना था 
मेरी आँखों में अब तक वो तस्वीर है 
उस मुहब्बत के बदले मै क्या नज़र दूँ 
मै तो कुछ भी नही  |

इज्ज़ते, शोहरते, चाहतें, उल्फतें ,
कोई भी चीज़ दुनिया में रहती नही 
आज मै हूँ जहाँ, कल कोई और था 
ये भी एक दौर है, वो भी एक दौर था 
आज इतनी मुहब्बत ना दो दोस्तों 
कि मेरे कल के खातिर कुछ भी ना रहे 
आज का प्यार थोडा बचा कर  रखो 
थोडा  बचा  कर रखो  मेरे कल के लिए 
कल कल जो गुमनाम है 
कल जो सुनसान है 
कल जो अनजान है 
कल जो वीरान है 
मै तो कुछ भी नही |

[Note : Sahir wrote this poem as a thanks-giving gesture after receiving Padam Shri Award. Subsequently he used this poem for the movie Daag, where it was recited by Rajesh Khanna.]