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January 11, 2014

लोग कहते हैं कि तुझसे किनारा कर लें (बहू बेगम -1967) Log kahte hain ki tujse kinara kar le (Bahu Begum -1967)

लोग कहते हैं कि हम तुम से किनारा कर लें
तुम जो कह दो तो सितम ये भी गवारा कर लें |


तुमने जिस हाल--परेशाँ से निकाला था हमें
आसरा दे के मोहब्बत का सम्भाला था हमें
सोचते हैं के वही हाल दोबारा कर लें |

 
यूँ भी अब तुमसे मुलाक़ात नहीं होने की
मिल भी जाओ तो कोई बात नहीं होने की
आख़िरी बार बस अब ज़िक्र तुम्हारा कर लें |


आख़िरी बार ख़्यालों में बुला लें तुमको
आख़िरी बार कलेजे से लगा लें तुमको
और फिर अपने तड़पने का नज़ारा कर लें |


[Composer: Roshan,  Singer : Md. Rafi, Producer : Jan Nisar Akhtar,  Director : M.Sadiq ]
 

January 05, 2014

दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें तक (बहू बेगम -1967) Duniya kare sawal to ham kya jawab den (Bahu Begum -1967)

दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें |

पूछे कोई कि दिल को कहाँ छोड़ आये हैं
किस किस से अपना रिश्ता--जां तोड़ आये हैं
मुश्किल हो अर्ज़--हाल तो हम क्या जवाब दें

तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें |

पूछे कोई कि दर्द--वफ़ा कौन दे गया
रातों को जागने की सज़ा कौन दे गया
कहने से हो मलाल तो हम क्या जवाब दें

तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें |

[Composer: Roshan,  Singer : Lata Mangeshkar, Actor : Meena Kumari, Producer : Jan Nisar Akhtar,  Director : M.Sadiq ]

 

December 19, 2013

हम इंतज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक (बहू बेगम -1967) Hum Intezar karenge tera qayamat tak (Bahu Begum -1967)

हम इंतज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक
ख़ुदा करे कि क़यामत होऔर तू आए  |

ये इंतज़ार भी एक इम्तिहां होता है
इसी से इश्क़ का शोला जवां होता है
ये इंतज़ार सलामत हो और तू आए
ख़ुदा करे कि क़यामत होऔर तू आए । 

बिछाए शौक़ सेख़ुद बेवफ़ा की राहों में
खड़े हैं दीप की हसरत लिए निगाहों में
क़बूल--दिल की इबादत हो और तू आए
ख़ुदा करे कि क़यामत होऔर तू आए ।

वो ख़ुशनसीब है जिसको तू इंतख़ाब करे
ख़ुदा हमारी मोहब्बत को क़ामयाब करे
जवां सितारा--क़िस्मत हो और तू आए ।



[Composer: Roshan,  Singer : Asha Bhonsle, Md. Rafi, Actor : Meena Kumari, Pradeep Kumar  Producer : Jan Nisar Akhtar,  Director : M.Sadiq ]

April 14, 2013

निकले थे कहाँ जाने के लिये (बहू बेगम – 1967) Nikle the kahan jane ke liye (Bahu Begum – 1967)

निकले थे कहाँ जाने के लिये, पहुंचे है कहाँ मालूम नहीं
अब अपने भटकते क़दमों को, मंजिल का निशान मालूम नहीं |

हमने भी कभी इस गुलशन में, एक ख्वाब--बहारां देखा था
कब फूल झडे,  कब गर्द उड़ी, कब आई खिज़ां मालूम नहीं |

दिल शोला--ग़म से खाक हुआ, या आग लगी अरमानों में
क्या चीज़ जली क्यूं सीने से  उठता है धुआं मालूम नहीं |

बरबाद वफ़ा का अफ़साना हम किससे कहें और कैसे कहें
खामोश हैं लब और दुनिया को अश्कों की ज़ुबां मालूम नहीं |
[Composer: Roshan,  Singer : Asha Bhonsle, Actor : Meena Kumari, Helen,  Producer : Jan Nisar Akhtar,  Director : M.Sadiq ]