This is a humble collection of songs of Sahir Ludhianvi, the greatest lyricist, Bollywood has ever seen. Sahir used his songs for spreading message of love for humankind through philosophical notes or social commentary. He also used some of his ghazals & nazms in his movies also by simplifying them. For selecting a song of their choice, readers may type the name of song, movie, singer, composer etc in the SEARCH column on right side, or use the Labels on left side of page.
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July 30, 2017
August 24, 2015
तख़्त न होगा ताज न होगा (आज और कल -1963) Takht Na Hoga Taaj Na Hoga -(Aaj Aur Kal -1963)
तख्त न होगा, ताज़ न
होगा, कल था लेकिन आज न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा
स्वराज न होगा |
जिसका ये इतिहास रहा है, अब वो अंधा राज न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा |
सामंती सरकार न होगी, पूंजीवाद समाज न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा |
(हाइलाइट किए शब्दों को मैं ठीक से समझ नहीं पाया हूँ | पाठकगण कृपया मदद करें )
[Composer : Ravi; Singer : Rafi, Geeta Dutt; Production House : Panchdeep Chitra; Director : Vasant Joglekar Actor : Sunil Dutt, Tanuja]
लाखों की मेहनत पर कब्जा मुट्ठी भर धनवानों का
दीन-धरम के नाम पे खूनी बंटवारा इंसानों का जिसका ये इतिहास रहा है, अब वो अंधा राज न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा |
जनता का फरमान चलेगा, जनता की
सरकार बनेगी
धरती की बेहक आबादी, धरती की
हकदार बनेगी सामंती सरकार न होगी, पूंजीवाद समाज न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा |
मिल पर मजदूरों का हक़ है, खेतों
पर दहकान का हक़ है
जीने पर पाबंदी क्यों हो, जीना हर इंसान का हक़ है
जय हो जनता राज कि जिसमें हुल्लड़ और नियाज़ न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो
सच्चा स्वराज न होगा जीने पर पाबंदी क्यों हो, जीना हर इंसान का हक़ है
जय हो जनता राज कि जिसमें हुल्लड़ और नियाज़ न होगा
(हाइलाइट किए शब्दों को मैं ठीक से समझ नहीं पाया हूँ | पाठकगण कृपया मदद करें )
[Composer : Ravi; Singer : Rafi, Geeta Dutt; Production House : Panchdeep Chitra; Director : Vasant Joglekar Actor : Sunil Dutt, Tanuja]
July 09, 2013
ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं (इज्ज़त -1968) Yeh dil tum bin kahin lagta nahin (Izzat-1968)
ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं, हम क्या करें
तसव्वुर
में
कोई
बसता
नहीं,
हम क्या करें
तुम्ही कह दो अब ऐ जाने वफ़ा, हम क्या करें ।
लुटे दिल में दिया जलता नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो, अब ऐ जाने-अदा, हम क्या करें ।
किसी के दिल में बस के दिल को तड़पाना नहीं अच्छा
निगाहों को छलकते देख के छुप जाना नहीं अच्छा
उम्मीदों के खिले गुलशन को झुलसाना नहीं अच्छा
हमें तुम बिन कोई जंचता नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो अब ऐ जानेवफ़ा, हम क्या करें ।
मुहब्बत कर तो लें लेकिन, मुहब्बत रास आये भी
दिलों को बोझ लगते हैं, कभी ज़ुल्फ़ों के साये भी
हज़ारों ग़म हैं इस दुनिया में, अपने भी पराये भी
मुहब्बत ही का ग़म तन्हा नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो, अब ऐ जाने-अदा, हम क्या करें ।
बुझा दो आग दिल की या इसे खुल कर हवा दे दो
जो इसका मोल दे पाये, उसे अपनी वफ़ा दे दो
तुम्हारे दिल में क्या है बस, हमें इतना पता दे दो
के अब तन्हा सफ़र कटता नहीं, हम क्या करें |
[Composer : Lakshmikant Pyarelal, Singer : Lata Mangeshkar, Md. Rafi, Producer/ Director : T.Prakash Rao; Actor : Dharmendra, Tanuja]
तुम्ही कह दो अब ऐ जाने वफ़ा, हम क्या करें ।
लुटे दिल में दिया जलता नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो, अब ऐ जाने-अदा, हम क्या करें ।
किसी के दिल में बस के दिल को तड़पाना नहीं अच्छा
निगाहों को छलकते देख के छुप जाना नहीं अच्छा
उम्मीदों के खिले गुलशन को झुलसाना नहीं अच्छा
हमें तुम बिन कोई जंचता नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो अब ऐ जानेवफ़ा, हम क्या करें ।
मुहब्बत कर तो लें लेकिन, मुहब्बत रास आये भी
दिलों को बोझ लगते हैं, कभी ज़ुल्फ़ों के साये भी
हज़ारों ग़म हैं इस दुनिया में, अपने भी पराये भी
मुहब्बत ही का ग़म तन्हा नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो, अब ऐ जाने-अदा, हम क्या करें ।
बुझा दो आग दिल की या इसे खुल कर हवा दे दो
जो इसका मोल दे पाये, उसे अपनी वफ़ा दे दो
तुम्हारे दिल में क्या है बस, हमें इतना पता दे दो
के अब तन्हा सफ़र कटता नहीं, हम क्या करें |
[Composer : Lakshmikant Pyarelal, Singer : Lata Mangeshkar, Md. Rafi, Producer/ Director : T.Prakash Rao; Actor : Dharmendra, Tanuja]
Labels:
1968,
Dharmendra,
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Md. Rafi,
T.Prakash Rao,
Tanuja
May 15, 2011
तख़्त न होगा ताज न होगा (आज और कल -1963) Takht Na Hoga Taaj Na Hoga -(Aaj Aur Kal -1963)
तख़्त न होगा ताज न होगा, कल था लेकिन आज न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें,वो सच्चा स्वराज न होगा .
जनता का फरमान चलेगा, जनता की सरकार बनेगी
धरती की बेहक आबादी धरती की हकदार बनेगी
सामन्ती सरकार न होगी पूंजीवाद समाज न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा .
मेहनत पर मजदूर का हक़ है, खेतों पर दहकान का हक़ है
जीने पर पाबंदी क्यों है, जीना हर इंसान का हक़ है
जय हो जनता राज कि जिसमें हुल्लड़ और नियाज़ न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा .
(हाइलाइट किए शब्दों को मैं ठीक से समझ नहीं पाया हूँ | पाठकगण कृपया मदद करें )
[Composer : Ravi; Singer : Rafi, Geeta Dutt; Production House : Panchdeep Chitra; Director : Vasant Joglekar; Actor : Sunil Dutt, Tanuja]
लाखों की मेहनत पर कब्ज़ा मुठ्ठी भर धनवानों का
दीन -रम के नाम पे खूनी बंटवारा इंसानों का
जिसका ये इतिहास रहा है अब वो अँधा राज न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा .जनता का फरमान चलेगा, जनता की सरकार बनेगी
धरती की बेहक आबादी धरती की हकदार बनेगी
सामन्ती सरकार न होगी पूंजीवाद समाज न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा .
मेहनत पर मजदूर का हक़ है, खेतों पर दहकान का हक़ है
जीने पर पाबंदी क्यों है, जीना हर इंसान का हक़ है
जय हो जनता राज कि जिसमें हुल्लड़ और नियाज़ न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा .
(हाइलाइट किए शब्दों को मैं ठीक से समझ नहीं पाया हूँ | पाठकगण कृपया मदद करें )
[Composer : Ravi; Singer : Rafi, Geeta Dutt; Production House : Panchdeep Chitra; Director : Vasant Joglekar; Actor : Sunil Dutt, Tanuja]
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