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August 02, 2017

आज रोना पड़ा तो समझे (गर्ल फ्रेंड -1960) Aaj rona padha to samjhe (Girl Friend -1960)

आज रोना पड़ा तो समझे
हँसने का मोल क्या है
अपना सपना खोना पड़ा तो समझे

ख़्वाबों की हक़ीक़त क्या थी
अरमानों की क़ीमत क्या थी
अपनों की मुहब्बत क्या थी
ग़ैर होना पड़ा तो समझे

सुख मिलता है किस मुश्किल से
क्या करती है दुनिया दिल से
इस रंग भरी महफ़िल से
दूर होना पड़ा तो समझे

निकले थे जिन्हें अपनाने
वो लोग थे सब बेगाने
इस बात को हम दीवाने
चैन खोना पड़ा तो समझे

(Composer : Hement Kumar, Singer : Kishore Kumar)

ना धेला लगता है, ना पैसा लगता है (गर्ल फ्रेंड - 1960) Na dhela lagta hai, na paisa lagta hai (Girl Friend - 1960)

ना धेला लगता है, ना पैसा लगता है
चढ़ के देखो जी, ये झूला कैसा लगता है

बिना कलों के जुड़ने वाला,बिना परों के उड़ने वाला
सारों झूलों से आला ये झूला, जो भी झूला वो सब दुख भूला
ना जैसा कुछ भी हो, ये वैसा लगता है
चढ़ के देखो जी, ये झूला कैसा लगता है

जो कोई छूना चाहे तारों को, मस्का लगाए जरा यारों को
बातें बनाए थोड़ा मुस्का के, झूले की डोरी थामे शरमा के
जैसे दो बाहें हो, ये वैसा लगता है
चढ़ के देखो जी, ये झूला कैसा लगता है

बांके हसीनों पे ये मरता है, प्यारों से प्यार सदा करता है
ऐसे न पीछे हटो डर-डर के, आओ झुला दें तुम्हें जी भर के
जो तुम पर आशिक हो, ये वैसा लगता है
चढ़ के देखो जी, ये झूला कैसा लगता है
 
(Composer : Hement Kumar, Singer : Kishore Kumar, Daisy Irani)

July 30, 2017

कश्ती का खामोश सफ़र है (गर्ल फ्रेंड - 1960) Kashti ka khamosh safar hai (Girl Friend -1960)

कश्ती का खामोश सफ़र है, शाम भी है तनहाई भी
दूर किनारे पर बजती है लहरों की शहनाई भी
आज मुझे कुछ कहना है

लेकिन ये शर्मीली निगाहें मुझको इजाज़त दें तो कहूँ
खुद मेरी बेताब उमंगें थोड़ी फ़ुर्सत दें तो कहूँ
आज मुझे कुछ कहना है

      
जो कुछ तुमको कहना है, वो मेरे ही दिल की बात न हो
      
जो है मेरे ख़्वाबों की मंज़िल, उस मंज़िल की बात न हो

कहते हुए डर सा लगता है, कह कर बात न खो बैठूँ
ये जो ज़रा सा साथ मिला है, ये भी साथ न खो बैठूँ

    
कब से तुम्हारे रस्ते में मैं फूल बिछाये बैठी हूँ
    
कह भी चुको जो कहना है मैं आस लगाये बैठी हूँ
   
दिल ने दिल की बात समझ ली, अब मुँह से क्या कहना है
आज नहीं तो कल कह लेंगे, अब तो साथ ही रहना है

कह भी चुको जो कहना है
छोड़ो अब क्या कहना है  

(Compose : Hement Kumar, Singer : Kishore Kumar, Sudha Malhotra)


पैसे की कहानी ( गर्ल फ्रेंड - 1960) Paise ki kahani (Girl Friend - 1960)

कहते हैं इसे पैसा बच्चों, ये चीज़ बड़ी मामूली है
लेकिन इस पैसे के पीछे सब दुनिया रस्ता भूली है
इंसां की बनाई चीज़ है ये, लेकिन इंसान पे भारी हैं
हल्की-सी झलक इस पैसे की धर्म और ईमान पे भारी है
ये झूठ को सच कर देता है और सच को झूठ बनाता है
भगवान नहीं, पर हर घर में भगवान की पदवी पाता है

इस पैसे के बदले दुनिया में इंसानों की मेहनत बिकती है
जिस्मों की हरारत बिकती है, रूहों की शराफ़त बिकती है
सरदार खरीदे जाते हैं, दिलदार खरीदे जाते हैं
मिट्टी के सही पर इससे ही अवतार खरीदे जाते हैं

इस पैसे की खातिर दुनिया में आबाद वतन बंट जाते हैं
धरती टुकड़े हो जाती हैं, लाशों के कफ़न बंट जाते हैं
इज़्ज़त भी इससे मिलती है, ताज़ीम भी इससे मिलती है 
तहज़ीब भी इससे आती है, तालीम भी इससे मिलती है

हम आज तुम्हें इस पैसे का सारा इतिहास बताते हैं
कितने जुग अब तक गुज़रे हैं, उन सबकी झलक दिखलाते हैं
इक ऐसा वक़्त भी था जग में, जब इस पैसे का नाम न था
चीज़ें चीज़ों से तुलती थीं, चीजों का कुछ भी दाम न था 
इंसान फकत इंसान था तब, इंसान का मजहब कुछ भी न था 
दौलत, गुरबत, इज्ज़त, ज़िल्लत, इन लफ्जों का मतलब कुछ भी न था    

चीज़ों से चीज़ बदलने का ये ढंग बहुत बेकार-सा था
लाना भी कठिन था चीज़ों का, ले जाना भी दुश्वार-सा था
इंसान ने तब मिलकर सोचा – क्यूं वक़्त इतना बरबाद करें
हर चीज़ की जो कीमत ठहरे, वो चीज़ न क्यूं ईज़ाद करें
इस तरह हमारी दुनिया में पहला पैसा तैयार हुआ
और इस पैसे की हसरत में इंसान ज़लील-ओ-ख़्वार हुआ

पैसे वाले इस दुनिया में जागीरों के मालिक बन बैठे
मज़दूरों और किसानों की तक़दीरों के मालिक बन बैठे
जागीरों पे कब्जा रखने को कानून बने, हथियार बने 
हथियारों के बल पर धनवाले इस धरती के सरदार बने 
जंगों में लड़ाया भूखों को और अपने सर पर ताज रखा
निर्धन को दिया परलोक का सुख, अपने लिये जग का राज रखा
पंडित और मुल्ला इनके लिए मज़हब के सहीफ़े लाते रहे
शायर तारीफ़ें लिखते रहे, गायक दरबारी गाते रहे

वैसा ही करेंगे हम 
जैसा तुझे चाहिए 
पैसा हमें चाहिए !

हल तेरे जोतेंगे, खेत तेरे बोएंगे
ढोर तेरे हाकेंगे, बोझ तेरा ढोएंगे 
पैसा हमें चाहिए !

पैसा हमें दे दे राजा गुन तेरे गायेंगे
तेरे बच्चे बच्चियों का खैर मनायेंगे
पैसा हमें चाहिए !

लोगों की अनथक मेहनत ने चमकाया रूप ज़मीनों का 
भाप और बिजली हमराह लिए, आ पहुंचा दौर मशीनों का 
इल्म और बिज्ञान की ताक़त ने मुंह मोड़ दिया दरियाओं का 
इंसान जो खाक का पुतला था, वो हाकिम बना हवाओं का 
जनता की मेहनत के आगे कुदरत ने खजाने खोल दिये 
राजों की तरह रखा था जिन्हें, वो सारे जमाने खोल दिये 
लेकिन इन सब ईजादों पर पैसे का इज़ारा होता रहा 
दौलत का नसीबा चमक उठा, मेहनत का मुकद्दर सोता रहा 

वैसा ही करेंगे हम 
जैसा तुझे चाहिए 
पैसा हमें चाहिए !

रेलें भी लगाएंगे, मिलें भी चलाएंगे
जंगों में भी जाएंगे, जाने भी गवाएंगे
पैसा हमें चाहिए !

पैसा हमें दे दे बाबू गुण तेरे गायेंगे
तेरे बच्चे बच्चियों का खैर मनायेंगे
पैसा हमें चाहिये!

जुग-जुग से यूं ही इस दुनिया में हम दान के टुकड़े मांगते हैं
हल जोत के, फ़सलें काट के भी पकवान के टुकड़े मांगते हैं
लेकिन इन भीख के टुकड़ों से कब भूख का संकट दूर हुआ
इंसान सदा दुख झेलेगा गर खत्म न ये दस्तूर हुआ
जंजीर बनी है कदमों की, वो चीज़ जो पहले गहना थी
भारत के सपूतों! आज तुम्हें बस इतनी बात ही कहना थी
जिस वक़्त बड़े हो जाओ तुम, पैसे का राज मिटा देना
अपना और अपने जैसों का जुग-जुग का कर्ज़ चुका देना
जुग-जुग का कर्ज़ चुका देना !

नोट  :  इस गीत को कुछ हिस्से नीचे दिये औडियो में नहीं हैं | इन्हें हमने साहिर के गीतों के संकलन ‘गाता जाए बंजारा’ से लिया है |

(Composer : Hement Kumar, Singer : Asha Bhonsle)


March 03, 2015

ये हाथ ही अपनी दौलत है (मासूम-1960) Ye haath hi apni kismat hai (Masoom -1960)

ये हाथ ही अपनी दौलत है, ये हाथ ही अपनी ताकत है
कुछ और तो पूंजी पास नहीं, ये हाथ ही अपनी किस्मत है

हम मेहनत करते आये हैं, हम मेहनत करते जायेंगे 
जब तक ये हाथ सलामत है, क्यूँ दान के टुकड़े खायेंगे

हम धन वालों के पूत नहीं, निर्धन माँ-बाप के बच्चे हैं
सब और सहारे झूठे हैं, ये दो ही सहारे सच्चे हैं

क्या गम जो हमारे मात-पिता सोना-चाँदी न छोड़ सके
वो अच्छे दिल के मालिक थे, वो लूट का माल न जोड़ सके

भूलेंगे हम न इस शिक्षा को, चोरी से मेहनत बेहतर है
सुख के लिये जिल्लत सहने से, दुख सहने की आदत बेहतर है

[Composer : Robin Banerjee, Singer : Sudha Malhotra]
 

November 30, 2014

पयाम-ए-इश्क़ मुहब्बत हमें पसन्द नहीं (बाबर - 1960) Payam e isq muhabbat hamen pasand nahin (Baabar -1960)

पयाम-ए-इश्क़ मुहब्बत हमें पसन्द नहीं
ये दिल्लगी, ये शरारत हमें पसन्द नहीं |

बजा नहीं था ये इज़हार बेक़रारी का
लिहाज़ कुछ तो किया होता पर्दादारी का
हया से इतनी बग़ावत हमें पसन्द नहीं
पयाम-ए-इश्क़ मुहब्बत हमें पसन्द नहीं |

हमें तो हँस के सितारों ने भी नहीं देखा
नज़र मिला के बहारों ने भी नहीं देखा
किसी निगाह की जुर्रत हमें पसन्द नहीं
ये दिल्लगी, ये शरारत हमें पसन्द नहीं |

जो तख़्त-ओ-ताज के वारिस हैं उनका प्यार ही क्या
बदलने वाली निगाहों का ऐतबार ही क्या
हज़ूर की ये इनायत हमें
पसंद नहीं
पयाम-ए-इश्क़ मुहब्बत हमें पसन्द नहीं |


[Composer : Roshan, Singer : Sudha Malhotra, Director : Hemen Gupta, Actor : Azra, Gajanan Jagirdar] 

May 21, 2014

क्या गम जो अँधेरी हैं रातें (बरसात की रात -1960) Kya gam jo andheri hain rahen (Barsaat ki Raat -1960)

क्या ग़म जो अँधेरी हैं रातें, इक शमा-ए-तमन्ना साथ तो है
कुछ और सहारा हो के न हो, हाथों में तुम्हारा हाथ तो है ।

क्या जानिए कितने दीवाने घर फूंक तमाशा देख चुके
जिस प्यार की दुनिया दुश्मन है, उस प्यार में कोई बात तो है ।

[Composer : Roshan, Singer : Md. Rafi, Production House : Shri Vishwabharthi Films, Director : P.L.Santoshi, Actor : Bharat Bhushan, K.N.Singh]

 

December 30, 2013

मायूस तो हूँ वादे से तेरे (बरसात की रात -1960) Mayoos to hun vade se tere (Barsaat ki Raat-1960)

मायूस तो हूँ वादे से तेरे, कुछ आस नहीं कुछ आस भी है
मैं अपने ख़्यालों के सदके, तू पास नहीं और पास भी है |

हमने तो ख़ुशी माँगी थी मगर, जो तूने दिया अच्छा ही दिया
जिस ग़म को तअल्लुक हो तुझसे, वो रास नहीं और रास भी है |

पलकों पे लरजते अश्क़ों में, तस्वीर झलकती है तेरी 
दीदार की प्यासी आँखों को, अब प्यास नहीं और प्यास भी है |

[Composer : Roshan;  Singer, Md. Rafi, Production House : Shri Vishwabharthi Films;   Director : P.L.Santoshi;  Actor : Bharat Bhushan, Madhu Bala]

December 28, 2013

ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात (बरसात की रात-1960) Zindagi bhar nahi bhoolegi vo barsaat ki raat (Barsaat ki Raat -1960)

ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात
एक अंजान मुसाफ़िर से मुलाक़ात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी

हाय जिस रात मेरे दिल ने धड़कना सीखा
शोख़ ज़ज्बात ने सीने में भडकना सीखा
मेरी तक़दीर से निकली वही सदमात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी

दिल ने जब प्यार के रंगीन फ़साने छेड़े 
आँखों आँखों ने वफ़ाओं के तराने छेड़े
सोग में डूब गई आज वही नग़मात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी

रूठनेवाली मेरी बात से मायूस ना हो
बहके-बहके से ख़यालात से मायूस ना हो
खत्म होगी ना कभी तेरे मेरे साथ की रात
ज़िंदगी भर नहीं ...


[Composer : Roshan,  Singer : Md. Rafi,  Production House : Shri Vishwabharthi Films,   Director : P.L.Santoshi,  Actor : Bharat Bhushan, Madhu Bala]
 

 

ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात (बरसात की रात-1960) Zindagi bhar nahi bhoolegi vo barsaat ki raat (Barsaat ki Raat -1960)

ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात
एक अंजान हसीना से मुलाकात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी ...

हाय वो रेशमी ज़ुल्फ़ों से बरसता पानी
फूल से गालों पे रुकने को तरसता पानी
दिल में तूफ़ान उठाते हुए हालात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी ...

डर के बिजली से अचानक वो लिपटना उसका
और फिर शर्म से बल खाके सिमटना उसका
कभी देखी न सुनी ऐसी तिलिस्मात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी ...

सुर्ख आंचल को दबाकर जो निचोड़ा उसने
दिल पे जलता हुआ इक तीर सा छोड़ा उसने
आग पानी में लगाते हुए हालात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी ...

मेरे नग़्मों में जो बसती है वो तस्वीर थी वो
नौजवानी के हसीं ख़्वाब की ताबीर थी वो
आसमानों से उतर आई थी जो रात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी ..


[Composer : Roshan,  Singer : Md. Rafi,  Production House : Shri Vishwabharthi Films,   Director : P.L.Santoshi,  Actor : Bharat Bhushan, Madhu Bala]

 

October 29, 2013

मैंने शायद तुम्हें पहले भी कहीं देखा है (बरसात की रात-1960) Maine sayad tumhe pahle bhi kahin dekha hai (Barsaat ki Raat -1960)

मैंने शायद तुम्हें पहले भी कहीं देखा है
अजनबी सी हो मगर गैर नहीं लगती हो
वहम से भी जो हो नाज़ुक वो यकीं लगती हो,
हाय ये फूल सा चेहरा, ये घनेरी ज़ुल्फ़ें
मेरे शेरों से भी तुम मुझको हंसीं लगती हो । 

देखकर तुमको किसी रात की याद आती है
एक ख़ामोश मुलाक़ात की याद आती है,
ज़ेहन में हुस्न की ठंडक का असर जागता है
आंच देती हुई बरसात की याद आती है । 

जिसकी पलकें मेरी आँखों पे झुकी रहती हैं
तुम वही मेरे ख़यालों की परी हो क़े नहीं
कहीं पहले की तरह फिर तो न खो जाओगी
जो हमेशा के लिये हो वो खुशी हो की नहीं । 

[Composer : Roshan,  Singer : Md. Rafi,  Production House : Shri Vishwabharthi Films,   Director : P.L.Santoshi,  Actor : Bharat Bhushan, Madhu Bala]