March 31, 2012

बेटा डर मत, डर मत, डर मत (भाई बहन -1959) Beta dar mat,dar mat dar mat (Bhai Bahen - 1959)

बेटा डर मत, डर मत, डर मत
आहें भर मत, भर मत, भर मत
चिंता कर मत, कर मत, कर मत
यूं ही मर मत, मर मत, मत ।  

तेरे  पांव  के नीचे  दुनिया
बूट  की  छाँव  के  नीछे दुनिया
तू  है  राजाओं  का  रजा,
दो  दिन  सच  में  मौज  मन  जा .
रे  बेटा  डर  मत  ।

 भाई  लोग  हैं  सच  फरमाते
हर कुत्ते  के  दिन  हैं  आते
जिसने  आज  दिया कर देगा
तुझ  को  मनचाहा  फल  देगा
रे  बेटा  डर  मत ।

नाचो  डिंग  डिंग  डिंग  डिंग  डारा
गाओ  तारा  रार  रार
बोलो  गिट  मिट गिट मिट गिट मिट
ले  लो  हम  से  ख़ुशी  का  परमिट
रे  बेटा  डर  मत ।
बेटा डर मत, डर मत, डर मत
आहें भर मत, भर मत, भर मत
चिंता कर मत, कर मत, कर मत
यूं ही मर मत, मर मत, मत ।

[Singer : Md. Rafi;  Composer : N.Dutta; Actor : Johny Walker]


March 27, 2012

राम रहीम कृष्ण करीम, यशु मशीह और इब्राहीम (मेहमान -1974) Ram Rahim Krishn Karim, Yeshu Mashih aur Ibrahim (Mehmaan -1974)


राम रहीम कृष्ण करीम,  यशु मशीह और  इब्राहीम
सबकी है इक ही तालीम ।

काशी काबे मथुरा मक्के एक ही नूर समाया
किसी ने सजदा किया उसे और किसी ने शीश नवाया
कोने कोने भटक चुके तब हमने भेद ये पाया
सबकी है इक ही तालीम ।

भले करम कर दुनिया में ये करम है नेक कमाई
इन करमों में छुपी है सारे धर्मों की सच्चाई
जिसने अच्छे करम किये हर धरम की लाज निभायी ।
सबकी है इक ही तालीम ।

ईश्वर से अल्लाह अलग, अल्लाह से ईश्वर जुदा नहीं
ये मत सोच तेरे करमो का उस मालिक को पता नहीं
सौ परदों में पाप करे तू फिर भी उससे छुपा नहीं ।


[Singers : Mahender Kapoor, Sharda;  Composer : Ravi;  Producer : Shatrujeet Pal,  Director : Kotayya Pratyagatma]

ईश्वर अल्लाह तेरे नाम सबको सन्मति दे भगवान (नया रास्ता -1970) Ishwar allah tere naam sabko sanmati de bhagwarn (Naya raasta -1970)


ईश्वर अल्लाह तेरे नाम सबको सन्मति दे भगवान
सबको सन्मति दे भगवान सारा जग तेरी सन्तान  |

इस धरती पर बसने वाले, सब हैं तेरी गोद के पाले
कोई नीच ना कोई महान, सबको सन्मति दे भगवान |

जातों नस्लों के बटवारे, झूठ कहाँ ये तेरे द्वारे
तेरे लिए सब एक समान, सबको सन्मति दे भगवान |

जनम का कोई मोल नहीं है, जनम मनुष्य का तोल नहीं है
करम से है सबकी पहचान, सबको सन्मति दे भगवान |

[Singer : Rafi, Composer : N.Dutta;  Producer : I.A.Nadiadwala;  Director : Khalid Akhtar]




ये रात बहुत रंगीन सही (शगुन -1964) Y eh Raat Bahut Rangeen Sahi (Shagoon -1964)

ये  रात बहुत रंगीन सही
इस रात में गम का जहर भी है
नगमों की खनक में डूबी  हुयी
फरियाद ओ फुगाँ की लहर भी है ।
तुम रक्स (नाच) करो, मैं शेर पढूं
मतलब तो है कुछ खैरात मिले
इस कौम के बच्चों की खातिर
कुछ सिक्कों की सौगात मिले
लेकिन इस भीख की दौलत से
कितने बच्चे पढ़ सकते हैं
इल्म और अदब की मंजिल के
कितने जीने चढ़ सकते है ।
दौलत की कमी ऐसी तो नहीं
फिर भी ग़ुरबत का राज है क्यों
सिक्के तो करोड़ों ढल-ढल कर
टकसाल से बाहर आते है
किन गारों में खो जाते हैं
किन परदों में छुप जाते हैं  ।
ये रात बहुत रंगीन सही
इस रात में गम का जहर भी है
नगमों की खनक में डूबी हुयी
फरियाद ओ फुगाँ की लहर भी है ।

I got another version of this ghazal in  one of the website, which is given below:

ये रात बहुत रंगीन सही
इस रात में गम का जहरभी है
नगमों की खनक मेंडूबी हुयी
फरियाद ओ फुगाँ कीलहर भी है ।

तुम रक्स (नाच) करो,  मैं शेर पढूं
मतलब तो है कुछ खैरात मिले
इस कौम के बच्चों कीखातिर
कुछ सिक्कों की सौगात मिले | 

सिक्के तो करोड़ों ढल-ढल कर
टकसाल से बाहर आते है
किन गारों में खो जाते हैं
किन परदों में छुप जाते हैं ।
ये जुल्म नहीं तो फिर क्या है,
पैसे से तो काले धंधे हों
और मुल्क की वारिस नस्लों की
तालीम की खातिर चंदे हों
अब काम नहीं चल सकने का
रहम और खैरात के नारे से
इस देश के बच्चे अनपढ़ हैं
दौलत के गलत बंटवारे से |
बदले ये निजाम ए जरदारी
कह दो ये सियासतदानो से
ये मसला हल होने का नहीं
कागज़ पर छपे ऐलानों से |
[Singer : Rafi, Composer : Khaiyyam, Production : Shaheen Art,  Director : Nazar, Actor : Wahida Rehman,  Kamaljeet]



March 19, 2012

देख तेरे भगवान की हालत क्या हो गयी इंसान ( रेलवे प्लेटफार्म -1955) Dekh tere bhagwan ki haalat kya ho gayi insaan (Railway Platform -1955)


देख तेरे भगवान की हालत क्या हो गयी इंसान
कितना बदल गया भगवान |
भूखों के घर में डेरा न डाले,
सेठों का हो मेहमान
कितना बदल गया भगवान |
उन्ही की पूजा प्रभु को प्यारी,
जिनके घर लक्ष्मी की सवारी
जिनका धंधा चोर बजारी,
हमको दे भूख और बेकारी,
इनको दे वरदान
देख तेरे भगवान की हालत क्या हो गयी इंसान |

सेठ -
       सुनकर इस पापी को तानो
       बदल न लीजो अपनों  ठिकानो
       हे भगवान हे भगवान
      मेरो थारो प्रेम पुरानो
      हम हैं थैले तुम हो खजानों
     भरते रहियो दास की झोली देते रहियो दान
     तुम्हारी जय जय हो भगवान
    तुम्हारी जय जय हो भगवान
    कितना बदल गया भगवान ..

धन वाले हैं बड़े मछंदर
सोने के बनवाएं मंदर
भगवन रहते इनके अन्दर
खरी-खरी कहता है कलंदर
बन बैठा है इस दुनिया में धर्म से धन बलवान
कितना बदल गया भगवान |
[Music : Madan Mohan, Producer : Saigal Production, Direction : Ramesh Saigal, Actor : Sunil Dutt, Manmohan Krishan]

खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार (नील कमल-1968) Khali dibba khali bottel le le mere yaar (Neel Kamal - 1968)

खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार
खाली से मत नफरत करना खाली सब संसार

बड़ा-बड़ा सा सर खाली डब्बा, बड़ा-बड़ा सा तन खाली बोतल
वो भी आधे खाली निकले जिन पे लगा था भरे का लेबल
हमने इस दुनिया के दिल में झाँका है सौ बार |
खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार ....

भरे थे तब बंगलों में ठहरे, खाली हुए तो हम तक पहुंचे
महलों की खुशियों के पाले, फुटपाथों के गम तक पहुंचे
इन शरणार्थियों के सर पे दे दे थोड़ा प्यार |
खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार....

खाली की गारंटी दूंगा, भरे हुए की क्या गारंटी
शहद में गुड के मेल का डर है,
घी के अन्दर तेल का डर है
तम्बाखू में घास का ख़तरा,
सेंट में झूटी बास का ख़तरा
मक्खन में चर्बी की मिलावट,
केसर में कागज की खिलावट
मिर्ची में ईंटों के घिसाई,
आटे में पत्थर की पिसाई
व्हिस्की अन्दर टिंचर घुलता,
रबड़ी  बीच बलोटिन तुलता
क्या जाने किस चीज़ में क्या हो,
गरम मसाला लीद भरा हो

खाली की गारंटी दूंगा, भरे हुए की क्या गारंटी
क्यों दुविधा में पड़ा है प्यारे,  झाड़ दे पाकिट खोल दे अंटी
छान पीस कर खुद भर लेना, जो कुछ हो दरकार
खाली डिब्बा खाली बोतल ले ले मेरे यार....

[Music : Ravi,  Singer : Manna Dey,  Producer : Pannalal Maheshwary,  Director : Ram Maheshwary,  Actor : Mahmood]






January 03, 2012

जागेगा इंसान ज़माना देखेगा (आदमी और इंसान -1969) Jaagega Insaan Zamaana Dekhega (Aadmi aur Insaan-1969)

जागेगा इंसान ज़माना देखेगा
उठेगा तूफ़ान ज़माना देखेगा

बहता चलेगा मीलों नहरों का पानी
झूमेगी खेती जैसे झूमे जवानी
चमकेगा देश हमारा मेरे साथी रे
आँखों में कल का नज़ारा मेरे साथी रे
नवयुग का वरदान ज़माना देखेगा |

फिरते थे मुल्को मुल्को झोली पसारे
अब से जियेंगे हम भी अपने सहारे
चमकेगा देश हमारा मेरे साथी रे
आँखों में कल का नज़ारा मेरे साथी रे
भरे हुए खलिहान ज़माना देखेगा |

फूटेगा मोती बनके अपना पसीना
दुनिया की कौमे हमसे सीखेगी जीना
चमकेगा देश हमारा मेरे साथी रे
आँखों में कल का नज़ारा मेरे साथी रे
कल का हिंदुस्तान ज़माना देखेगा
जागेगा इंसान ज़माना देखेगा |


(Composer: Ravi;   Singer : Mahender Kapoor;   Producer: B.R.Chopra,  Director : Yash Chopra;  Actor:  Dharmendra, Mumtaaz]

तोरा मन दर्पण कहलाये (काजल-1965) Tora Mann Darpan Kehlaye (Kaajal-1965)

प्राणी अपने प्रभु से पूछे किस विधि पाऊँ तोहे
प्रभु कहे तु मन को पा ले, पा जयेगा मोहे

तोरा मन दर्पण कहलाये
भले बुरे सारे कर्मों को, देखे और दिखाये
तोरा मन दर्पण कहलाये

मन ही देवता, मन ही ईश्वर, मन से बड़ा न कोय
मन उजियारा जब जब फैले, जग उजियारा होय
इस उजले दर्पण पे प्राणी, धूल न जमने पाये

सुख की कलियाँ, दुख के कांटे, मन सबका आधार
मन से कोई बात छुपे ना, मन के नैन हज़ार
जग से चाहे भाग लो कोई, मन से भाग न पाये

तन की दौलत ढलती छाया मन का धन अनमोल
तन के कारण मन के धन को मत माटी में रौंद
मन की क़दर भुलानेवाला हीरा जनम गवाये

[Singer : Lata Mangeshkar; Composer : Ravi, Production : Kalpanalok;  Direction :Ram  Maheshwary, Actor : Meena Kumari]




ज़िन्दगी तंग है (चंद्रकांता -1956) Zindagi Tang Hai (Chandrakanta - 1956)

ज़िन्दगी तंग है, ज़िन्दगी तंग है
मेरे शेरो उठो, ए दलेरो उठो, धर्म की जंग है,
ज़िन्दगी तंग है, ज़िन्दगी तंग है |

बुजदिलों  की तरह  हम बहुत जी लिए
खून के घूँट हमने बहुत पी लिए
जो न होना था वो जुल्म भी हो चुका
अपनी धरती पे आकाश भी रो चुका
मेरे शेरो उठो, ए दलेरो उठो, धर्म की जंग है,
ज़िन्दगी तंग है, ज़िन्दगी तंग है ।

अपनी तलवार फिर से संभालो ज़रा
अपने नेजों को  फिर से उठालो ज़रा
किसकी हिम्मत है जो आज रोके हमें
किस्म में  जुर्रत है आज जो टोके हमें 
मेरे शेरो उठो, ए दलेरो उठो, धर्म की जंग है,
ज़िन्दगी तंग है, ज़िन्दगी तंग है ।

हम अकेले नहीं, काफिले साथ है
हिम्मते साथ है हौसले साथ है
धरती माता के दिल की दुआ साथ है
अपने भगवान् का आसरा साथ है
मेरे शेरो उठो, ए दलेरो उठो, धर्म की जंग है,
ज़िन्दगी तंग है, ज़िन्दगी तंग है ।

तुमको तुम सब के भगवान् की है कसम
देवताओ के अपमान की है कसम
राजमहलो से अपरों  से नींद छीन लो
मौत के हाथ से ज़िन्दगी छीन लो
मेरे शेरो उठो, ए दलेरो उठो, धर्म की जंग है,
ज़िन्दगी तंग है, ज़िन्दगी तंग है

नन्ही लाशों से बहते लहू की कसम
कुंवारी अबलाओं की आबरू की कसम
माँओ बहनों की बेचारगी की कसम
तुमको तुम सब की मर्दानगी की कसम
जो भी होना है आज वो हो कर रहे
ख़त्म अन्याय का राज हो कर रहे
मेरे शेरो उठो, ए दलेरो उठो, धर्म की जंग है,
ज़िन्दगी तंग है, ज़िन्दगी तंग है ।

लानत  है उस माता कर जो कायर पूत जने
लानत उस पत्नी पर जिसका पति गुलाम बने
लानत उस तलवार पर जो न पाप के सर पे तने
लाखो अबलाओ की लाज खतरे में है
लाखो बहनों का मान आज खतरे में है
द्रौपदी दे रही है दुहाई उठो
आज सीता है दुःख की सताई उठो
भीम अर्जुन के सच्चे सपूतो उठो
घोर  कलयुग में सतयुग के दूतो उठो
कंस का राज जग से मिटाने चलो
आज रावन की लंका जलने चलो
आज रावन की लंका जलने चलो  ।

[Music : N.Dutta, Singer : Md. Rafi, Asha Bhonsle]


October 10, 2011

इतनी नाज़ुक न बनो (वासना -1968) Itni Nazuk na bano (Vaasna -1968)

इतनी नाज़ुक न बनो, इतनी नाज़ुक न बनो,
हद के अन्दर हो नजाकत तो अदा होती है
हद से बढ जाये तो आप ही अपनी सज़ा होती है |

जिस्म का बोझ उठाये नहीं उठता तुम से
जिंदगानी का कडा बोझ सहोगी कैसे
तुम जो हलकी सी हवाओं में लचक जाती हो
तेज झोंकों के थपेड़ों में रहोगी कैसे |

ये न समझो के हर एक राह में कलियाँ होंगी
राह चलनी है तो काँटों में भी चलना होगा
ये नया दौर है इस दौर में जीने के लिए
हुस्न को हुस्न का अंदाज़ बदलना होगा |

कोई रुकता नहीं ठहरे हुए राही के लिए
जो भी देखेगा वो कतरा के गुज़र जाएगा
हम अगर वक़्त के हमराह न चलने पाए
वक़्त हम दोनों को ठुकरा के गुजर जाएगा |


इतनी नाज़ुक न बनो, इतनी नाज़ुक न बनो |


[Singer: Md. Rafi, Composer : Chitragupta, Producer : Kuljit Pal;  Director : T.Prakash Rao,  Actor : Vishwajeet]