December 30, 2013

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी(आँखें -1968) Milti hai zindagi men muhabbat kabhi kabhi (Aankhen -1968)

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी
होती है दिलबरों की इनायत कभी कभी |

शरमा के मुँह न फेर नज़र के सवाल पर
लाती है ऐसे मोड़ पे क़िस्मत कभी कभी |

खुलते नहीं हैं रोज़ दरीचे बहार के
आती है जानेमन ये क़यामत कभी कभी |

तनहा न कट सकेंगे जवानी के रास्ते
पेश आएगी किसी की ज़रूरत कभी कभी |

फिर खो न जाएं हम कहीं दुनिया की भीड़ में
मिलती है पास आने की मोहलत कभी-कभी |

[Music : Ravi,  Singer : Lata Mangeshkar,  Producer/ Director : Ramanand Sagar, Actor : Mala Sinha, Dharmendra ]

वो ज़िन्दगी जो थी अब तेरी पनाहों में (नीलकमल -1968) Woh Zindagi Jo Thi Ab Tak Teri Panahon Mein (Neelkamal -1968)

वो ज़िन्दगी जो थी अब तेरी पनाहों में
चली है आज भटकने उदास राहों में |

तमाम उम्र के रिश्ते घड़ी में ख़ाक़ हुए
हम हैं दिल में किसी के  हैं निगाहों में |

ये आज जान लिया अपनी कमनसीबी ने
कि बेग़ुनाही भी शामिल हुई ग़ुनाहों में |

किसी को अपनी ज़रूरत हो तो क्या कीजे
निकल पड़े हैं सिमटने क़ज़ा की बाँहों में |

[Music : Ravi,  Singer : Asha Bhonsle, Producer : Pannalal Maheshwary,  Director : Ram Maheshwary, Actor : Wahida Rehman, Manoj Kumar]

बरबाद-ए-मोहब्बत की दुआ साथ लिए जा (लैला-मजनूं -1976) Barbaad-e-Muhabbat ki dua saath liye jaa (Laila Majnu-1976)

बरबाद--मोहब्बत की दुआ साथ लिए जा
टूटा हुआ इकरार--वफ़ा साथ लिए जा । 

इक दिल था जो पहले ही तुझे सौंप दिया था
ये जान भी ऐ जान--अदा साथ लिए जा । 

तपती हुई राहों से तुझे आँच न पहुँचे
दीवाने के अश्क़ों की घटा साथ लिए जा । 

शामिल है मेरा खून--जिगर तेरी हिना में
ये कम हो तो अब खून--वफ़ा साथ लिए जा । 

हम जुर्म--मुहब्बत की सज़ा पाएंगे तन्हा
जो तुझसे हुई हो वो ख़ता साथ लिए जा । 

[Composer : Madan Mohan, Singer : Md.Rafi, Producer : Seeru Daryani, Director : H.S.Rawail, Artist : Rishi Kapoor, Ranjita]

December 29, 2013

हम आप की आँखों में, इस दिल को बसा दें तो (प्यासा- 1957) Hum aapki aankon men is dil ko bada de to (Pyaasa- 1957)

हम आप की आँखों में इस दिल को बसा दें तो
हम मूँद के पलकों को इस दिल को सज़ा दें तो |

इन ज़ुल्फ़ों में गूँथेंगे हम फूल मुहब्बत के
ज़ुल्फ़ों को झटक कर हम ये फूल गिरा दें तो |

हम आपको ख्वाबों में ला ला के सतायेंगे
हम आप की आँखों से नींदें ही उड़ा दें तो |

हम आपके कदमों पर गिर जायेंगे ग़श खा कर
इस पर भी न हम अपने आंचल की हवा दें तो |



[Composer : S.D.Burman;  Singer : Md. Rafi, Geeta Dutt  Producer/Director : Guru Dutt;   Actor : Guru Dutt,  Mala Sinha]

ग़म इस क़दर बढ़े (प्यासा- 1957) Gam is kadar bade (Pyaasa- 1957)

ग़म इस क़दर बढ़े, के मैं घबरा के पी गया
इस दिल की बेबसी पे, तरस खा के पी गया |

ठुकरा रहा था मुझको, बड़ी देर से  जहां 
 
मैं आज सब जहां को, ठुकरा के पी गया | 

[Composer : S.D.Burman;  Singer : Md. Rafi,   Producer/Director : Guru Dutt;   Actor : Guru Dutt]

 

December 28, 2013

देखा है ज़िंदगी को, कुछ इतना करीब से ( इक महल हो सपनों का - 1975) Dekha hi zindagi ko kuchh itna kareeb se (Ek Mahal ho Sapno ka -1975)

देखा है ज़िंदगी को, कुछ इतना करीब से
चेहरे 
तमाम लगने लगे हैं अजीब से । 

कहने को दिल की बात जिन्हें ढूँढते थे हम
महफ़िल मे आ गये हैं वो अपने नसीब से । 

नीलाम हो रहा था किसी नाज़नीन का प्यार
क़ीमत नहीं चुकाई गई  इक ग़रीब से । 


तेरी वफ़ा की लाश पे ला मैं ही डाल दूँ
रेशम का ये कफ़न जो मिला है रक़ीब से ।



[Composer : Ravi,  Singer : Kishore Kumar, Director : Devender Goel, Actor : Dharmendra, Sharmila Tagore]  

ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात (बरसात की रात-1960) Zindagi bhar nahi bhoolegi vo barsaat ki raat (Barsaat ki Raat -1960)

ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात
एक अंजान मुसाफ़िर से मुलाक़ात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी

हाय जिस रात मेरे दिल ने धड़कना सीखा
शोख़ ज़ज्बात ने सीने में भडकना सीखा
मेरी तक़दीर से निकली वही सदमात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी

दिल ने जब प्यार के रंगीन फ़साने छेड़े 
आँखों आँखों ने वफ़ाओं के तराने छेड़े
सोग में डूब गई आज वही नग़मात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी

रूठनेवाली मेरी बात से मायूस ना हो
बहके-बहके से ख़यालात से मायूस ना हो
खत्म होगी ना कभी तेरे मेरे साथ की रात
ज़िंदगी भर नहीं ...


[Composer : Roshan,  Singer : Md. Rafi,  Production House : Shri Vishwabharthi Films,   Director : P.L.Santoshi,  Actor : Bharat Bhushan, Madhu Bala]
 

 

ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात (बरसात की रात-1960) Zindagi bhar nahi bhoolegi vo barsaat ki raat (Barsaat ki Raat -1960)

ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात
एक अंजान हसीना से मुलाकात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी ...

हाय वो रेशमी ज़ुल्फ़ों से बरसता पानी
फूल से गालों पे रुकने को तरसता पानी
दिल में तूफ़ान उठाते हुए हालात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी ...

डर के बिजली से अचानक वो लिपटना उसका
और फिर शर्म से बल खाके सिमटना उसका
कभी देखी न सुनी ऐसी तिलिस्मात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी ...

सुर्ख आंचल को दबाकर जो निचोड़ा उसने
दिल पे जलता हुआ इक तीर सा छोड़ा उसने
आग पानी में लगाते हुए हालात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी ...

मेरे नग़्मों में जो बसती है वो तस्वीर थी वो
नौजवानी के हसीं ख़्वाब की ताबीर थी वो
आसमानों से उतर आई थी जो रात की रात
ज़िंदगी भर नहीं भूलेगी ..


[Composer : Roshan,  Singer : Md. Rafi,  Production House : Shri Vishwabharthi Films,   Director : P.L.Santoshi,  Actor : Bharat Bhushan, Madhu Bala]

 

तंग आ चुके हैं कशमकश-ए-ज़िन्दगी से हम (लाइट हाउस -1958) Tang aa chuke hain kashmkash-e-zindagi se hum (Light House -1958)

तंग चुके हैं कशमकश--ज़िन्दगी से हम
ठुकरा ना दें जहां को कहीं बेदिली से हम |

लो आज हमने तोड़ दिया रिश्ता--उम्मीद
लो अब कभी गिला ना करेंगे किसी से हम |

गर ज़िन्दगी में मिल गये फिर इत्तफ़ाक़ से 
पूछेंगे अपना हाल तेरी बेबसी से हम |

आसमान वाले कभी तो निगाह कर 
अब तक ये ज़ुल्म सहते रहे खामोशी से हम |

[Composer : N.Dutta, Singer : Asha Bhonsle, Director : G.P.Sippy]


मुहब्बत तर्क की मैंने, गिरेबां सी लिया मैंने (दोराहा -1952) Muhabbat tark ki maine, gireban see liya maine (Doraha -1952)

मुहब्बत तर्क की मैंने, गिरेबां सी लिया मैंने
ज़माने अब तो खुश हो, ज़हर ये भी पी लिया मैंने |

अभी ज़िन्दा हूँ लेकिन, सोचता रहता हूँ ये दिल में
कि अब तक किस तमन्ना के सहारे जी लिया मैंने |

तुझे अपना नहीं सकता, मगर इतना भी क्या कम है
कि कुछ घड़ियाँ तेरे ख़्वाबों में खोकर जी लिया मैंने |

बस अब तो मेरा दामन छोड़ दो बेकार उम्मीदों
बहुत दुख सह लिये मैंने बहुत दिन जी लिया मैंने |


[Composer : Anil Biswas, Singer, Talat Mahmood, Producer : Progressive Pictures, Director : Bal Chhabra]