August 02, 2013

तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो (बाबर - 1960) Tum ek bar mohabbat ak imthaan to lo (Baabar - 1960)

तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो
मेरे जुनूं,  मेरी वहशत का इम्तहान तो लो |

सलाम--शौक़ पे रंजिश भरा पयाम  दो
मेरे  खुलूस को हिर्स-ओ-हवस का नाम  दो
मेरी वफ़ा की हक़ीकत का इम्तहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |

 तख़्त--ताज  लाल-- गोहर की हसरत है
तुम्हारे प्यार, तुम्हारी नज़र की हसरत है
तुम अपने हुस्न की अज़मत का इम्तिहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |

मैं अपनी जान भी दे दूँ तो ऐतबार नहीं
के तुम से बढ़के मुझे ज़िंदगी से प्यार नहीं
यूँ ही सही, मेरी चाहत का इम्तिहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |

[Composer : Roshan, Singer : Md Rafi, Director : Heman Gupta, Actor : Azra, Gajanan Jagirdar]

July 10, 2013

वो सुबह कभी तो आयेगी (फिर सुबह होगी - 1958) Wo subah kabhi to aayegi (Phir Subah Hogi-1958)

इन काली सदियों के सर से, जब रात का आंचल ढलकेगा
जब दुख के बादल पिघलेंगे, जब सुख का सागर छलकेगा
जब अम्बर झूम के नाचेगा, जब धरती नज़्में गायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी

जिस सुबह की खातिर जुग-जुग से, हम सब मर-मर कर जीते हैं
जिस सुबह के अमृत की धुन में, हम जहर के प्याले पीते हैं
इन भूखी प्यासी रूहों पर, इक दिन तो करम फर्मायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी

माना कि अभी तेरे मेरे, अरमानो की कीमत कुछ भी नहीं
मिट्टी का भी है कुछ मोल मगर, इन्सानों की कीमत कुछ भी नहीं
इन्सानों की इज्जत जब झूठे, सिक्कों में तोली जायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी

दौलत के लिये जब औरत की, इस्मत को बेचा जायेगा
चाहत को कुचला जायेगा, ग़ैरत को बेचा जायेगा
अपनी काली करतूतों पर, जब ये दुनिया शर्मायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी

बीतेंगे कभी तो दिन आख़िर, ये भूख के और बेकारी के
टूटेंगे कभी तो बुत आख़िर, दौलत की इजारादारी के
जब एक अनोखी दुनिया की बुनियाद उठाई जायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी

मजबूर बुढ़ापा जब सूनी, राहों की धूल फांकेगा
मासूम लड़कपन जब गंदी, गलियों भीख मांगेगा
ह़क मांगने वालों को जिस दिन, सूली दिखाई जायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी

फ़ाको की चिताओं पर जिस दिन, इन्सां जलाये जायेंगे
सीनों के दहकते दोज़ख में, अर्मां जलाये जायेंगे
ये नरक से भी गन्दी दुनिया, जब स्वर्ग बनाई जायेगी
वो सुबह कभी तो आयेगी

मनहूस समाजों ढांचों में जब जुर्म पाले जायेंगे
जब हाथ काटे जायेंगे जब सर उछाले जायेंगे
जेलों के बिना जब दुनिया की सरकार चलाई जायेगी
वो सुबह हमीं से आयेगी

संसार के सारे मेहनतकश, खेतो से, मिलों से निकलेंगे
बेघर, बेदर, बेबस इन्सां, तारीक बिलों से निकलेंगे
दुनिया अम्न और खुशहाली के, फूलों से सजाई जायेगी
वो सुबह हमीं से आयेगी

जब धरती करवट बदलेगी जब क़ैद से क़ैदी छूटेंगे
जब पाप घरौंदे फूटेंगे जब ज़ुल्म के बन्धन टूटेंगे
उस सुबह को हम ही लायेंगे वो सुबह हमीं से आयेगी
वो सुबह हमीं से आयेगी


[Composer : Khayyam;  Singer : Mukesh, Asha Bhonsle;   Producer : Parijat Pictures;  Director: Ramesh Saigal; Artist : Raj Kapoor, Mala Sinha]




July 09, 2013

ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं (इज्ज़त -1968) Yeh dil tum bin kahin lagta nahin (Izzat-1968)

ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं, हम क्या करें
तसव्वुर में कोई बसता नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो अब जाने वफ़ा, हम क्या करें । 

     लुटे दिल में दिया जलता नहीं, हम क्या करें
     तुम्ही कह दो, अब जाने-अदा, हम क्या करें । 

किसी के दिल में बस के दिल को तड़पाना नहीं अच्छा 
निगाहों को छलकते देख के छुप जाना नहीं अच्छा
उम्मीदों के खिले गुलशन को झुलसाना नहीं अच्छा
हमें तुम बिन कोई जंचता नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो अब जानेवफ़ा, हम क्या करें । 

     मुहब्बत कर तो लें लेकिन, मुहब्बत रास आये भी 
     दिलों को बोझ लगते हैं, कभी ज़ुल्फ़ों के साये भी
     हज़ारों ग़म हैं इस दुनिया में, अपने भी पराये भी
     मुहब्बत ही का ग़म तन्हा नहीं, हम क्या करें
     तुम्ही कह दो, अब जाने-अदा, हम क्या करें । 

बुझा दो आग दिल की या इसे खुल कर हवा दे दो 
      जो इसका मोल दे पाये, उसे अपनी वफ़ा दे दो
तुम्हारे दिल में क्या है बस, हमें इतना पता दे दो
के अब तन्हा सफ़र कटता नहीं, हम क्या करें | 


[Composer : Lakshmikant Pyarelal, Singer : Lata Mangeshkar, Md. Rafi, Producer/ Director : T.Prakash Rao; Actor : Dharmendra, Tanuja]

May 19, 2013

तुम न जाने किस जहाँ में खो गये (सजा - 1951) Tum na jane kis jahan me kho gaye (Sazaa - 1951)

तुम जाने किस जहां  में खो गये
हम भरी दुनिया में तनहा हो गये
तुम जाने किस जहां में ...

मौत भी आती नहीं

आस भी जाती नहीं,
दिल को ये क्या हो गया

कोई  शै  भाती नहीं,
लूट कर मेरा जहां,

छुप गये हो तुम कहाँ,
तुम कहाँ, तुम कहाँ, तुम कहाँ,
तुम जाने किस जहां में ...


एक जां और लाख ग़म
घुट के रह जाये दम,
आओ तुम को देख लें

डूबती नज़रों से हम,
लूट कर मेरा जहां छुप गये हो तुम कहाँ ,

तुम कहाँ, तुम कहाँ, तुम कहाँ
तुम जाने किस जहां में ...
 
[Composer : S.D.Burman, Singer : Lata Mangeshkar,  Producer : G.P. Sippy,  Director : Fali Mistry,  Actor : Nimmi]
 
[Note :This is the 2nd movie of Sahir, the first one being Naujawaan. Sahir got to write only one song for the movie. Other songs are by Rajinder Krishan. Even the casting of the movie mentions Rajinder Krishan only as lyricist]
 


May 18, 2013

बुझा दिये हैं खुद अपने हाथों (शगुन -1964) Bujha diye hain khud apno hathon (Shagoon -1964)

बुझा दिये हैं खुद अपने हाथों, मुहब्बतों के दिये जला के
मेरी वफ़ा ने उजाड़ दी हैं, उम्मीद की बस्तियाँ बसा के |

तुझे भुला देंगे अपने दिल से, ये फ़ैसला तो किया है लेकिन
दिल को मालूम है हम को, जियेंगे कैसे तुझे भुला के |

कभी मिलेंगे जो रास्ते में, तो मुँह फिरा कर पलट पड़ेंगे
कहीं सुनेंगे जो नाम तेरा, तो चुप रहेंगे नज़र झुका के |

सोचने पर भी सोचती हूँ,  कि ज़िन्दगानी में क्या रहेगा
तेरी तमन्ना को ख़त्म कर के, तेरे खयालों से दूर जाके |

[Composer : Khayyam, Singer : Suman Kalyanpur, Production : Shaheen Art,  Director : Nazar, Actor : Wahida Rehman, Kamaljeet]