तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो
मेरे जुनूं, मेरी वहशत का इम्तहान तो लो |
मेरे जुनूं, मेरी वहशत का इम्तहान तो लो |
सलाम-ए-शौक़ पे रंजिश भरा पयाम न दो
मेरे खुलूस को हिर्स-ओ-हवस का नाम न दो
मेरी वफ़ा की हक़ीकत का इम्तहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |
न तख़्त-ओ-ताज न लाल-ओ- गोहर की हसरत है
तुम्हारे प्यार, तुम्हारी नज़र की हसरत है
तुम अपने हुस्न की अज़मत का इम्तिहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |
न तख़्त-ओ-ताज न लाल-ओ- गोहर की हसरत है
तुम्हारे प्यार, तुम्हारी नज़र की हसरत है
तुम अपने हुस्न की अज़मत का इम्तिहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |
मैं अपनी जान भी दे दूँ तो ऐतबार नहीं
के तुम से बढ़के मुझे ज़िंदगी से प्यार नहीं
यूँ ही सही, मेरी चाहत का इम्तिहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |
के तुम से बढ़के मुझे ज़िंदगी से प्यार नहीं
यूँ ही सही, मेरी चाहत का इम्तिहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |
[Composer : Roshan, Singer : Md Rafi, Director : Heman Gupta, Actor : Azra, Gajanan Jagirdar]