May 14, 2013

मेरे नदीम मेरे हमसफ़र उदास न हो (भाई बहन-1959) mere nadeem mere humsafar udas na ho (Bhai Bahen -1959)

मेरे नदीम, मेरे हमसफ़र उदास हो
कठिन सही तेरी मंजिल उदास हो

हर इक तलाश  के रस्ते में मुश्किलें हैं मगर 
हर इक तलाश मुरादों के फूल लाती है 
हज़ार चाँद-सितारों का खून होता है 
तो एक सुबह फिजाओं में मुस्कुराती है 
मेरे नदीम, मेरे हमसफ़र....

कदम-कदम पे चट्टानें खड़ी रहें लेकिन
जो चल निकलते हैं दरिया तो फिर नहीं रुकते
हवाएं जितना भी टकरायें आंधियाँ बनकर
मगर घटाओं के परचम कभी नहीं झुकते
मेरे नदीम, मेरे हमसफ़र....

जो अपने खून को पानी बना नहीं सकते 
वो जिंदगी में नया रंग ला नहीं सकते
जो रास्तों के अंधेरे से हार जाते हैं
वो मंजिलों के उजालों को पा नहीं सकते
मेरे नदीम मेरे हमसफ़र....

[Composer : N.Dutta, Singer : Sudha Malhotra]
 

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