November 30, 2014

पयाम-ए-इश्क़ मुहब्बत हमें पसन्द नहीं (बाबर - 1960) Payam e isq muhabbat hamen pasand nahin (Baabar -1960)

पयाम--इश्क़ मुहब्बत हमें पसन्द नहीं
ये दिल्लगी, ये शरारत हमें पसन्द नहीं |

बजा नहीं था ये इज़हार बेक़रारी का
लिहाज़ कुछ तो किया होता पर्दादारी का
हया से इतनी बग़ावत हमें पसन्द नहीं
पयाम--इश्क़ मुहब्बत हमें पसन्द नहीं |

हमें तो हँस के सितारों ने भी नहीं देखा
नज़र मिला के बहारों ने भी नहीं देखा
किसी निगाह की जुर्रत हमें पसन्द नहीं
ये दिल्लगी, ये शरारत हमें पसन्द नहीं |

जो तख़्त--ताज के वारिस हैं उनका प्यार ही क्या
बदलने वाली निगाहों का ऐतबार ही क्या
हज़ूर की ये इनायत हमें
पसंद नहीं
पयाम--इश्क़ मुहब्बत हमें पसन्द नहीं |


[Composer : Roshan, Singer : Sudha Malhotra, Director : Hemen Gupta, Actor : Azra, Gajanan Jagirdar] 

उस जान-ए-दो-आलम का जलवा (नवाब साहब – 1978) Us jaan-e-do alam ka jalwa (Nawab Sahib -1978)

उस जान-ए-दो-आलम का जलवा 
पर्दे में भी है, बेपर्दा भी है 
गुस्ताख़ निगाहों का काबा  
पर्दे में भी है, बेपर्दा भी है | 
 
बैचेन रहे आशिक की नज़र 
थोड़ी सी मगर तस्कीन भी हो
उस पर्दानशीं का ये मंशा
अरे पर्दे में भी है, बेपर्दा भी है |
 
क्या हुस्न-ए-जमीं, क्या रंग-ए-फ़लक 
सब उसके करिश्मों की है झलकतारों में बसा है नूर उसका
फूलों में बसा है रंग उसका
हर रूप में शामिल रूप उसका
हर ढंग में शामिल ढंग उसका 
क्या हुस्न-ए-जमीं, क्या रंग-ए-फ़लक 
सब उसके करिश्मों की है झलक |
 
अव्वल भी वही, आखिर भी वही
ओझल भी वही, जाहिर भी वही
मंसूर वही, सरमद भी वही
लाहद भी वही, फरहद भी वही 
शोला भी वही, शबनम भी वही
सच ये है कि है खुद हम भी वही 
मख़लूक़ से ख़ालिक़ का रिश्ता
पर्दे में भी है, बेपर्दा भी है |
 
वो मालिक-ए-गुल महबूब मेरा
सुनता है हर इक धड़कन की सदा
जब उसका इशारा होता है 
तक़दीर संवरने लगती है 
मुद्दत के तरसते ख्वाबों की 
ताबीर उभरने लगती है 
वो मालिक-ए-गुल महबूब मेरा
सुनता है हर एक धड़कन की सदा |
सजदे में झुका कर सर अपना
मांगे जो कभी इंसान दुआ
हो जाती है हर मुश्किल आसां 
मिल जाती है दर्द-ए-दिल की दवा
वो मालिक-ए-गुल महबूब मेरा
सुनता है हर धड़कन की सदा
है उसकी ये खास-ओ-खास अदा
पर्दे में भी है, बेपर्दा भी है |
 

[Composer : C.Arjun, Singer :Md.Rafi, Manna Dey,  Producer : Satram Rohra, Director : Rajinder Singh Bedi, Actor : Parikshit Sahni, Rehana Sultan]
 

November 29, 2014

इक ख्वाबे तमन्ना भूले थे (नवाब साहब – 1978) Ek Khawabe tamanna bhule the (Nawab Sahib -1978)

इक ख्वाबे तमन्ना भूले थे, एक ख्वाबे तमन्ना फिर देखा
हालात की खूबी क्या कहिए, दिल फूँक तमाशा फिर देखा |

उल्फ़त के महकते गुलशन में, जो फूल खिले औरों ने चुने
अपनी तक़दीर में सहरा था, तक़दीर में सहरा फिर देखा |

पहले भी कहाँ दिलशाद थे हम, एक सहमी हुयी फरियाद थे हम
अरमानों की नीयत फिर देखी, ख्वाबों का जनाज़ा फिर |

हाँ उनकी खुशी में हम खुश हैं, इस रूह के सारे गम खुश हैं
खुद सेज सजा कर औरों की, आज अपने को तन्हा फिर देखा |

[Composer : C.Arjun, Singer :Asha Bhonsle,  Producer : Satram Rohra, Director : Rajinder Singh Bedi, Actor : Parikshit Sahni, Rehana Sultan]

 

November 22, 2014

दूर रह न करो बात (अमानत -1975) Door rah kar na karo baat (Amaanat -1975)

दूर रह न करो बात, करीब आ जाओ
याद रह जाएगी ये रात, करीब आ जाओ |

एक मुद्दत से तमन्ना थी तुम्हें छूने की
आज बस में नहीं जज़्बात, करीब आ जाओ |

सर्द झोंको से भड़कते हैं बदन में शोले
जान ले लेगी ये बरसात, करीब आ जाओ |

इस कदर हमसे झिझकने की जरूरत क्या है
जिंदगी भर का है अब साथ, करीब आ जाओ |

[Composer : Ravi, Singer : Md.Rafi, Producer : Shatrujeet Pal, Director : A.Bhim Singh, Actor : Manoj Kumar, Sadhna]
 

हर वक्त तेरे हुस्न का (चिंगारी -1971) Har waqt tere husn (Chngari -1971)

हर वक्त तेरे हुस्न का होता है समां और
हर वक्त मुझे चाहिए अंदाजे बयां और |

फूलों सा कभी नर्म है, शोलों सा कभी गर्म
मस्ताना अदा में कभी शोख़ी है, कभी शर्म
हर सुबह गुमां और है, हर रात गुमां और
हर वक्त तेरे हुस्न का होता है समां और |

भरने नहीं पाती तेरे जलवों से निगाहें
थकने नहीं पातीं तुझे लिपटा के ये बाहें
छू लेने से होता है तेरा जिस्म जवां और
हर वक्त तेरे हुस्न का होता है समां और |

[Composer : Ravi, Singer : Mahender kapoor Producer : Pannalal Maheswary, Director : Ram Maheswary, Actor : Sanjay Khan, Leena Chandavarkar]
 

November 13, 2014

प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं (कभी कभी -1976) Pyar kar liya to kya, pyar hai khata nahin (Kabhi kabhi -1976)

प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं
तेरी मेरी उम्र में किसने ये किया नहीं
प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं |

तेरे होंठ मेरे होंठ सिल गये तो क्या हुआ
दिल की तरह जिस्म भी मिल गये तो क्या हुआ
इससे पहले क्या कभी ये सितम हुआ नहीं
प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं |

मैं भी होशमंद हूँ, तू भी होशमंद है
उस तरह जियेंगे हम जिस तरह पसंद है
उनकी बात क्यूँ सुनें जिनसे वास्ता नहीं
प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं

रस्म क्या रिवाज़ क्या, धर्म क्या समाज क्या
दुश्मनों का खौफ़ क्यूँ ,दोस्तों की लाज क्या
ये वो शौक है कि जिससे कोई भी बचा नहीं
प्यार कर लिया तो क्या, प्यार है खता नहीं |

[Composer : Khayyam;  Singer: Kishore Kumar;   Producer/Director : Yash Chopra;   Actor : Rishi Kapoor, Neetu Singh]