December 17, 2017

चांद मद्दम है आसमां चुप है (रेलवे प्लैटफ़ार्म -1955) Chand Maddham hai, aasmaan chup hai (Railway Platform -1955)

चांद मद्दम है आसमां चुप है
नींद की गोद में जहां चुप है

दूर वादी में दूधिया बादल, झुक के परबत को प्यार करते है
दिल में नाकाम हसरतें लेकर, हम तेरा इंतज़ार करते हैं

इन बहारों के साये में आजा, फिर मुहब्बत जवां रहे न रहे
ज़िंदगी  तेरे  नामुरादों  पर कल तलक मेहरबां रहे न रहे

रोज़ की तरह आज भी तारे, सुबह की गर्द में न खो जाएं
आ तेरे गम में जागती आंखें, कम-से-कम एक रात सो जाएं 

चांद मद्दम है आसमां चुप है
नींद की गोद में जहां चुप है


[Music : Madan Mohan, Singer ; Lata Mangeshkar;  Producer : Saigal Production, Direction : Ramesh Saigal, Actor : Sunil Dutt, Nalini Jaywant]

November 16, 2017

वादा! हां वादा! जब तक अम्बर पर तारे हों (द बर्निंग ट्रेन -1980) Wada! Han Wada! Jab taka mbar par tare hon (The Burning Train – 1980)

वादा!        हां वादा!
जब तक अम्बर पर तारे हों और धरती पर फूल खिलें
इसी जगह और इसी तरह हम दो मतवाले रोज़ मिलें
करो वादा     हां जी! वादा

देखो अब बिछड़े न मिल के निगाह
      कहा है तो हम सदा करेंगे निबाह
तपी-तपी धुली-धुली सांसें हैं गवाह
      जिएं चाहे मरें अब घटेगी न चाह
जब तक नदियों में पानी हो और पेड़ों के हाथ हिलें
      इसी जगह और इसी तरह हम दो मतवाले रोज़ मिलें

देखो कल ढूंढे नहीं हमको ये राह
      जुदा हो के जीना हो तो जीना है ग़ुनाह
मिली रही सदा यूं ही बांहों की पनाह
      घटेगा न कभी मेरा प्यार है अथाह
फूल बिछे हों इस रस्ते में या कांटों से पांव छिलें
     इसी जगह और इसी तरह हम दो मतवाले रोज़ मिलें

[Composer :  R.D.Burman,  Singer : Asha Bhonsle, Producer: B.R.Chopra, Director : Ravi Chopra, Actor : Dharmendra, Hema Malini]


पहली नज़र में हमने तो अपना दिल दे दिया था तुमको ( द बर्निंग ट्रेन -1980) Pehli nazar men hamne to apna dil de diya tha tumko (The Burning Train – 1980)

पहली नज़र में हमने तो अपना
दिल दे दिया था तुमको
पर तुमने देर लगाई
रुक-रुक के बात बढ़ाई
वैसे तो हमने मिलते ही तुमसे
अपना लिया था तुमको
पर जान के बात छुपाई
ना कहके कदर बढ़ाई

देखा तुम्हें तो हमने सबसे नज़र उठा ली
खोने की चीज़ खो ली,
पाने की चीज़ पा ली
सीधे न सही, घूम के सही मिल तो गये हैं

हमने तुम्हारी खातिर, क्या-क्या किए बहाने
आसान नहीं मोहब्बत अब तो ये बात माने
छोड़ा नहीं दम, जैसे भी हो हम मिल तो गए हैं

लिखा था आस्मां पर, यूँ ही ये खेल होना
पहले नज़र उलझना, फिर दिल का मेल होना
छोड़ो ये गिले, जैसे भी मिले, मिल तो गये हैं

[Composer :  R.D.Burman,  Singer : Md. Rafi, Asha Bhonsle, Kishore Kumar, Usha Mangeshkar;  Producer: B.R.Chopra, Director : Ravi Chopra, Actor : Dharmendra, Hema Malini, Vinod Khanna, Parveen Bobby] 

मेरी नज़र है तुझ पे, तेरी नज़र है मुझ पे ( द बर्निंग ट्रेन -1980) Meri nazar hai tujh pe, teri nazar hai mujh pe (The Burning Train – 1980)

मेरी नज़र है तुझ पेतेरी नज़र है मुझ पे
इसीलिए रहते हैं दोनों खोए हुए
तेरे बिना जियरा माने ना
लगी अगन है ये कैसी हायजाने ना !

तेरे लिए कलियां मैं चुनती रहूं 
आशाओं की मालाएं बुनती रहूं
जागे में भी सपनों में खोई रहूं
सोते में भी आहट सी सुनती रहूं
ओ साजना! बालमा! मुझे क्या हो गया, जानू ना! 

मेरे बिना अब तू भी रह न सके
तेरे बिना अब मैं भी रह न सकूं  
हायमगर तू भी ये कह न सके
हाय! मगर मैं भी ये कह न सकूं 
जानेमन!  दफ़अतन दिल को ये क्या हुआजानूं ना ! 

[Composer :  R.D.Burman,  Singer : Asha Bhonsle, Producer: B.R.Chopra, Director : Ravi Chopra, Actor : Dharmendra, Hema Malini, Vinod Khanna, Praveen Bobby, ]

साहिर लुधियानवी के गीतों पर बात करते हुए सुनील भट्ट : निशस्त नई दिल्ली - मार्च 2017


August 13, 2017

गुम्बा-रुम्बा, गुम्बा-रुम्बा गेलो (लाइट हाउस - 1958) Gumba-Rumba, Gumba- Rumba Gelo (Light House -1958)

गुम्बा-रुम्बा, गुम्बा-रुम्बा गेलो
कल की बातें कल पर छोड़ो
आज मज़ा ले लो

      आ! तुझे कसम है

      आ! जहां का गम है
दिलवालों के इस मेले में मौज मना लो यारों
कस्टम-वस्टम, कल्चर वल्चर सबको गोली मारो
मुफ्त मिले जब दिल की खुशियाँ फिर तकलीफ़ें क्यों झेलो
मज़ा ले लो
गुम्बा-रुम्बा, गुम्बा-रुम्बा गेलो
     
      आ! नज़ारे हैं जवां
      आ! तू गुम है कहां
खिले खिले मुरझा न जाएं ये फूलों से चेहरे
इन फूलों को गूँथ के पहनो सर पर बांधों सेहरे
दुनिया तुम से खेल रही है तुम दुनिया से खेलो
मज़ा ले लो
गुम्बा-रुम्बा, गुम्बा-रुम्बा गेलो

[Composer : N.Dutta, Singer : Suman Kalyanpur, Mohd. Rafi, Director : G.P.Sippy]

किस जगह जाएँ, किसको दिखलाएँ (लाइट हाउस -1958) Kis jagah jayen, Kisko dekhlayen (Light House -1958)

हो किस जगह जाएँ
किसको दिखलाएँ
ज़ख़्म--दिल अपना

सारे जग में अपना कोई नहीं
सुख क्या दुख का सपना कोई नहीं
हो किस जगह जाएँ ...

दिल के अरमाँ पूरे हो न सके
हँसना कैसा खुल कर रो न सके
हो किस जगह जाएँ  


[Composer : N.Dutta, Singer : Asha Bhonsle, Director : G.P.Sippy]

मस्त पवन, मस्त गगन, मस्त है सारा समां (लाइट हाउस -1958) Mast pawan, mast gagan, masta hai sara samaan (Light House - 1958)

मस्त पवनमस्त गगनमस्त है सारा समां
अंग-अंग झूम उठेआज ऐसा रंग जमा

आज मेरी चूड़ियों के साज गुनगुना उठे
धूल  भरे रास्तों  में फूल  मुस्कुरा उठे
दिल में झिलमिलाने लगी आस की नन्हीं-सी शमा

सोई-सोई  ज़िंदगी  में  इक तरंग जाग पड़ी
करवटें बदल के दिल की हर उमंग जाग पड़ी
बिगड़ी हुई बात बनीजाता हुआ वक़्त थमा

[Composer : N.Dutta, Singer : Asha Bhonsle, Director : G.P.Sippy]

यूं तो हमने लाख हसीं देखे हैं (तुम सा नहीं देखा -1957) Yun to hamne lakh hasin dekhe hain (Tumsa Nahin Dekha - 1957)

यूं तो हमने लाख हसीं देखे हैं
तुम सा नहीं देखा

उफ! ये नज़र, उफ! ये अदाकौन न अब होगा फिदा
ज़ुल्फें हैं या बदलियां
आंखें हैं या बिजलियां
जाने किस-किसकी आएगी क़ज़ा

Note:
इस फिल्म में सिर्फ एक ही गीत साहिर का है, बाकी सभी गीत मजरूह सुल्तानपुरी के लिखे हैं |

(Composer : O.P.Nayyar, Singer Md. Rafi, Director : Nasir Hussain, Actor : Shammi Kapoor, Ameeta)

यूं तो हमने लाख हसीं देखे हैं (तुम सा नहीं देखा -1957) Yun to hamne lakh hasin dekhe hain (Tumsa nahin dekha - 1957)

यूं तो हमने लाख हसीं देखे हैं 
तुम सा नहीं देखा 
 
उफ! ये नज़र, उफ! ये अदा
कौन न अब होगा फिदा 
ज़ुल्फें हैं या बदलियां 
आंखें हैं या बिजलियां 
जाने किस-किसकी आएगी क़ज़ा  
 
तुम भी हसीं, रुत भी हसीं 
आज ये दिल बस में नहीं 
रास्ते खामोश हैं 
धड़कने मदहोश हैं 
पिये बिन आज हमें चढ़ा है नशा
 
तुम न अगर बोलोगे सनम 
मर तो नहीं जाएंगे हम 
क्या परी या हूर हो 
इतने क्यूं मगरूर हो 
मान के तो देखो कभी किसी का कहा

Note: इस फिल्म में सिर्फ एक गीत ही साहिर का है, बाकी सभी गीत मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे हैं |

(Composer : O.P.Nayyar, Singer Md. Rafi, Director : Nasir Hussain, Actor : Shammi Kapoor, Ameeta)