April 29, 2011

न तू जमीं के लिए है, न आसमां के लिए (दास्तान-1972) Na tu zameen ke liye hai, na asmaan ke liye (Dastaan -1972)

न तू जमीं के लिए है, न आसमां के लिए
तेरा वजूद है अब सिर्फ दास्तां  के लिए । 

पलट  के  सू-ए-चमन  देखने से क्या होगा
वो शाख ही ना रही, जो थी आशियां के लिए ।

गरज परस्त जहां में वफ़ा तलाश न कर
यह  शै बनी थी, किसी दूसरे जहां के लिए ।


[Composer : Laxmikant Pyare Lal, Singer : Md. Rafi;  Producer/Director : B.R.Chopra, Artist : Dilip Kumar ]


April 28, 2011

अपनी खातिर जीना है (धूल का फूल -1959) Apni khatir jeena hai (Dhool Ka Phool-1959)

अपनी  खातिर  जीना  है,   अपनी  खातिर  मरना है
होने दो जो होता है, अपने को क्या करना है |

जिनको जग की चिंता है, वो जग का दुख झेलेंगे
हम सडकों पर नाचेंगे फुटपाथों पर खेलेंगे
उनको आहें भरने दो जिनको आहें भरना है |

प्यार की शिक्षा मांगी तो लोगों ने दुत्कार दिया
आखिर हमने दुनिया को बूट की नोक से मार दिया
यूँ ही उमर गुजरना थी, यूँ ही उमर गुजरना है |

अपने जैसे बेफिक्रे और नहीं इस बस्ती में
दुनिया गम में डूबी है हम दुबे हैं मस्ती में
जीना है तो जीना है, मरना है तो मरना है |

[Music : N.Dutta ;  Singer : Mahender Kapoor, Sudha Malhotra;   Artist : Mohan Choti,  Producer : B.R.Chopra;  Director : Yash Chopra]

Note : With this movie, Yash Chopra started his career as a Director.





चाहे कोई खुश हो (टैक्सी ड्राइवर-1954) chahe koi khush ho (Taxi Driver-1954)

चाहे  कोई  खुश  हो  चाहे गालियाँ हज़ार दे
मस्त राम बन के जिंदगी के दिन गुजार दे .

पी के धांधली करूं, तो मुझको  जेल भेज दो
सूंघने में क्या है ये, जवाब थानेदार दे .

भाव अगर  बड़ा भी डाले सेठ यार गम न कर
खाए जा मजे के साथ जब तक उधार दे .
 
बाँट कर जो खाए उस पे अपने जानो दिल लुटा
जो बचाए माल उसको जूतियों का हार दे .

 
[Music : S. D. Burman ;  Singer: Rafi; Production House : Navketan Films;  Director : Chetan Anand; Artist : Dev Anand, Jonney Walker]


संसार की हर शै का इतना ही फ़साना है (धुंध-1973) Sansar ki har shai ka itna hi fasana hai (Dhundh-1973)

संसार की हर शै का इतना ही फ़साना  है   इक धुंध से आना है, इक धुंध में जाना है  |
ये राह कहाँ से हैये राह कहाँ तक है
ये राज़ कोई राहीसमझा है न जाना है |
इक पल की पलक पर है ठहरी हुयी ये दुनिया
इक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है |
क्या जाने कोई किस पर किस मोड़ पे क्या बीते
इस राह में ऐ राही हर मोड़ बहाना  है |
हम लोग खिलौने हैं, इक ऐसे खिलाडी के
जिसको अभी  सदियों तक ये खेल  रचाना है |  
[ Composer : Ravi, Singer : Mahender Kapoor,  Producer/Director : B.R.Chopra ]



April 27, 2011

अश्कों ने जो पाया है (चांदी की दीवार-1964) Ashkon ne jo paya hai (Chandi ki Deewar- 1964)

अश्कों ने जो पाया है  वो गीतों में दिया है
इस पर  भी सुना है के जमाने को गिला है  । 

जो  तार  से  निकली  है वो  धुन  सबने  सुनी  है
जो  साज़  पे  गुज़री  है  वो किस दिल  को  पता  है ।

हम फूल हैं औरों के लिए लाये हैं खुशबू
अपने लिए ले दे के इक दाग मिला है ।

[Composer : N.Dutta, Singer: Talat Mahmood,   Producer : B.R.Chopra, Director:  Dilip Bose ]


April 25, 2011

Some couplets from the songs of Sahir

जाने क्या  तूने  कही
जाने क्या मैंने सुनी,
बात कुछ बन ही गयी ॥

तेरी उम्मीद पे जीने से हासिल कुछ नहीं लेकिन
अगर यूँ भी न दिल को आसरा देते तो क्या होता ॥

कौन कहता है कि चाहत पे सभी का हक़ है
तू जिसे चाहे तेरा प्यार उसी का हक़ है ॥

तुम अगर मुझ को न चाहो तो कोई बात नहीं
तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी ॥

इश्क आज़ाद है, हिन्दू न मुसलमान है इश्क
आप ही धर्म, और आप ही ईमान है इश्क ॥

हम इंतजार करेंगे तेरा कयामत  तक
खुदा करे कि क़यामत हो और तू आये ॥

मैंने जज्बात निभाए हैं उसूलों की जगह
अपने अरमान पिरो लाया हूँ फूलों की जगह ॥


April 23, 2011

जिंदगी हंसने गाने के लिए है पल दो पल ( जमीर-1975) zindagi hasne gane ke liye hai pal do pal (Zameer- 1975)

जिंदगी हंसने  गाने के लिए है पल दो पल
इसे खोना नहीं,  खो के रोना नहीं...

तेरे गिरने में भी तेरी हार नहीं
कि तू आदमी है, अवतार नहीं
जो देश वो भेष बना प्यारे
चले जैसे भी काम चला प्यारे
प्यारे तू गम न कर ..

जहाँ सच न चले वहाँ झूठ  सही
जहाँ हक़ न मिले वहाँ लूट सही
यहाँ चोर हैं सब कोई साध  नहीं
दुःख ढूँढ ले सुख अपराध नहीं
प्यारे तू गम न कर..

जिंदगी हंसने  गाने के लिए है पल दो पल
इसे खोना नहीं, खो के रोना नहीं...

[Singer : Kishore Kumar;  Music : Sapan Chakravarty ;   Producer : B.R.Chopra;  Director: Ravi Chopra; Artist : Amitabh]

अपने अन्दर जरा झांक मेरे वतन (नया रास्ता - 1970) apne andar jara jhank mere watan (Naya Raasta -1970)

अपने अंदर जरा झांक मेरे वतन
अपने ऐबों को मत ढांक मेरे वतन

तेरा इतिहास है खूं में लिथड़ा हुआ,
तू
अभी तक है दुनिया में पिछड़ा हुआ
तूने
अपनों को अपना माना कभी
तूने
इन्सां को इन्सां जाना कभी
तेरे
धर्मों ने जातों की तकसीम की
तेरी
रस्मों ने नफरत की तालीम दी
वहसतों
का चलन तुझमें जारी रहा
नफरतों
का जुंनू तुझपे तारी रहा

 
रंग और नस्ल के दायरों से निकल
गिर चुका है बहुत देर अब तो संभल

तू द्राविड़ है या आर्य नस्ल है
जो भी है अब इसी ख़ाक.की फ़स्ल है
तेरे दिल से जो नफरत न मिट पाएगी

तेरे घर में गुलामी पलट आएगी
तेरी बरबादियों का तुझे वास्ता
ढूंढ़ अपने लिए अब नया रास्ता  |



[ Singer : Rafi; Composer  : N.Dutta; Producer : I.A.Nadiadwala; Director : Khalid Akhtar]





April 22, 2011

आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम (फिर सुबह होगी -1958) Aasmaan pe hai khuda aur zami pe hum (Phir subah hogi-1958)

आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम
आज कल इस तरफ देखता है  कम ..
आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम

आजकल किसी को वो टोकता नहीं
चाहे कुछ भी कीजिये रोकता नहीं
हो रही है लूटमार फट रहें हैं बम
आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम
आज कल इस तरफ देखता है  कम ..


किसको भेजे वो यहाँ खाक छानने
इस तमाम भीड़ का हाल जानने
आदमी हैं अनगिनत देवता हैं कम
आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम
आज कल इस तरफ देखता है  कम ..


जो भी है वो ठीक है फिर्क क्यों करे
हम ही सब जहान की फ़िक्र क्यों करें
जब उसे ही गम नहीं तो क्यों हमें हो  गम
आसमां पे है खुदा और जमीं पे हम
आज कल इस तरफ देखता है  कम ..

[Singer : Mukesh;  Composer : Khayyam;   Producer : Parijat Pictures;  Director: Ramesh Saigal; Artist : Raj Kapoor, Rahman ]



चीन ओ अरब हमारा (फिर सुबह होगी-1958) Chin o arab hamara (Phir Subah Hogi-1958)

चीन ओ अरब हमारा, हिन्दोस्तान हमारा
रहने को घर नहीं है, सारा जहां हमारा
चीन ओ अरब हमारा .…

खोली भी छिन गयी है, बेंचें भी छिन गईं हैं
सड़कों पे घूमता है, अब कारवाँ हमारा
जेबें हैं अपनी खाली, क्यों देता वरना गाली
वो संतरी हमारा, वो पासबां हमारा
चीन ओ अरब हमारा …

जितनी भी बिल्डिंगें थीं, सेठों ने बाँट ली हैं
फुटपाथ बंबई के हैं आशियाँ हमारा
होने को हम कलंदर, आते हैं बोरी बन्दर
हर एक कुली यहाँ है राजदा हमारा
चीन ओ अरब हमारा..

तालीम है अधूरी, मिलती नहीं मजूरी
मालूम क्या किसी को, दर्दे निहां हमारा
चीन ओ अरब हमारा…

पतला है हाल अपना, लेकिन लहू है गाडा
फौलाद से बना है, हर नौजवान हमारा
मिल-जुल के इस वतन को, ऐसा सजायेंगे हम
हैरत से मुंह तकेगा, सारा जहां हमारा
चीन ओ अरब हमारा...

[Singer : Mukesh;  Composer : Khayyam;   Producer : Parijat Pictures;  Director: Ramesh Saigal;  Artist : Raj Kapoor ] 


मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया (हम दोनों-1961) Main zindagi ka saath nibhata chala gaya (Hum Dono-1961)

मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया
हर फ़िक्र को धुएं में उडाता चला गया ।

बरबादियों  का सोग  मानना फ़िज़ूल था,
बरबादियों का जश्न मनाता चला गया ।

जो मिल गया उसी को मुक़द्दर समझ लिया
जो खो गया मैं  उसको भुलाता चला गया ।

ग़म और ख़ुशी में फर्क न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मुकाम पे लाता चला गया ।

हर  फ़िक्र को धुएं में उडाता चला गया ।

[Music : Jaidev; Singer : Md. Rafi;  Production House : Navketan Films; Director : Amarjeet; Actor : Dev Anand]





कभी खुद पे कभी हालात पे रोना आया (हम दोनों-1961) Kabhi khud pe kabhi halaat pe rona aaya (Hum Dono-1961)

कभी खुद पे कभी हालात पे रोना आया
बात निकली तो हरेक बात पे रोना आया ।

हम तो समझे थे के हम भूल गये हैं उनको
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया ।

किस लिये जीते हैं हम किसके लिये जीते हैं
बारहा ऐसे सवालात पे रोना आया ।

कौन रोता है किसी और के खातिर ऐ दोस्त
सबको अपनी ही किसी बात पे रोना आया ।

[Music : Jaidev;   Singer : Md. Rafi;  Production House : Navketan;   Director : Amarjeet;  Actor : Dev Anand]