September 17, 2015

किसका रस्ता देखे, ऐ दिल! ऐ सौदाई! (जोशीला -1973) Kiska rasta dekhe, ai dil! Ai saudai ! (Joshila – 1973)

किसका रस्ता देखे, दिल! सौदाई!
मीलों है खामोशी, बरसों है तन्हाई 
भूली दुनिया कभी की, तुझे भी मुझे भी
फिर क्यों आँख भर आई
किसका रस्ता देखे ...

कोई भी साया नहीं राहों में
कोई भी आएगा बाहों में
तेरे लिए, मेरे लिए कोई नहीं रोने वाला,
झूठा भी नाता नहीं चाहों में
तू ही क्यों डूबा रहे आहों में
कोई किसी संग मरे, ऐसा नहीं होने वाला
कोई नहीं जो यूँ ही जहाँ में बाँटे पीर पराई
किसका रस्ता देखे ...

तुझे क्या बीती हुई रातों से
मुझे क्या खोई हुई बातों से
सेज नहीं, चिता सही जो भी मिले सोना होगा,
गई जो डोरी छूट हाथों से
लेना क्या छूटे हुए साथों से
खुशी जहाँ माँगी तूने, वहीं मुझे रोना होगा
कोई तेरा, कोई मेरा, फिर किसकी याद आई
किसका रस्ता देखे ...

[Composer :   R.D.Burman, Singer : Kishore Kumar, Producer : Gulshan Rai, Director : Yash Chopra, Actor : Dev Anand, Hema Malini, Rakhi]

जो बात इशारों में कही, तुम नहीं समझे (जोशीला -1973) Jo baat isharon men kahi, tum nahi samjhe (Joshila – 1973)

जो बात इशारों में कही, तुम नहीं समझे
हमने तो हजारों में कही, तुम नहीं समझे

हमने ये चाहा था कदमों में बस रहते
लेकिन हम ये हसरत अपने मुंह से कैसे कहते
साँसों की पुकारों में कहीं तुम नहीं समझे

हमने नींदें हारीं तुमने चाहत जीती
भीगी रुत में तपते दिल पर तुम बिन जो-जो बीती
अश्कों की फुहारों में कहीं तुम नहीं समझे

[Composer :   R.D.Burman, Singer : Lata Mangeshkar, Producer : Gulshan Rai, Director : Yash Chopra]

[Note on Sahir : This song was recorded for the movie Joshila, but perhaps not used later]


महफिल में छुपाने पड़े जज़्बात किसी से (जोशीला -1973) Mehfil men chhupane pade jajbaat kisi se (Joshila – 1973)

महफिल में छुपाने पड़े जज़्बात किसी से
होकर भी न हो पाई, मुलाक़ात किसी से

दिन-रात कसक रहती है कुछ रोज से दिल में
ले बैठे हैं हम दर्द की सौगात किसी से

कुछ उनको तकल्लुफ सा है कुछ हमको हया सी  
ऐसे में जो होगी, तो हो क्या बात किसी से

वो रात जो भर देती है दामन में सितारे
मांगी हैं मेरे दिल ने वही रात किसी से     

[Composer :   R.D.Burman, Singer : Lata Mangeshkar, Producer : Gulshan Rai, Director : Yash Chopra]
 

पल दो पल का साथ हमारा ( द बर्निंग ट्रेन -1980) Pal do pal ka saath hamara (The Burning Train – 1980)

पल दो पल का साथ हमारा, पल दो पल के याराने हैं
इस मंज़िल पर मिलने वाले, उस मंज़िल पर खो जाने हैं
पल दो पल.......

नज़रों के शोख़ नज़राने, होंठों के गरम पैमाने
हैं आज अपनी महफ़िल में, कल क्या हो कोई क्या जाने
ये पल खुशी की जन्नत है, इस पल में जी ले दीवाने
आज की खुशियाँ एक हकीकत, कल की खुशियाँ अफसाने हैं
पल दो पल का साथ हमारा, पल दो पल के याराने हैं

हर खुशी कुछ देर की मेहमान है
पूरा कर ले दिल में जो अरमान है
जिंदगी इक तेज़ रौ तूफान है
इसका जो पीछा करे नादान है
गुमशुदा खुशियों पर क्यों हैरान है
वक़्त लौटे इसका कब इम्तहान है,
झूम जब तक झूम
झूम जब तक धड़कनों में जान है
झूमना ही जिंदगी की शान है
अव्वल आखिर हर कोई अंजान है
जिंदगी बस राह की पहचान है
दोस्तों अपना तो ये ईमान है
जो जितना भी साथ दे एहसान है
उम्र का रिश्ता जोड़ने वाले
अपने नज़र में दीवाने हैं
पल दो पल का साथ हमारा, पल दो पल के याराने हैं । 

[Composer :  R.D.Burman,  Singer : Mohammad Rafi, Asha Bhonsle , Producer: B.R.Chopra, Director : Ravi Chopra, Actor : Jitendra, Neetu Singh ]

August 24, 2015

तख़्त न होगा ताज न होगा (आज और कल -1963) Takht Na Hoga Taaj Na Hoga -(Aaj Aur Kal -1963)

तख्त न होगा, ताज़ न होगा, कल था लेकिन आज न होगा जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा |

लाखों की मेहनत पर कब्जा मुट्ठी भर धनवानों का
दीन-धरम के नाम पे खूनी बंटवारा इंसानों का
जिसका ये इतिहास रहा है, अब वो अंधा राज न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा |

जनता का फरमान चलेगा, जनता की सरकार बनेगी
धरती की बेहक आबादी, धरती की हकदार बनेगी
सामंती सरकार न होगी, पूंजीवाद समाज न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा |

मिल पर मजदूरों का हक़ है, खेतों पर दहकान का हक़ है
जीने पर पाबंदी क्यों हो, जीना हर इंसान का हक़ है
जय हो जनता राज कि जिसमें हुल्लड़ और नियाज़ न होगा
जिसमें सब अधिकार न पायें, वो सच्चा स्वराज न होगा

(हाइलाइट किए शब्दों को मैं ठीक से समझ नहीं पाया हूँ | पाठकगण कृपया मदद करें ) 

[Composer : Ravi;  Singer : Rafi, Geeta Dutt;  Production House : Panchdeep Chitra;  Director : Vasant Joglekar  Actor : Sunil Dutt, Tanuja]

 

July 16, 2015

दिल करता, ओ यारा दिलदारा! मेरा दिल करता (आदमी और इंसान -1969) Dil Karta, O yara Dildara! mera dil karta (Aadmi aur insaan -1969)

दिल करता
यारा ! दिलदारा मेरा दिल करता  
ऐसा कुछ कर पायें यादों में बस जायेँ  
यारा ! दिलदारा मेरा दिल करता  
सदियों जहान में हो चर्चा हमारा

जलती मसालें ले के मिलनी की रातों में 
आगे-आगे हम चलें, यारों की बारातों में
 हंसे कोई भोली-भाली अपनी भी  बातों में 
किसी की कलाई आये अपने भी हाथों में
सदियों जहान में हो चर्चा हमारा |

नित नई धूमे मचें, नित नये मेले हों  
परियों में घिरे रहें, कभी अकेले हों
गम की घटायेँ हों के खुशियों के रेले हों  
दोनों से निभाने वाले हम अलबेले हों  
सदियों जहान में हो चर्चा हमारा 

हम सा जियाला कोई मिले न हजारों में 
मरे चाहे जिये, रहें अगली कतारों में  
झलके हमारा लहू कल की बहारों में
अश्कों का तोहफा हो के बट जायें यारों में 
सदियों जहान में हो चर्चा हमारा

(Composer: Ravi;  Singer : Mahender Kapoor;  Producer: B.R.Chopra,  Director : Yash Chopra]
 

June 12, 2015

ऐ दिल जुबां न खोल सिर्फ देख ले (नाचघर-1959) Aye dil zuban na khol, sirf dekh le (Nachghar -1959)

ऐ दिल जुबां न खोल सिर्फ देख ले
किसी से कुछ न बोल सिर्फ देख ले |

ये हसीन जगमगाहटें,
आँचलों की सरसराहटें
ये नशे में झूमती ज़मीं
सबके पाँव चूमती ज़मीं
किस कदर है गोल सिर्फ देख ले
ऐ दिल जुबां न खोल सिर्फ देख ले |

कितना सच है, कितना झूठ है
कितना हक है, कितनी लूट है
रख सभी की लाज, कुछ न कह
क्या है ये समाज, कुछ न कह
ढ़ोल का ये पोल सिर्फ देख ले
ऐ दिल जुबां न खोल सिर्फ देख ले |

मान ले जहां की बात को
दिन समझ ले काली रात को
चलने दे यूं ही ये सिलसिला
ये न बोल किसको क्या मिला
तराजुओं का झोल सिर्फ देख ले
ऐ दिल जुबां न खोल सिर्फ देख ले |
 
[Composer : N.Dutta, Singer : Lata Mangeshkar, Producer : Kwality Pictures, Director : R.S.Tara] 
 

May 27, 2015

दिल का तराना गा ले (सोसाइटी -1955) Dil ka tarana ga le (Society -1955)

दिल का तराना गा ले, सोच न कर मतवाले
ये ज़िंदगानी, ये नौजवानी, ये शादमानी
फिर कहाँ, फिर कहाँ, फिर कहाँ ?

सारे जहन्नुम, सारी बहिश्तें, झूठे बहाने हैं
पहलू की जन्नत, जिंदा हकीकत, बाकी फसाने हैं
ये ज़िंदगानी, ये नौजवानी, ये शादमानी
फिर कहाँ, फिर कहाँ, फिर कहाँ ?

ये मस्त रातें, झूमे बारातें, जा के न आएंगी
इन महफ़िलों की, इन दिलबरों की यादें सताएंगी
ये ज़िंदगानी, ये नौजवानी, ये शादमानी
फिर कहाँ, फिर कहाँ, फिर कहाँ ?

तड़पें अचल है, मरना अटल है, मरने से पहले जी
लहरा के गा के, दुनिया पे छा के, मस्ती के सागर पी
ये ज़िंदगानी, ये नौजवानी, ये शादमानी
फिर कहाँ, फिर कहाँ, फिर कहाँ ?
 
[Composer ; S.D.Burman, Singer : Geeta Dutt, Director : Shahid Latif, Producer ; Ismat Chugtai]