October 29, 2013

Some Couplets from the songs of Sahir

तोरा मन दर्पण कहलाये
भले बुरे सारे कर्मो को देखे और दिखाए

           मन ही देवता
           मन ही ईश्वर
           मन से बड़ा कोय

वक़्त के आगे उड़ी कितनी तहजीबों की धूल
वक़्त के आगे मिटे कितने मजहब और रिवाज़

           आदमी को चाहिए वक़्त से डर कर रहे
           कौन जाने किस घडी वक्त का बदले मिजाज 
 

इक पल की पलक पे ठहरी हुई ये दुनिया
इक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है

                     हम लोग खिलोने हैं इक ऐसे खिलाडी के
          जिसको अभी सदियों तक ये खेल रचाना है

ये पाप है क्या ये पुण्य है क्या
रीतों पे धरम की मुहरें हैं,
हर युग में बदलते धर्मों को
कैसे आदर्श बनाओगे ?


October 11, 2013

प्यार पर बस तो नहीं है मेरा, लेकिन फिर भी (सोने की चिड़िया - 1958) Pyar par bas to nahi hai mera, lekin phir bhi (Sone ki chidiya -1958)

प्यार पर बस तो नहीं है मेरा, लेकिन फिर भी
तू बता दे के तुझे प्यार करूँ या ना करूँ |

मेरे ख़्वाबों के झरोखों को सजाने वाली
तेरे ख़्वाबों में कहीं मेरा गुज़र है के नहीं
पूछ कर अपनी निगाहों से बता दे मुझको
मेरी रातों के मुक़द्दर में सहर है के नहीं
प्यार पर बस तो नहीं है ...


कहीं ऐसा हो पाओं मेरे थर्रा जाएं
और तेरी मरमरी बाहों का सहारा मिले
अश्क बहते रहे खमोश सियाह रातों में
और तेरे रेशमी आंचल का किनारा मिले
प्यार पर बस तो नहीं है ...

[Composer : O.P.Nayyar,  Singer : Talat Mehmood, Asha Bhonsle,  Director : Shaheed Latif,  Producer : Ismat Chughtai, Actor : Nutan, Talat Mehmood]

August 02, 2013

सलाम-ए-हसरत क़ुबूल कर लो (बाबर - 1960) Saalam e hasrat kabool kar lo (Baabar -1960)

सलाम--हसरत क़ुबूल कर लो
मेरी मुहब्बत क़ुबूल कर लो  |

उदास नज़रें तड़प-तड़प कर, तुम्हारे जलवों को ढूँढती हैं
जो ख़्वाब की तरह खो गये, उन हसीन लम्हों को ढूँढती हैं
अगर हो नाग़वार तुमको, तो ये शिक़ायत क़ुबूल कर लो
सलाम-- हसरत क़ुबूल कर लो |

तुम्हीं निगाहों की जुस्तजू हो, तुम्हीं खयालों का मुद्दा हो
तुम्हीं मेरे वास्ते सनम हो, तुम्हीं मेरे वास्ते खुदा हो
मेरी परस्तिश की लाज रख लो, मेरी इबादत क़ुबूल कर लो
सलाम--हसरत क़ुबूल कर लो |

तुम्हारी झुकती नज़र से जब तक,  कोई पैग़ाम मिल सकेगा
रूह तस्क़ीन पा सकेगी दिल को आराम मिल सकेगा   
ग़म--जुदाई है जान लेवा, ये इक हक़ीकत क़ुबूल कर लो
सलाम--हसरत क़ुबूल कर लो |

(Composer : Roshan, Singer : Sudha Malhotra,  Director : Heman Gupta, Actor : Azra, Shobha Khote)

तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो (बाबर - 1960) Tum ek bar mohabbat ak imthaan to lo (Baabar - 1960)

तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो
मेरे जुनूं,  मेरी वहशत का इम्तहान तो लो |

सलाम--शौक़ पे रंजिश भरा पयाम  दो
मेरे  खुलूस को हिर्स-ओ-हवस का नाम  दो
मेरी वफ़ा की हक़ीकत का इम्तहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |

 तख़्त--ताज  लाल-- गोहर की हसरत है
तुम्हारे प्यार, तुम्हारी नज़र की हसरत है
तुम अपने हुस्न की अज़मत का इम्तिहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |

मैं अपनी जान भी दे दूँ तो ऐतबार नहीं
के तुम से बढ़के मुझे ज़िंदगी से प्यार नहीं
यूँ ही सही, मेरी चाहत का इम्तिहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |

[Composer : Roshan, Singer : Md Rafi, Director : Heman Gupta, Actor : Azra, Gajanan Jagirdar]