August 02, 2013

तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो (बाबर - 1960) Tum ek bar mohabbat ak imthaan to lo (Baabar - 1960)

तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो
मेरे जुनूं,  मेरी वहशत का इम्तहान तो लो |

सलाम--शौक़ पे रंजिश भरा पयाम  दो
मेरे  खुलूस को फ़िर तो हवस का नाम  दो
मेरी वफ़ा की हक़ीकत का इम्तहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |

 तख़्त--ताज  लाल-- गोहर की हसरत है
तुम्हारे प्यार, तुम्हारी नज़र की हसरत है
तुम अपने हुस्न की अज़मत का इम्तिहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |

मैं अपनी जान भी दे दूँ तो ऐतबार नहीं
के तुम से बढ़के मुझे ज़िंदगी से प्यार नहीं
यूँ ही सही, मेरी चाहत का इम्तिहान तो लो
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तहान तो लो |

[Composer : Roshan, Singer : Md Rafi, Director : Heman Gupta, Actor : Azra, Gajanan Jagirdar]

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