January 05, 2014

ये वादियाँ ये फ़िज़ाएं बुला रही हैं तुम्हें (आज और कल -1963) Ye wadiyan ye fizayen bula rahi hain tumhe (Aaj Aur Kal -1963)

ये वादियाँ ये फ़िज़ाएं बुला रही हैं तुम्हें 
खामोशियों की सदाएं बुला रही हैं
तुम्हें  |

तरस रहें हैं जवां फूल होंठ छूने को 
मचल-मचल के हवाएं बुला रहीं तुम्हें । 

तुम्हारी ज़ुल्फों से खुशबू की भीख लेने को
झुकी झुकी सी घटाएं बुला रही हैं
तुम्हें  |


हसीन चम्पई पैरों को जब से देखा है
नदी की मस्त अदाएं बुला रही हैं
तुम्हें  |

मेरा कहा ना सुनो
इनकी बात तो सुन लो
हर एक दिल की दुआएँ बुला रही हैं
तुम्हें  |

[Composer : Ravi;  Singer : Md.Rafi,  Production House : Panchdeep Chitra;  Director : Vasant Joglekar;  Actor : Sunil Dutt, Nanda]
 

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